अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'ऐसे बंद नहीं होगा पेपर लीक', टेलीग्राम ने भी सरकार के क़दम की आलोचना की
पेपर लीक को रोकने के लिए टेलीग्राम पर एहतियातन अस्थायी प्रतिबंध लगाने के बाद इस मुद्दे पर कई लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ''मोदी सरकार की पेपर लीक रोकने की नीयत ही नहीं है. इसलिए इस तरह के बेतुके कदम उठाए जा रहे हैं. सेना के जहाज़ों से पेपर ट्रांसपोर्ट करना, टेलीग्राम बंद करना, क्या इन कदमों से पेपर लीक बंद होंगे? बिल्कुल नहीं.''
उन्होंने आरोप लगाया है कि पेपर लीक अरबों रुपये का धंधा है.
केजरीवाल ने टेलीग्राम मैसेंजर की एक पोस्ट को शेयर करते हुए यह टिप्पणी की है.
टेलीग्राम मैसेंजर ने इस पोस्ट में लिखा है, ''आपको सभी शॉपिंग मॉल भी बंद कर देने चाहिए क्योंकि उनमें से किसी एक में चोरी हो सकती है. और सड़कें भी बंद कर देनी चाहिए क्योंकि मैंने सुना है कि कोई तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चला रहा था.''
मंगलवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने बताया था कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'टेलीग्राम' पर 22 जून तक प्रतिबंध लगा दिया है. एजेंसी ने इस क़दम का स्वागत किया है.
एनटीए के मुताबिक़, सरकार ने यह क़दम 21 जून को होने वाली नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा से पहले लिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई और एएनआई ने एनटीए की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ साझा की है, जिसमें बताया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी एक्ट 2000 की धारा 69ए के तहत टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाया है.
इसके अलावा मंत्रालय ने टेलीग्राम को यह निर्देश भी दिया है कि भारत में पहले से पोस्ट किए गए मैसेज को एडिट करने की सुविधा 30 जून 2026 तक के लिए बंद की जाए.