अयोध्या के राम मंदिर परिसर में कथित तौर पर नमाज़ पढ़ने की कोशिश, शख़्स को हिरासत में लिया गया

जम्मू-कश्मीर के एक व्यक्ति को अयोध्या में राम मंदिर परिसर के भीतर कथित तौर पर नमाज़ पढ़ने की कोशिश के बाद हिरासत में लिया गया है.

सारांश

लाइव कवरेज

चंदन कुमार जजवाड़े, सुमंत सिंह

  1. ट्रंप ने क्यों कहा- ईरान की सरकार बहुत बड़ी मुसीबत में

    ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा है कि 'हम उन्हें वहां मारेंगे जहाँ सबसे ज़्यादा दर्द होगा'

    ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर अपनी ताज़ा प्रतिक्रिया में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की सरकार "बहुत बड़ी मुसीबत" में है.

    उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि पिछले कुछ हफ़्तों में लोगों ने शहरों पर कब्ज़ा कर लिया है, जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था कि ऐसा सच में हो सकता है."

    ट्रंप ने दोहराया कि वह स्थिति पर क़रीब से नज़र रख रहे हैं.

    उन्होंने कहा, "मैंने बहुत मज़बूती से कहा है कि अगर वे (ईरान सरकार) पहले की तरह लोगों को मारना शुरू करते हैं, तो हम कार्रवाई करेंगे. हम उन्हें वहीं मारेंगे जहाँ सबसे ज़्यादा दर्द होगा."

    ट्रंप का कहना है, "इसका मतलब सेना की मौजूदगी नहीं है. इसका मतलब है उन्हें वहीं बहुत, बहुत ज़ोर से मारना जहाँ उन्हें दर्द होता है. इसलिए, हम नहीं चाहते कि ऐसा हो."

    ईरान में 13 दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था के बुरे हालात को लेकर शुरू हुए थे.

    मानवाधिकार समूहों के अनुसार इन प्रदर्शनों में हुई हिंसा में कम से कम 48 प्रदर्शनकारी और 14 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं. इसकी वजह से पूरे देश में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है.

  2. सचिन तेंदुलकर ने बताई इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग से जुड़ने की वजह

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    इमेज कैप्शन, भारत के मशहूर बल्लेबाज़ रहे सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट में कई रिकॉर्ड बनाए हैं

    इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (आईएसपीएल) सीज़न 3 के बारे में मशहूर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपनी राय रखी है.

    उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “ आईएसपीएल के साथ जुड़ने के पीछे मेरा मक़सद यह है कि हम भारत में खेल को बढ़ावा दे रहे हैं. भारत में खेल को बढ़ावा मिलना चाहिए, चाहे वह कोई भी खेल हो.”

    “मैंने पहले भी कहा है, हम एक खेल पसंद करने वाले देश हैं. ये ऐसे कदम हैं जहाँ युवा देख रहे हैं और आईएसपीएल का हिस्सा बनने की ख्वाहिश रखते हैं, जो एक अच्छा संकेत है.

    सचिन ने कहा, “मैंने बिल्कुल यही सोचा था और मेरे लिए इस लीग का हिस्सा बनना बहुत आसान फैसला था. साथ मिलकर, हम खेल को एक आंदोलन बना सकते हैं, और इसके पीछे यही सोच थी."

    आईएसपीएल 10-10 ओवरों का एक घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट है जो टेनिस बॉस से खेला जाता है.

    इस सीज़न के पहले मैच में शुक्रवार को ‘मुंबई माझी’ टीम ने श्रीनगर के वीर टीम को 13 रनों से हरा दिया.

  3. ख़ामेनेई ने ट्रंप की तुलना तानाशाह और घमंडी शासकों से की, दी ये चेतावनी

    ख़ामेनेई

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    इमेज कैप्शन, ईरान के सर्वोच्च नेता ने ट्रंप पर निशाना साधा है और चेतावनी भी दी है

    ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तुलना दुनिया के तानाशाह और घमंडी शासकों से की है.

    ख़ामेनेई ने सोशल मीडिया एक्स पर कई पोस्ट के ज़रिए अपनी बात रखी है, जिसमें ट्रंप पर भी निशाना साधा गया है.

    उन्होंने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति जो पूरी दुनिया के बारे में घमंड से फैसले करते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि दुनिया के तानाशाह और घमंडी शासक, जैसे फिरौन, निमरूद, मोहम्मद रज़ा पहलवी और ऐसे दूसरे शासकों का पतन तब हुआ जब उनका घमंड चरम पर था. उनका (ट्रंप) भी पतन होगा.”

    ख़ामेनेई ने दावा किया, “आज, ईरान क्रांति से पहले की तुलना में ज़्यादा सुसज्जित और हथियारों से लैस है. हमारी आध्यात्मिक ताकत और पारंपरिक हथियारों की तुलना पुराने समय से नहीं की जा सकती.

    पहले की तरह आज भी अमेरिका ईरान के बारे में अपनी समझ में ग़लत है.”

    ख़ामेनेई ने कहा कि सभी को पता होना चाहिए कि ईरान जिसे लाखों सम्मानित लोगों के बलिदान से बनाया गया था, तबाही मचाने वालों के सामने पीछे नहीं हटेगा.

    ख़ामेनेई ने कहा, “12-दिन के युद्ध में, हमारे देश के एक हज़ार से ज़्यादा नागरिक शहीद हुए. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने इसका आदेश दिया था. तो, उन्होंने मान लिया कि ईरानियों का खून उनके हाथों पर है. अब वह कह रहे हैं कि वह ईरानी राष्ट्र के साथ हैं.”

    ख़ामेनेई ने वेनेज़ुएला की घटना को लेकर भी ट्रंप पर निशाना साधा है.

    उन्होंने लिखा है, “आप देख सकते हैं कि उन्होंने लैटिन अमेरिका के एक देश को कैसे घेर लिया है और वहाँ कुछ कदम उठाए हैं. उन्हें शर्म भी नहीं आती और वे साफ-साफ कहते हैं कि यह तेल के लिए था..”

  4. ट्रंप ने कहा- भारत-पाकिस्तान संघर्ष में 8 विमान गिर चुके थे, ये भी किया दावा

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने ख़ुद को नोबेल शांति पुरस्कार का हक़दार बताया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ख़ुद को इतिहास में नोबेल शांति पुरस्कार का सबसे बड़ा दावेदार बताया है और एक बार फिर से दावा किया है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान समेत 8 युद्ध रुकवाए हैं.

    ट्रंप ने कहा, “मैंने 8 युद्ध ख़त्म कराए हैं. उनमें से कुछ बस शुरू होने ही वाले थे, जैसे भारत और पाकिस्तान के मामले में जहाँ पहले ही 8 जेट गिराए जा चुके थे. मैंने इसे बिना न्यूक्लियर हथियारों के बहुत जल्दी शांत करवा दिया.”

    डोनाल्ड ट्रंप ने ख़ुद को नोबेल शांति पुरस्कार का हक़दार भी बताया है.

    उन्होंने कहा, “इतिहास में मेरे अलावा मुझे कोई ऐसा नहीं दिखता जिसे नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए. किसी और ने युद्ध नहीं ख़त्म कराए हैं.”

    ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अमेरिका आकर सार्वजनिक बयान दिया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान और भारत के एक करोड़ लोगों की जान बचाई क्योंकि अगर युद्ध होता तो वह बहुत भयानक होने वाला था.

  5. ख़ामेनेई ने कहा, ट्रंप को खुश करने के लिए ईरान में प्रदर्शन कर रहे हैं उपद्रवी

    ख़ामेनेई

    इमेज स्रोत, Office of the Iranian Supreme Leader/WANA (West Asia News Agency)

    इमेज कैप्शन, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई

    ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा है कि सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी ऐसे उपद्रवी हैं जो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं.

    सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को "दंगा करने वाले" और "बदमाशों का झुंड" कहा है. उन्होंने कहा है कि ये लोग केवल "अमेरिका के राष्ट्रपति को खुश करने" की कोशिश कर रहे हैं.

    डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हैं. ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारा गया, तो अमेरिका ईरान पर "जोरदार हमला" करेगा.

    ख़ामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर सरकारी इमारतों को नष्ट करने का आरोप लगाया.

    ईरान में 13 दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं. ये प्रदर्शन देश की अर्थव्यवस्था के बुरे हालात को लेकर शुरू हुए थे. अब यह बीते कई साल का सबसे बड़ा प्रदर्शन बन गया है.

    इन प्रदर्शनों में ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक को ख़त्म करने की मांग उठ रही है और कुछ लोग राजशाही को फिर से बहाल करने की बात कर रहे हैं.

    मानवाधिकार समूहों के अनुसार इन प्रदर्शनों में हुई हिंसा में कम से कम 48 प्रदर्शनकारी और 14 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं. इसकी वजह से पूरे देश में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है.

  6. नमस्कार!

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