ट्रंप व्हाइट हाउस में करेंगे सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और रोनाल्डो की मेज़बानी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की मेज़बानी करने वाले हैं, इस दौरान रोनाल्डो भी रहेंगे.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह, संदीप राय

  1. डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से ग़ज़ा प्लान पास होने पर क्या कहा

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों का धन्यवाद किया है

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से ग़ज़ा प्लान पास होने पर विश्व को बधाई देते हुए इसे एक 'ऐतिहासिक पल' बताया है.

    ट्रंप ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में यह सबसे बड़ी स्वीकृतियों में से एक होगा. इससे दुनियाभर में शांति बढ़ेगी. यह सचमुच एक ऐतिहासिक पल है."

    उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य देशों और उन देशों का भी धन्यवाद किया, जो कमिटी में शामिल नहीं थे लेकिन इस प्रस्ताव का मज़बूत से समर्थन कर रहे थे.

    ऐसे देशों में क़तर, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब, इंडोनेशिया, तुर्की और जॉर्डन शामिल हैं.

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ट्रंप के 20-सूत्रीय ग़ज़ा प्लान से जुड़े प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया है. इस योजना में तहत एक इंटरनेशनल स्टैबलाइजेशन फ़ोर्स (आईएसएफ़) के गठन का प्रावधान है.

    इस प्रस्ताव के मुताबिक़, आईएसएफ़ इसराइल और मिस्र के साथ मिलकर काम करेगी. यह फ़लस्तीनी पुलिस फ़ोर्स के साथ मिलकर सीमावर्ती इलाक़ों की सुरक्षा में मदद करेगी और हमास सहित अन्य सशस्त्र समूहों को स्थायी तौर पर डिसआर्म करने में मदद करेगी.

    हमास ने अमेरिका के इस प्रस्ताव को ख़ारिज किया है. उसका कहना है कि यह फ़लस्तीनियों के अधिकारों और मांगों को पूरा नहीं करता है.

  2. शेख़ हसीना को मिली मौत की सज़ा को भारत समेत दुनियाभर की मीडिया ने कैसे रिपोर्ट किया

    शेख़ हसीना

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    इमेज कैप्शन, दुनियाभर के मीडिया संस्थानों ने अदालत के फ़ैसले को ऐतिहासिक बताया (फ़ाइल फ़ोटो)

    बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को सोमवार को मौत की सज़ा सुनाई गई. इस ख़बर को दुनियाभर की मीडिया ने प्रमुखता से दिखाया.

    अमेरिकी अख़बार 'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने अपनी रिपोर्ट में किसी देश की पूर्व सरकार के शीर्ष नेता को किसी मामले में दोषी ठहराने और उसे सज़ा सुनाए जाने के मायने को बताते हुए इसका विस्तार से विश्लेषण किया है.

    ब्रिटेन के दैनिक अख़बार 'द गार्डियन' ने भी इस फ़ैसले के महत्व पर ज़ोर दिया. अख़बार ने बांग्लादेश में पिछले साल हुए राजनीतिक पतन और मानवाधिकार संगठनों की चिंताओं का भी ज़िक्र किया. इसके साथ ही उसने ट्राइब्यूनल के व्यापक सबूतों के बारे में भी रिपोर्ट किया.

    भारतीय अंग्रेज़ी अख़बार 'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' ने इस फ़ैसले से बांग्लादेश में अशांति की आशंका पर ज़ोर दिया. अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में क्षेत्रीय सुरक्षा, भारत की कूटनीतिक स्थिति और इस तथ्य पर बात की कि शेख़ हसीना अब भी भारत में हैं.

    वहीं, 'द हिंदू' ने कहा कि शेख़ हसीना को मौत की सज़ा सुनाना बांग्लादेश की राजनीति के नए दौर की शुरुआत है. अख़बार ने इस मसले का विश्लेषण किया है, जिसमें दक्षिण एशिया में व्यापक भू-राजनीतिक बदलावों और भारत-बांग्लादेश संबंधों का ज़िक्र है.

    पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक अख़बार 'डॉन' ने क्षेत्रीय स्थिरता, सीमा-पार तनाव और फ़ैसले के बाद संभावित हिंसा के जोखिम पर ज़ोर दिया.

    चीन की न्यूज़ एजेंसी शिन्हुआ ने इस घटनाक्रम की राजनीतिक व्याख्या करने से परहेज किया. एजेंसी ने सरकारी बयानों और क्षेत्रीय स्थिरता पर ध्यान दिया.

    वहीं, रूस की सरकारी एजेंसी तास ने भी अदालत के फ़ैसले, सरकारी संस्थाओं की प्रतिक्रियाएं और अदालत में शेख़ हसीना की अनुपस्थिति का ज़िक्र करते हुए रिपोर्ट किया.

    क़तर के अल-जज़ीरा ने इस मामले को कवर करने के लिए पूरे दिन लाइव ब्लॉग चलाया. इसमें अपडेट्स, विशेषज्ञों की टिप्पणी और ढाका के वीडियो दिखाए.

    दुनियाभर के मीडिया संस्थानों ने इस फ़ैसले को ऐतिहासिक बताया.

  3. ट्रंप के ग़ज़ा प्लान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का मिला समर्थन

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, हमास ने अमेरिकी प्रस्ताव को अस्वीकार किया है

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 20-सूत्रीय ग़ज़ा प्लान से जुड़े प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया है. इस योजना में एक इंटरनेशनल स्टैबलाइजेशन फ़ोर्स (आईएसएफ़) के गठन का प्रावधान है.

    अमेरिका का कहना है कि इस फ़ोर्स के लिए कई देशों ने सहयोग की पेशकश की है.

    इस प्रस्ताव के समर्थन में ब्रिटेन, फ़्रांस और सोमालिया सहित 13 देशों ने वोट किया. किसी भी देश ने इसके ख़िलाफ़ मतदान नहीं किया. वहीं रूस और चीन ने वोटिंग से दूरी बनाई.

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रस्ताव का पास होना 'युद्धविराम को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है.'

    वहीं, हमास ने प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया है. हमास का कहना है कि यह फ़लस्तीनियों के अधिकारों और मांगों को पूरा नहीं करता.

    प्रस्ताव के पास होने के बाद हमास ने टेलीग्राम पर लिखा, "यह योजना ग़ज़ा पट्टी पर एक अंतरराष्ट्रीय संरक्षक प्रणाली थोपती है, जिसे हमारी जनता और उनके गुट स्वीकार नहीं करते."

    हमास ने कहा, "ग़ज़ा पट्टी के भीतर अंतरराष्ट्रीय फ़ोर्स को टास्क और भूमिकाएं सौंपना, जिसमें प्रतिरोध को डिसआर्म करना शामिल भी है, उसकी निष्पक्षता को ख़त्म करता है."

    इस प्रस्ताव के मुताबिक़, आईएसएफ़ इसराइल और मिस्र के साथ मिलकर काम करेगी. यह फ़लस्तीनी पुलिस फ़ोर्स के साथ मिलकर सीमावर्ती इलाक़ों की सुरक्षा में मदद करेगी और हमास सहित अन्य सशस्त्र समूहों को स्थायी तौर पर डिसआर्म करने में मदद करेगी.

  4. रोहिणी आचार्य मामले में तेज प्रताप यादव बोले- 'बहन का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे'

    तेज प्रताप यादव

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    इमेज कैप्शन, तेज प्रताप ने कहा कि जिसने भी उनकी बहन के साथ दुर्व्यवहार किया है, उन्हें परिणाम भुगतने होंगे (फ़ाइल फ़ोटो)

    राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव और उनके सहयोगियों पर कई तरह के आरोप लगाए थे. अब इस मामले में लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की प्रतिक्रिया आई है.

    तेज प्रताप यादव ने कहा, "हमारी रोहिणी दीदी के साथ जो दुर्व्यवहार किया गया, उसने दिल को भीतर तक झकझोर दिया है. मेरे साथ जो हुआ, वह मैं सह गया. लेकिन मेरी बहन के साथ जो अपमान हुआ, वह किसी भी हाल में असहनीय है."

    उन्होंने कहा, "हम किसी भी हालत में अपनी बहन का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे. जयचंदों को इस दुर्व्यवहार का परिणाम ज़रूर चुकाना पड़ेगा!"

    बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी को मिली हार के बाद रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने का एलान किया और कहा कि उन्हें ऐसा करने के लिए संजय यादव और रमीज़ ने कहा है. ये दोनों तेजस्वी यादव के क़रीबी सहयोगी हैं.

    रोहिणी ने तेजस्वी यादव पर भी दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं.

    इस मामले में अब तक लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. वहीं राष्ट्रीय जनता दल का कहना है कि यह पारिवारिक मामला है, इस पर परिवार के लोग ही जवाब देंगे.

  5. बांग्लादेश: शेख़ हसीना को मौत की सज़ा के फ़ैसले पर अवामी लीग ने क्या कहा?

    शेख़ हसीना

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    इमेज कैप्शन, अवामी लीग ने कहा कि शेख़ हसीना पर चलाया गया मुक़दमा 'एक नाटक से ज़्यादा कुछ नहीं' है (फ़ाइल फ़ोटो)

    बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को सुनाई गई मौत की सज़ा को उनकी पार्टी अवामी लीग ने ख़ारिज कर दिया है. पार्टी ने एक बयान जारी कर अदालत के इस फ़ैसले को 'दुर्भावनापूर्ण और बदले की भावना' से प्रेरित बताया है.

    अवामी लीग ने कहा, "हमें भरोसा है कि बांग्लादेश की जनता, अवामी लीग और सभी मुक्ति संग्राम समर्थक ताक़तें इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ आंदोलन खड़ा करेंगी."

    इसके साथ ही अवामी लीग ने 18 नवंबर को बांग्लादेश में बंद का एलान किया है. पार्टी ने 19 से 21 नवंबर तक तक देश भर में विरोध प्रदर्शन की भी बात कही है.

    अवामी लीग ने अपने बयान में बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस और शेख़ हसीना को सज़ा सुनाने वाले ट्राइब्यूनल पर भी सवाल उठाए हैं.

    बयान में कहा गया, "एक निर्वाचित सरकार की जगह अवैध, असंवैधानिक, गैर-निर्वाचित फासीवादी यूनुस और उसके सहयोगियों ने ग़ैर-क़ानूनी ढंग से देश की सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया है. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों का उल्लंघन करते हुए एक अवैध ट्राइब्यूनल स्थापित किया."

    अवामी लीग ने कहा, "यह ट्राइब्यूनल पूरी तरह अवैध, दुर्भावनापूर्ण, बदनीयत और प्रतिशोध से प्रेरित है. यूनुस ने अवैध तरीक़े से हड़पी गई सत्ता को बचाने के लिए शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ यह हिंसक क़दम उठाया है."

    बयान में कहा गया कि शेख़ हसीना पर चलाया गया मुक़दमा 'एक नाटक से ज़्यादा कुछ नहीं' है.

  6. पुतिन के भारत दौरे से पहले जयशंकर और रूसी विदेश मंत्री की मुलाक़ात

    एस जयशंकर और सेर्गेई लावरोव

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    इमेज कैप्शन, भारत और रूस के बीच 23वीं वार्षिक शिखर बैठक होने वाली है

    भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस की राजधानी मॉस्को में रूसी विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव से मुलाक़ात की है. इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी पर बात हुई.

    इसके अलावा बैठक में भारत-रूस 23वीं वार्षिक शिखर बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा हुई.

    भारत और रूस के बीच 23वीं वार्षिक शिखर बैठक होने वाली है. इसके लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत का दौरा करेंगे.

    रूसी विदेश मंत्री से मुलाक़ात पर जयशंकर ने कहा, "विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव से मॉस्को में मुलाक़ात कर ख़ुशी हुई. इस दौरान व्यापार और निवेश, ऊर्जा, मोबिलिटी, कृषि, तकनीक, संस्कृति और द्विपक्षीय साझेदारी पर चर्चा हुई."

    उन्होंने बताया, "हमने क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर अपने विचार साझा किए. साथ ही 23वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की गई."

  7. नमस्कार!

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