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ईरान ने ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी से अपने राजदूत वापस बुलाए, ये है मामला

शनिवार को वे न्यूयॉर्क से लौट रहे थे, जहां वे पश्चिमी देशों को इस क़दम (प्रतिबंधों) को टालने के लिए मनाने में असफल रहे.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली और अंशुल सिंह

  1. शहबाज़ शरीफ़ के यूएन में दिए भाषण पर भारत ने दिया यह जवाब

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के भाषण का भारत ने संयुक्त राष्ट्र में जवाब दिया है. संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने कहा है कि 'यही पाकिस्तान था जिसने ओसामा बिन लादेन को एक दशक तक छिपाए रखा'.

    संयुक्त राष्ट्र में भारतीय स्थाई मिशन की फ़र्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा, "इस सभा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की बेतुका नौटंकी देखी, जिन्होंने एक बार फिर आतंकवाद का महिमामंडन किया, जो उनकी विदेश नीति का मूल हिस्सा है."

    उन्होंने कहा कि नाटक और झूठ का कोई भी स्तर सच्चाई को छिपा नहीं सकता.

    पहलगाम हमले का ज़िक्र करते हुए गहलोत ने कहा, "यह वही पाकिस्तान है जिसने 25 अप्रैल, 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में, जम्मू और कश्मीर में पर्यटकों पर हुए बर्बर नरसंहार के लिए रेज़िस्टेंस फ़्रंट (चरमपंथी संगठन) को जवाबदेही से बचाया."

    भारतीय राजनयिक ने कहा, "याद कीजिए, यही पाकिस्तान था जिसने ओसामा बिन लादेन को एक दशक तक छिपाए रखा, जबकि वह आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध में साझेदार होने का दिखावा कर रहा था."

    गहलोत ने कहा, "सच्चाई यह है कि पहले की तरह ही, भारत में निर्दोष नागरिकों पर आतंकवादी हमले के लिए पाकिस्तान ही ज़िम्मेदार है."

    प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के साथ शांति को लेकर भी प्रतिक्रिया दी जिसके बाद पेटल गहलोत ने उसका भी जवाब दिया है.

    गहलोत ने कहा, "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत के साथ शांति चाहने की बात कही है. अगर वह वाक़ई ईमानदार हैं तो रास्ता साफ़ है. पाकिस्तान को तुरंत सभी आतंकवादी कैंपों को बंद कर देना चाहिए और भारत में वांछित आतंकवादियों को हमें सौंप देना चाहिए."

    पाकिस्तानी पीएम ने क्या कहा था?

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए भारत पाकिस्तान के बीच जंग रुकवाने का श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया था.

    उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ने अपनी पूर्वी सीमा पर दुश्मन के उकसावे का जवाब दिया और पाकिस्तान ने भारत को पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच की पेशकश की थी."

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत पर पहलगाम की घटना का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

    उन्होंने कहा, "हमने भारत के साथ युद्ध जीत लिया है, अब हम शांति चाहते हैं और पाकिस्तान सभी लंबित मुद्दों पर भारत के साथ व्यापक और कारगर वार्ता करने के लिए तैयार है."

    हालांकि, भारत संघर्ष विराम में ट्रंप की भूमिका को कई बार ख़ारिज कर चुका है.

  2. इसराइली पीएम नेतन्याहू के भाषण पर हमास ने जारी किया बयान

    हमास का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू का भाषण 'गुमराह करने वाला' था.

    इसराइली पीएम नेतन्याहू ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया. जैसे ही नेतन्याहू मंच पर पहुंचे, कई देशों के प्रतिनिधि विरोध में हॉल से बाहर निकलने लगे.

    नेतन्याहू के भाषण के बाद हमास ने टेलीग्राम पर एक बयान जारी किया है.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, हमास ने इस बयान में कहा कि नेतन्याहू ने एक "गुमराह करने वाला" भाषण दिया, जिसमें "झूठ की एक लंबी लिस्ट" शामिल थी.

    बयान में कहा गया, "झूठ सच्चाई को नहीं बदल सकता और दुनिया अब इस बात को ज़्यादा जानती है कि इसराइल ग़ज़ा में क्या कर रहा है."

    हमास ने कहा, "हम दुनिया भर से अपील करते हैं कि वह ग़ज़ा में हत्या और तबाही को रोके."

    बयान में कहा गया, "इसराइल को ग़ज़ा से हटने के लिए मजबूर करें."

    साथ ही हमास ने बाक़ी देशों से फ़लस्तीन को एक देश के रूप में मान्यता देने की अपील की है.

    इसराइली पीएम ने क्या कहा?

    नेतन्याहू ने अपने भाषण में फ़लस्तीन को राष्ट्र का दर्जा देने को ‘सरासर पागलपन’ बताया और कहा कि कई देशों द्वारा मान्यता देना 'शर्मनाक' है.

    नेतन्याहू का कहना था कि इसराइल के लाउडस्पीकर ग़ज़ा में उनके भाषण का प्रसारण कर रहे हैं.

    उन्होंने हमास से कहा, "आप हथियार डाल दें, हमें अंदर जाने दें और बंधकों को छुड़ाने दें, वरना हम आपको ढूंढ निकालेंगे और मार डालेंगे."

    हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा, "हम आपको नहीं भूले हैं - एक पल के लिए भी नहीं. इसराइल के लोग आपके साथ हैं

  3. नमस्कार!

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