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शनिवार को वे न्यूयॉर्क से लौट रहे थे, जहां वे पश्चिमी देशों को इस क़दम (प्रतिबंधों) को टालने के लिए मनाने में असफल रहे.
इफ़्तेख़ार अली और अंशुल सिंह
अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता अंशुल सिंह को दीजिए इजाज़त.
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि परमाणु कार्यक्रम को लेकर वैश्विक प्रतिबंधों की बहाली 'आसमान टूटने जैसी स्थिति नहीं' है.
शनिवार को वे न्यूयॉर्क से लौट रहे थे, जहां वे पश्चिमी देशों को इस क़दम (प्रतिबंधों) को टालने के लिए मनाने में असफल रहे.
संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों की बहाली पर ईरान की तात्कालिक प्रतिक्रिया शनिवार को सामने आई, जब उसने ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी से अपने राजदूतों को सलाह-मशविरे के लिए वापस बुलाने का एलान किया.
ईरान ने चेतावनी दी है कि इससे भी सख़्त कदम उठाए जाएंगे.
पेज़ेश्कियान ने न्यूयॉर्क से रवाना होने से पहले ईरानी टीवी से कहा, "ये आसमान टूटने जैसा नहीं है. अगर हम कमज़ोर होंगे तो वे हमें कुचल देंगे. लेकिन अगर हम एकजुट रहेंगे तो इस संकट से डरने की ज़रूरत नहीं."
पेज़ेश्कियान न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल हुए थे.
सभी संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध शनिवार रात से लागू हो जाएंगे.
ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी यानी ई3 ने 30 दिन की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें उन्होंने ईरान पर 2015 के परमाणु समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया था. यह समझौता ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए हुआ था.
ईरान का कहना है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता.
उसने पश्चिमी देशों को चेताया है कि प्रतिबंधों की बहाली के 'गंभीर नतीजे' होंगे. हालांकि, पेज़ेश्कियान ने यह भी कहा है कि ईरान परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) से बाहर जाने का इरादा नहीं रखता.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, "संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों की वापसी का मतलब है कि इस्लामिक रिपब्लिक की पहले से जूझ रही अर्थव्यवस्था पर और बोझ बढ़ेगा. इसमें संपत्तियों को फ़्रीज़ करना, यात्रा पर पाबंदी, यूरोपीय प्रतिबंधों की वापसी और अगले हफ़्ते से अमेरिकी प्रतिबंधों का असर शामिल होगा."
तमिलनाडु विक्ट्री पार्टी के नेता विजय शनिवार को करूर में चुनाव प्रचार कर रहे थे. इस दौरान रैली में आई भीड़ में कई लोग बेहोश हो गए.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने एक्स पर इस घटना के बारे में बताया कि करूर से आ रही ख़बर चिंताजनक है.
उन्होंने लिखा, "मैंने पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी, माननीय स्वास्थ्य मंत्री एम. सुब्रमण्यम और ज़िलाधिकारी से संपर्क किया है ताकि भीड़ की वजह से बेहोश होकर अस्पताल में भर्ती हुए लोगों को तुरंत इलाज मिल सके."
उन्होंने यह भी कहा कि वे जनता से डॉक्टरों और पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील करते हैं.
स्वास्थ्य मंत्री एम. सुब्रमण्यम ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "करूर में विजय की रैली में भगदड़ में घायल हुए लोगों को अस्पताल ले जाया जा रहा है और उनका इलाज चल रहा है. मुख्यमंत्री के आदेश पर त्रिची से एक मेडिकल टीम करूर जा रही है. मैं भी आज रात करूर जा रहा हूं."
बीबीसी तमिल के मुताबिक़, भगदड़ में महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग बेहोश हो गए हैं. इन लोगों को करूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
तमिलनाडु के करूर में तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) के नेता विजय के प्रचार के दौरान उमड़ी भीड़ में कई लोग बेहोश हो गए.
तमिलनाडु विक्ट्री पार्टी के नेता विजय 27 सितंबर को करूर में चुनाव प्रचार कर रहे थे.
बीबीसी तमिल सेवा के मुताबिक़, भगदड़ में महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग बेहोश हो गए हैं. इन लोगों को करूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
इस बीच, करूर ज़िलाधिकारी ने भी अस्पताल का दौरा किया है.
पत्रकारों से बात करते हुए ज़िलाधिकारी एम. थंगावेल ने कहा, "करूर सरकारी अस्पताल के डॉक्टर पीड़ितों का इलाज कर रहे हैं. इस समय इसके अलावा और कुछ नहीं कहा जा सकता."
कांग्रेस पार्टी ने लद्दाख के वर्तमान हालात को लेकर चिंता जताई है और शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ़्तारी की निंदा की है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लद्दाख में हालात को लेकर सरकार की नाकामी और सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करती है."
"इस संकट की जड़ में बीजेपी की तरफ़ से लद्दाख के लोगों की उम्मीदों के साथ लगातार किया गया विश्वासघात है. बीजेपी ने क्षेत्र को छठी अनुसूची का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन दुख की बात है कि इस वादे को पूरी तरह से छोड़ दिया गया है."
खड़गे का कहना है, "एक साल से ज़्यादा समय से वहां अशांति है और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की लोगों की मांगों को ध्यान से सुनने के बजाय मोदी सरकार हिंसा से जवाब दे रही है."
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लद्दाख में सिर्फ शांति चाहती है. दशकों से हमने इस खूबसूरत सीमा क्षेत्र में सद्भाव और सुरक्षा बनाए रखी है, जिससे लोकतंत्र की भावना और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों को मज़बूती मिली है."
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू पर निशाना साधा है.
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "आज दुनिया में ज़ायनिस्ट शासन को सबसे ज़्यादा नफ़रत किया जाने वाला और अकेला पड़ चुका शासन माना जाता है."
इस पोस्ट में एक तस्वीर भी है जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेतन्याहू के भाषण के दौरान खाली कुर्सियां देखी जा सकती हैं.
दरअसल, शुक्रवार को इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने मंच पर पहुंचे थे.
जैसे ही नेतन्याहू मंच पर पहुंचे, कई देशों के प्रतिनिधि विरोध में बाहर निकलने लगे. असेंबली हॉल में बहुत सारी कुर्सियां खाली दिख रही थीं.
हालांकि, जनरल असेंबली हॉल के ऊपर बालकनी में बैठे कई लोगों ने खड़े होकर तालियों से नेतन्याहू का स्वागत किया था.
हाल ही में ब्रिटेन, फ़्रांस, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और पुर्तगाल जैसे देशों ने फ़लस्तीन को मान्यता दी है.
नेतन्याहू ने अपने भाषण में फ़लस्तीन को राष्ट्र का दर्जा देने को 'सरासर पागलपन' बताया और कहा कि कई देशों द्वारा मान्यता देना 'शर्मनाक' है.
उनका यह भाषण ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इसराइल को कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक पर नियंत्रण हासिल करने की अनुमति नहीं देंगे.
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है.
उद्धव ने कहा कि जिस व्यक्ति ने हमारी सेना के लिए सौर टेंट तकनीक विकसित की, उसे राष्ट्र-विरोधी करार दिया जा रहा है, जबकि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलने की अनुमति दी जा रही है.
वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के क़दम पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है. सोनम वांगचुक ने दुर्गम इलाक़ों में तैनात भारतीय सैनिकों के लिए सौर टेंट तकनीक विकसित की."
उन्होंने कहा, "जो हमारी सेना के लिए काम कर रहा है, उसे देश-विरोधी करार दिया गया है और एनएसए के तहत हिरासत में लिया गया है, जबकि आप पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेल रहे हैं, जो भारत में आतंक फैलाता है. यह किस तरह की देशभक्ति है?"
उद्धव ने लोगों से रविवार को एशिया कप के फ़ाइनल मुक़ाबले का बहिष्कार करने की भी अपील की, जिसमें भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीम आमने-सामने होंगी.
वांगचुक को शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था. उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल में रखा गया है.
पढ़ें पूरा मामला- सोनम वांगचुक गिरफ़्तार, इनोवेटर से आंदोलनकारी तक कैसा रहा सफ़र
भारत की शीतल देवी ने विश्व तीरंदाज़ी पैरा चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है.
दक्षिण कोरिया के ग्वांग्जू में हो रही इस प्रतियोगिता में शीतल देवी ने महिला कम्पाउंड ओपन फ़ाइनल में तुर्की से आने वालीं दुनिया की नंबर एक पैरा तीरंदाज़ ओजनूर क्यूर गिर्डी को 146-143 से हराया है.
गिर्डी तीन बार की विश्व चैम्पियन और 2024 पेरिस पैरालंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट हैं.
इस चैंपियनशिप में यह शीतल देवी का तीसरा मेडल है. इससे पहले शीतल और सरिता ने कंपाउंड महिला ओपन टीम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था.
इसके अलावा शीतल ने तोमन कुमार के साथ मिलकर कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी ब्रॉन्ज़ मेडल जीता.
शीतल देवी को फ़रवरी, 2025 में बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर 2024 में बीबीसी इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.
यह अवॉर्ड उन्हें भारत की सबसे कम उम्र की पैरालंपिक पदक विजेता के रूप में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के लिए दिया गया था.
अमेरिका में हिरासत में ली गईं 73 वर्षीय हरजीत कौर अब भारत पहुंच गई हैं. उनके वकील ने ख़ुद इसकी जानकारी दी है.
भारत पहुंचकर हरजीत कौर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत की. उन्होंने बताया, "उनका (अमेरिकी अधिकारियों) व्यवहार बहुत बुरा था. मुझे 8 सितंबर को गिरफ़्तार कर लिया गया. मुझे गिरफ़्तार करके बेकर्सफ़ील्ड ले जाया गया, जहां मैं 8-10 दिन रही. फिर मुझे एरिज़ोना ले जाया गया, जहां से मुझे दिल्ली भेज दिया गया."
हरजीत कौर ने अमेरिका में शरण के लिए की गई अर्जी में सफलता नहीं पाई थी. इसके बाद 8 सितंबर को अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) अधिकारियों ने गिरफ़्तार कर लिया.
उनके वकील दीपक अहलूवालिया का आरोप है कि कौर का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, फिर भी आईसीई अधिकारियों ने हिरासत के दौरान उनके साथ जो व्यवहार किया वो 'अस्वीकार्य' है.
बीबीसी को दिये पहले बयान में आईसीई ने कहा कि कौर ने 'दशकों तक क़ानूनी प्रक्रिया का इस्तेमाल कर लिया था' और 2005 में एक इमिग्रेशन जज ने उनके निर्वासन का आदेश दिया था.
आईसीई अधिकारियों का कहना है कि वह सिर्फ़ अमेरिकी क़ानून और जज के आदेश को लागू कर रहे हैं.
हरजीत कौर 1991 में अपने दो छोटे बच्चों के साथ पंजाब में राजनीतिक उथल-पुथल से बचने के लिए कैलिफ़ोर्निया चली गई थीं.
इस दौरान उन्होंने कई बार अमेरिका में शरण लेने की कोशिश की, लेकिन हर बार असफल रहीं.
बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा है कि भारत की टीम का परफ़ॉर्मेंस अच्छा है और उन्हें उम्मीद है कि टीम चैंपियन बनेगी.
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "एशिया कप में भारत की टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है. ख़ास तौर से हमारे युवा खिलाड़ी काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, "टीम का कॉम्बिनेशन काफी अच्छा है, हमें उम्मीद है कि भारत चैंपियन बनेगा."
रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई में एशिया कप का फ़ाइनल मुक़ाबला होने वाला है.
असम की बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ़) पार्टी ने बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद चुनावों में स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है.
बीपीएफ़ ने 40 सदस्यीय परिषद में 28 सीटें जीती हैं. बीपीएफ़ ने यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के गठबंधन को हराकर बोडोलैंड में यह जीत हासिल की है.
पिछली बार 2020 से सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा रही बीजेपी को इस बार केवल पांच सीटें ही मिली हैं.
साल 2016 के बाद यह पहली बार है जब पार्टी को राज्य के किसी भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. बोडोलैंड के चुनाव में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कई जनसभाएं और रोड शो किए थे और उनमें लोगों की अच्छी ख़ासी भीड़ भी जुटी थी. लेकिन नतीजों से बीजेपी की उम्मीदों को झटका लगा है.
राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार यूपीपीएल को इस बार केवल सात सीटों पर ही जीत मिली है. जबकि कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली है.
हाग्रामा मोहिलारी के नेतृत्व वाली बीपीएफ़ ने पिछली बार जीती गई 17 सीटों के मुक़ाबले सीटों की संख्या में बढ़ोतरी करते हुए पूर्ण बहुमत हासिल किया है.
इससे पहले बीपीएफ़ प्रमुख मोहिलारी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था, "बीटीसी में किंगमेकर की कोई ज़रूरत नहीं है. बीपीएफ़ अकेले अपने दम पर यहां सरकार बनाएगी."
बोडोलैंड चुनावी नतीजे के बाद मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हाग्रामा मोहिलारी हमारे सहयोगी हैं और पिछले पांच साल से वो बीजेपी सरकार का समर्थन करते आ रहे है. लिहाजा हाग्रामा की जीत एनडीए की जीत है."
मुख्यमंत्री ने हाग्रामा की जीत को आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए कहा,"बोडोलैंड में विधानसभा की 15 सीटें है और बीपीएफ़ की जीत से आप अनुमान लगा सकते है कि वहां हम कितना अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं."
असम विधानसभा चुनाव में सिर्फ़ छह महीने बाकी हैं, ऐसे में बोडोलैंड के नतीजों को राज्य में ख़ासकर आदिवासी और स्वायत्तशासी क्षेत्रों में बदलते राजनीतिक रुझानों से जोड़कर देखा जा रहा है. जानकार बीपीएफ़ को स्पष्ट बहुमत मिलने को क्षेत्रीय पहचान की राजनीति के पुनरुत्थान का संकेत बता रहे है.
भारत के संविधान के छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद के पांच ज़िलों को मिलाकर 40 सदस्यीय काउंसिल के लिए चुनाव 22 सितंबर को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए थे.
उत्तर प्रदेश की बरेली पुलिस ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल प्रमुख और मौलाना तौकीर रज़ा ख़ान को गिरफ़्तार कर लिया है.
पुलिस के अनुसार, यह गिरफ़्तारी बरेली में 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर पर हुए प्रदर्शन के हिंसा में बदलने को लेकर हुई है.
बरेली ज़िले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य और ज़िलाधिकारी (डीएम) अविनाश सिंह ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर हिंसा से जुड़ी जानकारियां दी हैं.
पत्रकारों से बातचीत में एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया, "अब तक कुल 10 एफ़आईआर दर्ज हुई हैं. थाना कोतवाली में पांच एफ़आईआर दर्ज हुई हैं. थाना बारादरी में दो एफ़आईआर दर्ज की गई हैं. थाना किलानगर और कैंट में एक-एक एफ़आईआर दर्ज की गई है."
एसएसपी के मुताबिक़, "इन एफ़आईआर में अब तक कुल घटना में शामिल आठ अभियुक्तों को गिरफ़्तार करके जेल भेजा गया है. इन अभियुक्तों के नाम हैं- मौलाना तौकीर रज़ा, सरफ़राज़, मनीफ़ुद्दीन, अज़ीम, मोहम्मद शरीफ़, मोहम्मद आमिर, रेहान और मोहम्मद सरफ़राज़."
बरेली पुलिस का कहना है कि इन आठ लोगों को गिरफ़्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. कुल 39 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा, "सात एफ़आईआर में मौलाना तौकीर रज़ा का नाम सामने आया है. हम इसे अपनी जांच का हिस्सा बनाएंगे."
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?
लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "आपने देखा होगा कल बरेली के अंदर, वह मौलाना भूल गया कि शासन किसका है."
उन्होंने कहा, "वह यह मानता था कि धमकी देंगे और हम ज़बरदस्ती जाम कर देंगे. हमने कहा 'जाम नहीं होगा और कर्फ़्यू भी नहीं लगेगा, लेकिन कर्फ़्यू का सबक ऐसा सिखा देंगे कि तुम्हारी आने वाली पीढ़ी दंगा करना भूल जाएगी'."
मुख्यमंत्री ने यूपी की पिछली सरकार पर तंज़ कसते हुए कहा, "2017 के पहले यूपी के अंदर यही होता था. 2017 के बाद हमने कर्फ़्यू भी नहीं लगने दिया."
क्या है मामला?
उत्तर प्रदेश के बरेली में जुमे की नमाज़ के बाद 'आई लव मोहम्मद' प्रदर्शन हिंसक झड़पों में बदल गया.
पुलिस के मुताबिक, 'आई लव मोहम्मद' के प्लेकार्ड लेकर आला हज़रात दरगाह और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल प्रमुख मौलाना तौक़ीर रज़ा ख़ान की अपील पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे. प्रशासन का कहना है कि इसकी अनुमति नहीं दी गई थी.
भीड़ शहर के ख़लील तिराहे से इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान की ओर बढ़ी तो पुलिस ने रोकने की कोशिश की और पथराव, झड़प और लाठीचार्ज की घटनाएं हुईं.
पुलिस के मुताबिक़, इस दौरान फ़ायरिंग भी हुई और पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए.
नमस्कार!
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दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 27 सितंबर से वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है. यह आयोजन पांच अक्तूबर तक चलेगा.
यह चैंपियनशिप भारत में पहली बार आयोजित की जा रही है.
इस प्रतियोगिता में 100 से अधिक देशों के लगभग 1200 खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है.
चैंपियनशिप में कुल 186 मेडल इवेंट होंगे. इसमें महिलाओं के लिए 84 मेडल इवेंट, पुरुषों के लिए 101 मेडल इवेंट और एक मिक्स्ड रिले इवेंट शामिल है.
भारत की ओर से इस चैंपियनशिप में 73 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें 19 महिलाएं और 54 पुरुष शामिल हैं.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने संयुक्त राष्ट्र की ओर से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दोबारा लागू करने की निंदा करते हुए इसे 'अनुचित और अवैध' बताया है.
संयुक्त राष्ट्र शनिवार से ईरान पर आर्थिक और सैन्य प्रतिबंध लगा रहा है. साल 2016 में ईरान और दूसरे देशों के बीच परमाणु समझौते पर पहुंचने के बाद यह प्रतिबंध हटा लिए गए थे.
इस समझौते के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी और सीमाएं तय करने के बदले तेहरान पर लगाए गए प्रतिबंधों में कुछ ढील दी गई.
हाल ही में ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सूचित किया कि ईरान समझौते की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने ईरान को समझौते का पालन करने के लिए 30 दिन का समय दिया था.
न्यूयॉर्क में महासभा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ईरानी राष्ट्रपति ने इन देशों पर आरोप लगाया कि वह क्षेत्र को आग में झोंकने के लिए बहाने तलाश रहे हैं.
उन्होंने यह साफ़ किया कि उनका देश 'परमाणु अप्रसार संधि' से पीछे नहीं हट रहा है.
हाल ही में इसराइल और अमेरिका ने ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमला किया था. इसके बाद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए के अधिकारियों को अपनी परमाणु ठिकानों तक पहुंचने से रोक दिया था.
हैदराबाद में मूसी नदी में उफान की वजह से शहर के निचले इलाक़ों में पानी भर गया है.
इससे इन इलाक़ों में रहने वाले एक हज़ार लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. अधिकारियों ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को इसकी जानकारी दी.
अधिकारियों के मुताबिक़ बाढ़ का पानी महात्मा गांधी बस स्टेशन में भी घुस गया, जो तेलंगाना का एक बड़ा बस टर्मिनल है.
पानी भरने के कारण प्रशासन ने बस का इंतज़ार कर रहे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और बस सेवाएं रोक दीं.
उत्तर प्रदेश के बरेली में 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर को लेकर हुए प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि '2017 के बाद हमने कर्फ़्यू नहीं लगने दिया.'
लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा, "अपने देखा होगा कल बरेली के अंदर, वह मौलाना भूल गया कि शासन किसका है."
उन्होंने कहा, "वह यह मानता था कि धमकी देंगे और हम ज़बरदस्ती जाम कर देंगे. हमने कहा 'जाम नहीं होगा और कर्फ़्यू भी नहीं लगेगा, लेकिन कर्फ़्यू का सबक ऐसा सिखा देंगे कि तुम्हारी आने वाली पीढ़ी दंगा करना भूल जाएगी'."
मुख्यमंत्री ने यूपी की पिछली सरकार पर तंज़ कसते हुए कहा, "2017 के पहले यूपी के अंदर यही होता था. 2017 के बाद हमने कर्फ़्यू भी नहीं लगने दिया."
क्या है मामला?
उत्तर प्रदेश के बरेली में जुमे की नमाज़ के बाद 'आई लव मोहम्मद' प्रदर्शन हिंसक झड़पों में बदल गया.
'आई लव मोहम्मद' के प्लेकार्ड लेकर आला हज़रात दरगाह और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल प्रमुख मौलाना तौक़ीर रज़ा ख़ान की अपील पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे. प्रशासन का कहना है कि इसकी अनुमति नहीं दी गई थी.
भीड़ शहर के ख़लील तिराहे से इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान की ओर बढ़ी तो पुलिस ने रोकने की कोशिश की और पथराव, झड़प और लाठीचार्ज की घटनाएं हुईं.
पुलिस के मुताबिक़ इस दौरान फ़ायरिंग भी हुई और पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि वह कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो का वीज़ा रद्द करेगा.
विदेश मंत्रालय ने बताया है कि यह फै़सला 'उकसाने वाली हरकतों' के आधार पर लिया गया है.
ग़ौरतलब है कि न्यूयॉर्क में वामपंथी नेता पेट्रो ने सड़क पर फ़लस्तीन समर्थकों को संबोधित किया था.
न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी ने कोलंबियाई मीडिया के हवाले से कहा कि पेट्रो शुक्रवार रात को ही न्यूयॉर्क से कोलंबिया के लिए रवाना हो चुके थे.
इस हफ़्ते की शुरुआत में पेट्रो ने बीबीसी को एक इंटरव्यू दिया था.
इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि कैरेबियन सागर में कथित ड्रग-तस्करी नौकाओं पर अमेरिकी हवाई हमले 'तानाशाही की कार्रवाई' हैं.
उत्तर प्रदेश के कई शहरों में संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की ख़बर सामने आने के बाद यूपी सरकार ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.
अधिकारियों के साथ प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक की.
यूपी सरकार के सीएम कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इससे जुड़ी जानकारी दी है.
सीएम कार्यालय का कहना है कि "सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बस्ती और प्रयागराज, आदि जनपदों में ड्रोन के ज़रिए रेकी और चोरी की अफ़वाह फैल रही है."
कार्यालय के मुताबिक़, सीएम ने कहा, "अफ़वाह फैलाने वालों की गिरफ़्तारी हो और पुलिस लगातार गश्त करे."
साथ ही सीएम ने निर्देश दिए कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम के लिए कड़ी मॉनिटरिंग की जाए.
क्या मामला है?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाद अब पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में ड्रोन उड़ानों को लेकर ग्रामीणों में डर और संदेह बढ़ता जा रहा है.
लोगों का मानना है कि ड्रोन से पहले उनके इलाक़े का जायज़ा लिया जाता है और उसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाता है.
हालांकि पिछले महीने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था.
बीबीसी हिन्दी की ग्राउंड रिपोर्ट पढ़ें- उत्तर प्रदेश: ड्रोन देखकर क्यों मची खलबली, लोग रातों को जागकर कर रहे हैं पहरेदारी
भारत ने रूस से क़रीब 27 और भारतीय नागरिकों को रूसी सेना की सेवा से मुक्त करने की अपील की है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा, "हाल ही के दिनों में हमें पता चला कि कुछ और भारतीय नागरिकों ने रूसी सेना ज्वाइन कर ली है. यह बात हमें उनके परिवारों के ज़रिए पता चली."
उनका कहना है कि इस मामले को रूसी सरकार के साथ उठाया गया है ताकि जल्द से जल्द हमारे नागरिकों को वहां से रिहा कराया जा सके.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "हमारी जानकारी के अनुसार, क़रीब 27 भारतीय नागरिक वर्तमान में रूसी सेना में भर्ती हुए हैं. उन्हें हम वहां से निकालने की कोशिश कर रहे हैं."
इससे पहले भी भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों से रूसी सेना में शामिल होने के किसी भी ऑफ़र को स्वीकार न करने की अपील की थी.