भारत ने तीसरे अंडर-19 वनडे मैच में साउथ अफ़्रीका को 233 रन से हराया, सिरीज पर 3-0 से कब़्जा

वैभव सूर्यवंशी ने 74 गेंदों में नौ चौकों और दस छक्कों की मदद से 127 रन बनाए वहीं एरॉन जॉर्ज ने 106 गेंदों पर 16 चौकों की मदद से 118 रन बनाए

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दीपक मंडल, इफ़्तेख़ार अली

  1. दिल्ली: तुर्कमान गेट स्थित मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने का पूरा मामला क्या है?, दिलनवाज़ पाशा, बीबीसी संवाददाता

    तुर्कमान गेट

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    इमेज कैप्शन, तुर्कमान गेट इलाके़ में बुधवार तड़के एमसीडी ने बुलडोज़र से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तुर्कमान गेट स्थित फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास बने अतिक्रमण को बीती रात ध्वस्त कर दिया गया.

    अतिक्रमण हटाने की ये कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई है.

    इस दौरान स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई और पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा.

    दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी निधिन वलसन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "क़रीब 25-30 लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव किया, जिसमें पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोट लगी है. स्थिति नियंत्रण में करने के लिए हमें आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. यहां एक बैंक्वेट हॉल और डिस्पेंसरी थी जिसे तोड़ा गया है. ये कार्रवाई रात में की गई है ताक़ि इससे स्थानीय लोगों को परेशानी ना हो."

    उन्होंने यह भी कहा है कि जिन लोगों ने पत्थरबाज़ी की है उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि हालात शांतिपूर्ण बने हुए हैं.

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    मस्जिद के पास बने अवैध हिस्से को हटाने के लिए बीती रात एमसीडी की टीम तीस से अधिक बुलडोज़र और ट्रक लेकर मौक़े पर पहुंची थी.

    इस मुद्दे पर मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई भी हुई और अब अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी. मस्जिद समिति को एमसीडी की कार्रवाई रोकने के लिए अदालत से राहत नहीं मिल सकी थी.

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    नवंबर में दिल्ली हाई कोर्ट ने मस्जिद के पास बने हिस्से को अवैध बताते हुए एमसीडी को अतिक्रमण हटाने के लिए तीन महीने का वक़्त दिया था.

    आदेश के मुताबिक़, मस्जिद के पास क़रीब 39 हज़ार वर्गमीटर क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण था.

    हालांकि, मस्जिद समिति इस ज़मीन पर अपना हक़ होने का दावा कर रही थी और इस आदेश के ख़िलाफ़ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी.

    तुर्कमान गेट

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    मस्जिद समिति से जुड़े जावेद ख़ान ने मंगलवार शाम बीबीसी से कहा था, "प्रशासन जिसे अपनी जगह बता रहा है वहां पहले क़ब्रिस्तान था. हम ज़मीन से जुड़े दस्तावेज़ अदालत में पेश करेंगे."

    हालांकि उन्होंने ये भी कहा था, "इस मामले में इकतरफ़ा सुनवाई हो रही है और हमारे पक्ष को सुना नहीं जा रहा है. यदि अदालत हमारे ख़िलाफ़ फ़ैसला देती है तो हम उसे उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे."

    अदालती कार्रवाई के बीच अतिक्रमण का हिस्सा बीती रात हटा दिया गया है.

  2. ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 36 लोगों की मौत- एचआरएएनए

    ईरान

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    एक मानवाधिकार संगठन के मुताबिक़, ईरान में पिछले 10 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 36 लोगों की मौत हो चुकी है.

    ईरान से बाहर स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (एचआरएएनए) ने बताया है कि मारे गए लोगों में 34 प्रदर्शनकारी थे, जबकि दो लोग सुरक्षा बलों से जुड़े थे.

    ईरानी अधिकारियों ने अब तक मौतों का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है, हालांकि उनका कहना है कि सुरक्षा बलों के तीन जवान मारे गए हैं.

    बीबीसी फ़ारसी अब तक 20 लोगों की मौत और उनकी पहचान की पुष्टि कर चुका है.

    एचआरएएनए के अनुसार, हिंसा के दौरान 60 से ज़्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं और 2,076 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    ये विरोध प्रदर्शन आर्थिक संकट के चलते शुरू हुए थे और अब देश के 31 में से 27 प्रांतों तक फैल चुके हैं.

  3. भाई ने बताया शरजील ने सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत ख़ारिज होने के बाद क्या कहा

    शरजील इमाम

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    इमेज कैप्शन, शरजील इमाम जेएनयू के छात्र रहे हैं जो जनवरी 2020 से जेल में हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    दिल्ली दंगों के साज़िश मामले में ज़मानत याचिका ख़ारिज होने पर शरजील इमाम के भाई मुजम्मिल इमाम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है.

    बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उमर ख़ालिद और शरजील इमाम की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी थी.

    हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने पाँच अन्य अभियुक्तों- गुलफ़िशा फ़ातिमा, मीरान हैदर, शिफ़ा उर रहमान, मोहम्मद सलीम ख़ान और शादाब अहमद को ज़मानत दे दी थी.

    मुजम्मिल इमाम ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर कहा, "शरजील भाई ने फ़ैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है."

    मुजम्मिल इमाम की ओर से जारी बयान के मुताबिक़, शरजील ने कहा, "मुझे इस बात की ख़ुशी है कि दूसरे लोगों को ज़मानत मिल गई है, हालांकि मैं इस बात की निंदा करता हूं कि उन्हें इतने लंबे समय तक अन्याय झेलना पड़ा."

    उन्होंने कहा, "जहां तक हमारी बात है, मेरा पक्का मानना है कि उमर और मुझे उस आंदोलन को संगठित करने और उसका नेतृत्व करने की सज़ा दी जा रही है, जो हाल के भारतीय इतिहास के सबसे अहम जन आंदोलनों में से एक था. यह फ़ैसला संगठित विरोध प्रदर्शनों को अपराध की श्रेणी में डालता है और किसी भी तरह की बाधा को आतंकी गतिविधि के रूप में देखता है. इससे आतंकवादी गतिविधियों और लोकतांत्रिक विरोध और असहमति के बीच का अंतर और भी धुंधला हो जाता है."

    व्यक्तिगत तौर पर अपनी चिंता ज़ाहिर करते हुए शरजील ने कहा, "मेरी इकलौती चिंता मेरी बुज़ुर्ग मां की शारीरिक और मानसिक सेहत को लेकर है. इसके अलावा मैं इस मामले को लेकर आशावादी हूं और मुझे भरोसा है कि आख़िरकार सच की जीत होगी. इंशाल्लाह, हम कामयाब होंगे."

  4. 'पीएम मोदी मुझसे ज़्यादा ख़ुश नहीं हैं'- ट्रंप

    ट्रंप और मोदी

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    इमेज कैप्शन, जब ट्रंप ने अपना दूसरा कार्यकाल संभाला था, तब प्रधानमंत्री मोदी उनसे मिलने वाले शुरुआती चौथे नेता थे (फ़ाइल फोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि रूस से तेल ख़रीदने को लेकर भारत पर लगाए गए टैरिफ़ की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे 'ज़्यादा ख़ुश नहीं हैं'.

    वॉशिंगटन डीसी में हाउस रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया, "प्रधानमंत्री मोदी मुझसे मिलने आए थे और कहा था, 'सर, क्या मैं आपसे मिल सकता हूं?' "

    ट्रंप ने कहा, "मेरे उनके साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं. लेकिन वे मुझसे ज़्यादा ख़ुश नहीं हैं, क्योंकि अब भारत को काफ़ी टैरिफ़ देने पड़ रहे हैं."

    अपने भाषण में राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर से दावा किया कि भारत ने रूस से तेल ख़रीदना कम कर दिया है.

    ट्रंप ने भारत पर कुल 50 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाया है, जिसमें 25 फ़ीसदी टैरिफ़ रूस से तेल ख़रीदने की 'सज़ा' के तौर पर है.

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने उन्हें बताया है कि वह पिछले पांच साल से अपाचे हेलीकॉप्टरों का इंतज़ार कर रहा है.

  5. दिल्ली: तुर्कमान गेट के पास अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची एमसीडी, झड़प की ख़बर

    दिल्ली पुलिस में डीसीपी निधिन वलसन (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट)

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    इमेज कैप्शन, दिल्ली पुलिस में डीसीपी निधिन वलसन (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट)

    राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके़ में फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास बुधवार तड़के एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) ने अतिक्रमण वाले इलाके़ में बुलडोज़र कार्रवाई की है. इस दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प की भी ख़बर है.

    तुर्कमान गेट इलाके़ में एमसीडी ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों पर आज सुबह अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया. पुलिस का कहना है कि इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाज़ी की.

    दिल्ली पुलिस में डीसीपी निधिन वलसन (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट) ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "कार्रवाई अभी भी जारी है. एमसीडी तोड़फोड़ कर रही है. हमने सुरक्षा के लिए अपने स्टाफ को तैनात किया है. कार्रवाई रात क़रीब 1 बजे शुरू हुई."

    डीसीपी निधिन वलसन के मुताबिक़, "एमसीडी ने हाई कोर्ट के आदेशों के अनुसार कब्ज़े वाली ज़मीन पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की. रात में पुलिस पर थोड़ी पत्थरबाज़ी हुई थी. हमने भीड़ को पीछे हटाने के लिए कम से कम बल का इस्तेमाल किया. इसके अलावा, पूरी प्रक्रिया बहुत सुचारू रूप से चली."

    पुलिस का कहना है कि इस दौरान 4–5 पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं.

    डीसीपी निधिन ने कहा, "जैसे ही हमें सीसीटीवी कैमरा फुटेज, ग्राउंड फुटेज और बॉडी कैमरा फुटेज मिलेगा, हम बदमाशों की पहचान करेंगे और क़ानूनी कार्रवाई करेंगे."

  6. वेनेज़ुएला में हमले के बाद ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?

    ग्रीनलैंड

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    इमेज कैप्शन, ग्रीनलैंड की आबादी क़रीब 57 हज़ार है. वहां 1979 से व्यापक स्तर पर स्वशासन लागू है, हालांकि रक्षा और विदेश नीति अब भी डेनमार्क के नियंत्रण में हैं

    व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका ग्रीनलैंड को हासिल करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें सैन्य बल का इस्तेमाल भी शामिल है.

    व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए सैन्य बल के इस्तेमाल समेत 'कई विकल्पों' पर चर्चा कर रहे हैं.

    एक बयान में व्हाइट हाउस ने बीबीसी से कहा कि ग्रीनलैंड को हासिल करना 'राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्राथमिकता' है.

    यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने तीन दिन पहले ही यह दोहराया था कि सुरक्षा कारणों से अमेरिका को ग्रीनलैंड 'चाहिए'.

    इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ़्रेडरिकसन ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की ओर से कोई भी हमला हुआ तो इसका मतलब नेटो का अंत होगा.

    व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा, "राष्ट्रपति और उनकी टीम इस अहम विदेश नीति लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई विकल्पों पर चर्चा कर रही है. और निश्चित तौर पर, कमांडर-इन-चीफ़ के पास अमेरिकी सेना का इस्तेमाल करना हमेशा एक विकल्प होता है."

    मंगलवार को यूरोप के छह सहयोगी देशों ने डेनमार्क के समर्थन में बयान जारी किया था.

    ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन और डेनमार्क के नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा, "ग्रीनलैंड वहां के लोगों का है, और डेनमार्क और ग्रीनलैंड ही अपने आपसी संबंधों से जुड़े मामलों पर फैसला कर सकते हैं."

  7. नमस्कार!

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