कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के मतगणना
से ठीक पहले कई क्षेत्रों में ईवीएम मशीनों को बदल देने के आरोप पर चुनाव आयोग ने
जवाब जारी किया है.
चुनाव आयोग ने कहा है कि भूपेश बघेल
ने ईवीएम मशीन बदलने के जो आरोप लगाए हैं वो तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.
भूपेश बघेल ने सोमवार रात सोशल
मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाते हुए कहा कि मतगणना से ठीक पहले कई क्षेत्रों
में मशीनों को बदल दिया गया है.
छत्तीसगढ़ के मुख्य चुनाव आयोग ने
कहा, "राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र के
कांग्रेस उम्मीदवार के साथ शेयर की गई ईवीएम मशीन की संख्या में कथित मिसमैच का
आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं है. जो मशीनें मतदान में इस्तेमाल की गईं, उन्हीं की लिस्ट साझा की गई है."
"मॉक ड्रिल के दौरान तकनीक ख़राबी के
कारण मशीनों को बदला गया था. उनकी लिस्ट भी उम्मीदवार के साथ साझा की गई थी."
चुनाव आयोग ने कहा, "मतदान एजेंटों ने मतदान शुरू होने से पहले ईवीएम को सील करने
के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पेपर सील पर साइन किए हैं."
"कैंडिडेट्स को मतदान से पहले और बाद
में दिए गए बैलेट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट के यूनिक
नंबर्स को साझा की गई लिस्ट के साथ वेरिफाई किया जा सकता है."
भूपेश बघेल ने क्या आरोप लगाया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर
पोस्ट भूपेश बघेल ने पोस्ट किया, "चुनाव
आयोग ने चुनाव में प्रयुक्त होने वाली मशीनों के नंबर दिए थे. इसमें बैलेट यूनिट,
कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट शामिल हैं. मेरे चुनाव क्षेत्र
राजनांदगांव मतदान के बाद फ़ॉर्म 17 सी में जो
जानकारी दी गई है उसके अनुसार, बहुत सी मशीनों
के नंबर बदल गए हैं. जिन बूथों पर नंबर बदले हैं उससे हज़ारों वोट प्रभावित होते
हैं."
बघेल ने लिखा, "और भी कई लोकसभा क्षेत्रों में यही शिकायतें मिली हैं. हम
राज्य निर्वाचन पदाधिकारी से शिकायत कर रहे हैं. चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए कि
किन परिस्थितियों में मशीनें बदली गई हैं और चुनाव परिणाम पर होने वाले असर के लिए
कौन ज़िम्मेदार होगा?"
उन्होंने एक्स पर बदले हुए नंबरों की
एक सूची भी जारी की है.