कांग्रेस नेता और लोक सभा में नेता
प्रतिपक्ष इन दिनों बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाल रहे हैं.
आज मुजफ़्फ़रपुर पहुंची
इस यात्रा में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी शामिल हुए.
इंडिया गठबंधन में डीएमके पार्टी एक
अहम साझेदार है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, यात्रा
के दौरान एक सभा में स्टालिन ने मतदाता सूची से नामों को हटाने को ख़तरनाक़
बताया.
स्टालिन ने अपना भाषण तमिल में दिया,
जिसे हिंदी में अनुवाद कर सुनाया गया. इस पर भीड़
ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया.
उन्होंने कहा, "बिहार का नाम आते ही हमें लालू प्रसाद यादव जी याद आते हैं. सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता ही उनकी पहचान है."
स्टालिन ने कहा कि ‘अगर बिहार विधानसभा चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हुए तो इंडिया गठबंधन
ज़रूर जीतेगा.’
डीएमके अध्यक्ष स्टालिन अपनी बहन और
पार्टी सांसद कनिमोझी के साथ बिहार पहुंचे थे.
राहुल गांधी के साथ इस यात्रा में उनकी बहन और वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, राजद नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी
यादव और भाकपा-माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य शामिल थे.
उधर, जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि रेवंत रेड्डी और एम.के. स्टालिन को 'बिहारियों के ख़िलाफ़' अपमानजनक बातों के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए.
उन्होंने कहा, "उन्होंने हैदराबाद और चेन्नई में बिहारी लोगों के ख़िलाफ़ बातें कहीं थीं. उदयनिधि स्टालिन ने कहा था कि बिहारी तमिलनाडु में मज़दूर बनकर काम करने और शौचालय साफ करने आते हैं. क्या बिहारी लोगों के बारे में उनकी यही सोच है?... उस समय तेजस्वी ने भी इसका विरोध किया था. आज जब वे उनके साथ हैं, तो इसके लिए वे क्या सफाई देना चाहते हैं?"
यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने कहा, "ट्रंप ने आज कहा कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध चल रहा था, तब मैंने नरेंद्र मोदी को फोन किया और उनसे कहा कि 24 घंटे के भीतर जो कुछ भी हो रहा है उसे रोक दें. और नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे नहीं, बल्कि सिर्फ पांच घंटे में सबकुछ रोक दिया.”
उन्होंने मीडिया पर पक्षपाती होने के आरोप लगाया और कहा कि न्यायपालिका में भी दलित, आदिवासी या पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व बहुत कम है.
उन्होंने आरोप लगाया, "बीजेपी का गुजरात मॉडल कोई विकास का नहीं, वोट चोरी का मॉडल है."