You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

ट्रंप और मस्क बीच टकराव गहराया, अब तक क्या-क्या हुआ?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया के सबसे अमीर शख्सियतों में शामिल एलन मस्क के बीच असहमतियां अब खुलकर सामने आ गई हैं और इसने ज़ुबानी जंग की शक्ल ले ली है.

सारांश

लाइव कवरेज

कीर्ति रावत और सुरभि गुप्ता

  1. शी जिनपिंग से चर्चा के बाद डोनाल्ड ट्रंप बोले, जल्द करेंगे चीन का दौरा, लॉरा बिकर और रुथ कॉमरफ़ोर्ड, बीबीसी न्यूज़

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फ़ोन पर बात की है और अब वह चीन दौरे की योजना बना रहे हैं.

    उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अमेरिका आने का न्योता भी दिया है, हालांकि दोनों देशों ने अभी तक किसी यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

    वहीं चीनी मीडिया के मुताबिक़, व्हाइट हाउस के अनुरोध पर दोनों नेताओं के बीच फ़ोन पर बात हुई थी.

    ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि दोनों के बीच बातचीत डेढ़ घंटे तक चली और इस दौरान ज़्यादातर बातें व्यापार को लेकर हुई. साथ ही लिखा कि "इसका नतीजा दोनों देशों के लिए सकारात्मक रहा."

    ओवल ऑफ़िस में जर्मनी के चांसलर फ़्रिड्रिख़ मर्त्ज़ के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने बताया, "शी जिनपिंग ने मुझे चीन आने के लिए कहा और मैंने उन्हें अमेरिका आने का निमंत्रण दिया. हम दोनों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है."

    ट्रंप ने कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ चीन जाएंगे और उम्मीद है कि शी जिनपिंग भी अपनी पत्नी के साथ अमेरिका दौरे पर आएंगे.

    हालांकि, चीन की ओर से जारी बयान में सिर्फ़ ट्रंप को दिए गए निमंत्रण का ज़िक्र किया गया है, व्हाइट हाउस वाले न्योते की बात इसमें नहीं कही गई है.

    चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक़, बातचीत के दौरान शी जिनपिंग ने ट्रंप से कहा कि अमेरिका को चीन के ख़िलाफ़ उठाए गए नकारात्मक क़दमों को वापस लेना चाहिए.

    उन्होंने यह भी कहा कि चीन हमेशा अपने वादों को निभाता है और हाल ही में जेनेवा में जो समझौता हुआ है, दोनों पक्षों को उस पर कायम रहना चाहिए.

    दरअसल, दोनों देश एक दूसरे पर इस समझौते के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं. इस समझौते का मकसद दोनों के बीच लगने वाले टैरिफ़ को कम करना था. ट्रंप ने इस समझौते को 'टोटल रीसेट' कहा था.

    इसी साल फ़रवरी में ट्रंप ने कई देशों पर टैरिफ़ लगाए थे, हालांकि सबसे अधिक टैरिफ़ चीन पर लगाए गए थे. इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी सामान पर भारी टैरिफ़ लगाया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर और गहरा गया.

    इसके बाद मई के महीने में दोनों देशों ने जेनेवा में व्यापार समझौते को लेकर एक बैठक की थी.

    इस व्यापार समझौते के तहत, अमेरिका ने चीन से आयातित वस्तुओं पर लगने वाले शुल्क को 145 फ़ीसदी से घटाकर 30 फ़ीसदी कर दिया था. वहीं, चीन ने अमेरिकी वस्तुओं पर लगाए गए शुल्क को 125 फ़ीसदी से घटाकर 10 फ़ीसदी कर दिया था.

  2. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता कीर्ति रावत अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगी.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    बीबीसी हिंदी की कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं.