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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की मेज़बानी करने वाले हैं, इस दौरान रोनाल्डो भी रहेंगे.
सुमंत सिंह, संदीप राय
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की मेज़बानी करने वाले हैं.
दोनों के बीच रक्षा समझौते, एआई निवेश और ग़ज़ा युद्ध पर बातचीत होने की उम्मीद है.
साथ ही मशहूर फ़ुटबॉल खिलाड़ी रोनाल्डो भी इस मुलाक़ात के दौरान रहेंगे.
एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है कि सऊदी फ़ुटबॉल क्लब अल-नस्र के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी व्हाइट हाउस में मौजूद रहेंगे.

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दौरे से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अमेरिका सऊदी अरब को एफ़-35 लड़ाकू विमान बेचेगा. उन्होंने कहा, "वे हमारे बेहतरीन सहयोगी रहे हैं."
2018 में पत्रकार जमाल ख़ाशोगी की सऊदी एजेंटों के हाथों हत्या के बाद, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का यह पहला अमेरिकी दौरा है.
अमेरिकी ख़ुफ़िया आकलन में कहा गया था कि प्रिंस मोहम्मद ने उस ऑपरेशन को मंज़ूरी दी थी. हालांकि वो इस आरोप से इनकार करते रहे हैं.
इस मुलाक़ात में ट्रंप, क्राउन प्रिंस पर इसराइल के साथ संबंध सामान्य करने का दबाव भी डाल सकते हैं, क्योंकि वह ग़ज़ा युद्ध के बाद एक व्यापक मध्य पूर्व शांति समझौते की कोशिश कर रहे हैं.
ट्रंप और क्राउन प्रिंस इससे पहले मई में रियाद में मिल चुके हैं. वहां अमेरिका ने सऊदी अरब को क़रीब 142 अरब डॉलर के हथियार बेचने पर सहमति जताई थी.
व्हाइट हाउस ने इसे इतिहास का "सबसे बड़ा रक्षा समझौता" बताया था, जो 600 अरब डॉलर के निवेश पैकेज का हिस्सा था. सऊदी अरब अमेरिकी हथियारों का सबसे बड़ा ख़रीदार है.

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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई के प्रत्यर्पण की खबरों पर, एनसीपी नेता और बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी ने प्रतिक्रिया दी है.
जीशान सिद्दीकी ने कहा, "मेरा परिवार अमेरिका में एक पीड़ित परिवार के रूप में दर्ज है. पीड़ित अधिसूचना से हमें अनमोल बिश्नोई के बारे में अपडेट मिलते हैं. आज हमें एक मेल मिला कि संघीय सरकार ने अनमोल बिश्नोई को 18 नवंबर को अमेरिका से निकाल दिया है."
उन्होंने कहा, "सवाल यह उठता है कि क्या उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया जा रहा है? मेरी केंद्र सरकार से पुरज़ोर अपील है कि उन्हें मुंबई वापस लाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उनसे पूछताछ हो और गिरफ्तारी हो."
जीशान सिद्दिकी ने कहा, "वो समाज के लिए ख़तरा हैं. मेरे पिता की हत्या में उनका नाम था. सलमान ख़ान के मामले में, उनका नाम बार-बार सामने आ रहा है. हमारे लिए यह जानना बहुत ज़रूरी है कि अनमोल बिश्नोई को ऐसा करने के लिए किसने कहा है."
उन्होंने कहा कि अनमोल बिश्नोई को मुंबई वापस लाना होगा और पूछताछ करनी होगी. भारत सरकार के पास ये मौका है कि वो उन्हें वापस लाए.

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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते में तनाव के बावजूद अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई है.
डोनाल्ड ट्रंप के कड़े टैरिफ़ के बावजूद, सितंबर के मुक़ाबले अक्तूबर में भारतीय निर्यात में 14.5% की वृद्धि हुई है.
ट्रंप प्रशासन ने बीते 27 अगस्त को भारत पर 50% टैरिफ़ लगा दिया था, जिसमें रूस से तेल ख़रीदने पर 25% जुर्माना भी शामिल है.
हालांकि ये टैरिफ़ लागू होने के बाद भारत के सबसे बड़े विदेशी बाज़ार को निर्यात में भारी गिरावट आई थी.
लेकिन ये बेहतर आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने अमेरिका से सालाना ज़्यादा एलपीजी आयात करने की रज़ामंदी दी है.
ट्रंप ने कई कृषि उत्पादों को रेसीप्रोकल टैरिफ़ से छूट दी है जिससे भारत को फ़ायदा हो सकता है. दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है.
एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि समझौते के प्रमुख बिंदुओं पर बात लगभग पूरी हो चुकी है.
इस बीच मंगलवार को भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंधों में कोई दरार नहीं है.

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सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) और एआई मॉडल चैटजीपीटी मंगलवार को डाउन हो गए.
प्रमुख इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी, क्लाउडफ़्लेयर में आई समस्याओं के कारण कई वेबसाइटें बंद हो गईं.
ये समस्या मंगलवार को सुबह भारतीय समयानुसार शाम पांच बजे शुरू हुई.
क्लाउडफ़्लेयर ने एक बयान में कहा कि उसने "क्लाउडफ़्लेयर की एक सेवा पर असामान्य ट्रैफ़िक में वृद्धि देखी है", जिसके कारण उससे जुड़े ट्रैफ़िक में समस्याएं पैदा हुईं.
कुछ यूज़र्स को अपने एक्स पेज पर एक संदेश मिला जिसमें कहा गया है कि क्लाउडफ़्लेयर से पैदा हुई एक गड़बड़ी के कारण उसके आंतरिक सर्वर में समस्या है.
ऐसे ही संदेश चैटजीपीटी की वेबसाइट के कुछ उपयोगकर्ताओं को भी मिले हैं, जिसमें कई ग्राहकों पर संभावित असर की बात कही गई है.
बाद में आए अपडेट में उसने कहा, "सेवाएं ठीक हो रही हैं लेकिन कुछ यूज़र्स को सामान्य से ज़्यादा एरर देखने को मिल सकते हैं."
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बिहार विधानसभा चुनावों में भारी बहुमत मिलने के बाद राज्य में एनडीए की सरकार बनने जा रही है.
बुधवार को विधानसभा भंग होगी और 20 नवंबर, गुरुवार को मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में होगा.
निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों का जायज़ा लिया.
इस बीच बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस समारोह में आने वाले वीआईपी मेहमानों के बारे में बताया.
उन्होंने कहा, "शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को होगा. नीतीश कुमार की ऐतिहासिक जीत के बाद एनडीए, सरकार बनाने जा रहा है. प्रधानमंत्री यहां होंगे. कई मुख्यमंत्री भी आएंगे."
उन्होंने बताया, "इसमें एनडीए-बीजेपी के नेता, सांसद, पदाधिकारी और विधायक शामिल होंगे. यह एक उत्साहपूर्ण शपथ ग्रहण समारोह है. बिहार के मुख्य सचिव, डीजीपी, पटना डीएम, राज्य प्रभारी और एनडीए नेता सभी यहां हैं और सुझाव दे रहे हैं. लेकिन यह सरकार का कार्यक्रम है."
बीजेपी नेता नितिन नबीन ने बताया, "इस समारोह में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्री भी शामिल होंगे. बिहार उत्सव की तरह इसका जश्न मनाएगा और मुख्यमंत्री खुद हर चीज़ की निगरानी कर रहे हैं."
इससे पहले नीतीश कुमार एनडीए के अन्य नेताओं के साथ गांधी मैदान पहुंचे और तैयारियों के बारे में जानकारी ली.

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बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चल रही अटकलों को ख़ारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही पद पर बने रहेंगे.
बेगूसराय से सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “हर पार्टी की अपनी प्रक्रिया होती है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) भी बिहार के मुख्यमंत्री के चयन को लेकर बैठकें करेगा.”
दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फ़ेयर (आईआईटीएफ़) में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "पता नहीं यह क्यों भ्रम है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम चुनाव लड़े. आगे भी नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे, लेकिन उसकी प्रक्रिया है."
उन्होंने बताया कि बीजेपी और जेडीयू की अलग-अलग विधायक दल की बैठकें होंगी, जिसके बाद एनडीए की संयुक्त बैठक होगी.
उन्होंने कहा, "एनडीए की बैठक में सभी मिलकर नेता तय करेंगे. और मैं पूरे विश्वास के साथ कह रहा हूं कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे."
भारत के अमेरिका से एलपीजी खरीदने पर आज का कार्टून.


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बिहार विधानसभा चुनावों के बाद बीजेपी के संसदीय बोर्ड ने राज्य में विधायक दल के नेता के चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं.
समाचार एजेंसियों के अनुसार, बीजेपी के संसदीय बोर्ड ने एक बयान जारी कर बिहार में पार्टी के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.
बयान के अनुसार, केंद्रीय क़ानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को सह केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है.
बीजेपी नेता प्रेम कुमार ने मंगलवार सुबह कहा था, “बिहार में नई सरकार बनने जा रही है. 20 तारीख़ को शपथ ग्रहण होगा. 19 तारीख़ को बिहार विधानसभा भंग की जाएगी. पटना के गांधी मैदान में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह होगा.”
बिहार विधानसभा चुनावों में 89 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है जबकि 85 सीटों के साथ जेडीयू दूसरे नंबर की पार्टी बनी है.
इस बीच केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख जीतनराम मांझी ने कहा है कि एनडीए में मंत्री पद के बंटवारे पर सहमति बन गई है और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री होंगे.

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को मौत की सज़ा सुनाए जाने पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने चिंता व्यक्त की है.
सोमवार को शेख़ हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां ख़ान कमाल को ये सज़ा सुनाई गई थी.
इसके बाद बांग्लादेश ने भारत से शेख़ हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की.
अपनी सरकार के ख़िलाफ़ हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच बीते साल पांच अगस्त को शेख़ हसीना भारत आ गई थीं.
ह्यूमन राइट्स वॉच के बयान में कहा गया है कि दोनों व्यक्तियों को उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई और उन्हें अपनी पसंद के वकील तक पहुंच नहीं दी गई, जिससे मानवाधिकारों के संबंध में गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं.
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी कहा कि 'तेज़ी से मुकदमा चलाए जाने' और दोनों व्यक्तियों की गैर मौजूदगी में फ़ैसला सुनाए जाने से मामले की 'निष्पक्षता के बारे में गंभीर चिंताएं’ पैदा होती हैं.
संगठन ने अपने बयान में कहा है, “पीड़ितों को न्याय और जवाबदेही की ज़रूरत है, लेकिन मौत की सज़ा मानवाधिकारों का उल्लंघन है. यह सबसे क्रूर, अपमानजनक और अमानवीय सज़ा है और किसी भी न्यायिक प्रक्रिया में इसकी कोई जगह नहीं है."
जबकि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकारकार्यालय ने मौत की सज़ा के फ़ैसले का विरोध किया, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र लंबे समय से ऐसी सजाओं को समाप्त करने की मांग करता रहा है.
हालांकि संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में की गई जांच में पाया गया कि पिछले साल जुलाई और अगस्त में शेख़ हसीना सरकार के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों में 1,400 लोग मारे गए. मरने वालों में ज़्यादातर प्रदर्शनकारी थे जो सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए थे.

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कांग्रेस ने कहा है कि वो विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर दिल्ली में एक रैली आयोजित करेगी.
मंगलवार को वो 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जहां जहां एसआईआर का दूसरा चरण लागू किया जा रहा है, उसके कांग्रेस नेताओं के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में ये फ़ैसला लिया गया.
नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी थे.
कांग्रेस ने एक्स पर एक बयान जारी कर कहा, "इस बैठक में कांग्रेस पार्टी ने निर्णय लिया है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में एसआईआर के ख़िलाफ़ विशाल रैली आयोजित की जाएगी. इस रैली में हम चुनाव आयोग के राजनीतिकरण का पर्दाफाश करेंगे.”
बयान के अनुसार, “सभी का अनुभव यही है कि एसआईआर में टारगेट कर लोगों के नाम काटे जा रहे हैं. चुनाव आयोग ने जैसा बिहार में किया, वही नीति बाकी राज्यों में अपनाई जाएगी. एसआईआर को लेकर हम बिहार चुनाव के पहले से सवाल उठा रहे हैं.”
कांग्रेस ने कहा कि एसआईआर को लेकर देश भर में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में पांच करोड़ हस्ताक्षर इकट्ठा हुए हैं.

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने रामनाथ गोयनका लेक्चर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को लेकर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "पीएम नरेंद्र मोदी का रामनाथ गोयनका लेक्चर बीती रात इंडियन एक्सप्रेस के निमंत्रण पर अटेंड किया. उन्होंने भारत के विकास के लिए "रचनात्मक बेचैनी" की बात की और उपनिवेशवादी मानसिकता से बाहर निकलने पर ज़ोर दिया."
उन्होंने लिखा, "पीएम मोदी ने कहा कि उन पर हमेशा "इलेक्शन मोड" में रहने का आरोप लगाया जाता है, लेकिन वह असल में "इमोशनल मोड" में रहते हैं ताकि लोगों की समस्याओं को सुधारा जा सके."
थरूर ने कहा, "कुल मिलाकर, पीएम के संबोधन में एक आर्थिक दृष्टि और सांस्कृतिक अपील दोनों थीं, जिसमें देश को प्रगति के लिए बेचैन रहने को कहा गया. तेज जुकाम और खांसी के बावजूद श्रोताओं में शामिल होना अच्छा लगा."
इससे पहले भी शशि थरूर पीएम मोदी की तारीफ़ कर चुके हैं.
उन्होंने पिछले फ़रवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे पर उनकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात की तारीफ़ की थी.
हालांकि इंडियन एक्सप्रेस मलयालम के पॉडकास्ट से बातचीत में बीजेपी में जाने की अटकलों पर शशि थरूर का जवाब इनकार में था.

गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फ़ाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा है कि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस पर 'आंख मूंद' कर भरोसा नहीं करना चाहिए.
बीबीसी को दिए एक विशेष इंटरव्यू में, सुंदर पिचाई ने कहा कि एआई मॉडल 'ग़लतियां करने की प्रवृत्ति' रखते हैं, इसलिए लोगों को इन्हें अन्य माध्यमों के साथ तालमेल करके इस्तेमाल करना चाहिए.
पिचाई ने कहा कि 'यह बात इस ज़रूरत को दिखाती है कि सूचना का इकोसिस्टम विविध और समृद्ध हो, ताकि लोग सिर्फ एआई तकनीक पर निर्भर न रहें.'
सुंदर पिचाई ने निवेश में एआई बूम को लेकर भी चेतावनी दी.
यह बयान ऐसे समय आया है जब सिलिकॉन वैली और अन्य जगहों पर आशंका जताई जा रही है कि कहीं ये एक बुलबुला तो नहीं बन रहा है.
हाल के महीनों में एआई टेक कंपनियों का मूल्य तेजी से बढ़ा है और कई कंपनियां इस उभरती इंडस्ट्री पर बड़ा निवेश कर रही हैं.
जब पिचाई से पूछा गया कि क्या एआई बुलबुले के फूटने का असर गूगल पर नहीं पड़ेगा, तो उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसी संभावित स्थिति का सामना कर सकती है.
लेकिन साथ में उन्होंने चेतावनी भी दी, "मुझे नहीं लगता कि कोई भी कंपनी इससे पूरी तरह सुरक्षित होगी, हम भी नहीं."

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केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख जीतनराम मांझी ने कहा है कि एनडीए में मंत्री पद के बंटवारे पर सहमति बन गई है और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री होंगे.
समाचार एजेंसी पीटीआई से जीतनराम मांझी ने कहा, "सबकुछ तय हो चुका है. आपस में बातचीत हुई है. बीजेपी को 89 सीटें आई हैं और जेडीयू को 84 (85), इसी अनुपात में मंत्री पद भी बांटा गया है. नीतीश कुमार जी मुख्यमंत्री होंगे."
उन्होंने कहा कि सरकार बनाने को लेकर एनडीए की संयुक्त बैठक संभवतः 19 नवंबर को होगी. इसी बैठक में एनडीए का नेता चुना जाएगा.
जीतनराम मांझी ने बताया कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 नवंबर को होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शपथ ग्रहण समारोह के लिए समय दे रखा है.
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने राज्य की 243 सीटों में से 202 पर जीत दर्ज की है. महागठबंधन के खाते में महज़ 35 सीटें आई हैं.
बिहार में एनडीए के घटक दलों में भारतीय जनता पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं.
नमस्कार!
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आंध्र प्रदेश पुलिस में ख़ुफ़िया विभाग के एडिशनल डीजीपी महेश चंद्र लड्डा ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए माओवादी नेता माड़वी हिड़मा के मारे जाने की पुष्टि की है.
हिड़मा सीपीआई (माओवादी) के अहम चेहरा थे. 51 साल के हिड़मा पुलिस के लिए मोस्ट वॉन्टेड थे.
महेश चंद्रा लड्डा ने कहा कि हिड़मा के साथ उनकी पत्नी का भी शव बरामद हुआ है. लड्डा ने कहा कि मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के मारेदुमिली जंगल क्षेत्र में पुलिस के साथ एनकाउंटर में हिड़मा की मौत हुई.
पुलिस का कहना है कि आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू ज़िले के मारेदुमिली के पास मंगलवार सुबह 6 से 7 बजे के बीच सुरक्षाबलों और माओवादियों में मुठभेड़ शुरू हुई थी.
माड़वी हिड़मा पर केंद्र और कई राज्यों की सरकारों ने कुल एक करोड़ रुपये से भी ज़्यादा का इनाम रखा था और वह एनआईए की मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल थे.
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, माओवादियों के सबसे मज़बूती सैन्य टुकड़ी बटालियन एक के कमांडर हिड़मा 2010 में 76 जवानों की मौत वाला दंतेवाड़ा हमला, 2013 में कांग्रेस नेतृत्व पर हुए हमले, 2017 और 2021 में सुरक्षाबलों पर हुए हमले में भी अहम हिस्सेदारी रही है.
हिड़मा 1996-97 में माओवादी संगठन से जुड़े थे. तब उनकी उम्र महज 17 साल थी. हिड़मा के दो और नाम भी हैं हिदमाल्लु और संतोष.
हिड़मा दक्षिण बस्तर इलाक़े में सुकमा ज़िले के पुवर्ती गाँव के रहने वाले थे.
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बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा था कि अगर जनता दल (यूनाइटेड) ने चुनाव में 25 से ज़्यादा सीटों पर जीत दर्ज की तो वह राजनीति छोड़ देंगे.
जेडीयू ने बिहार में 85 सीटें जीती हैं. इसके बाद से यह सवाल उठ रहा था कि क्या प्रशांत किशोर राजनीति छोड़ेंगे?
मंगलवार को पटना में हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में प्रशांत किशोर ने अपने इस बयान पर सफाई दी है. उन्होंने कहा, "मैं उस बात पर बिल्कुल कायम हूं. अगर नीतीश कुमार की सरकार ने ये वोट नहीं ख़रीदे हैं, तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा."
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एक पत्रकार ने उन्हें काउंटर किया कि 'जब आपने ये बयान दिया था, तब ये शर्तें क्यों नहीं बताईं थीं?'
इस पर प्रशांत किशोर ने कहा, "मैं किस पद पर हूं कि इस्तीफ़ा दे दूं? मैंने ये तो नहीं कहा था कि बिहार छोड़कर चले जाएंगे. मैंने राजनीति छोड़ रखी है, राजनीति कर ही नहीं रहे हैं. लेकिन ये तो नहीं कहा है कि बिहार के लोगों की बात उठाना छोड़ देंगे."
जन सुराज पार्टी का दावा है कि नीतीश कुमार की सरकार ने चुनाव से पहले कई सारी योजनाएं लाईं और बिहार की जनता के खातों में पैसे भेजे. इसकी वजह से एनडीए फिर सत्ता में आई है और जन सुराज को हार मिली है.

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बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी की हार की पूरी ज़िम्मेदारी प्रशांत किशोर ने ली है. यह बात उन्होंने मंगलवार को हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कही.
प्रशांत किशोर ने कहा, "हमें सफलता नहीं मिली. हमसे ज़रूर कुछ ग़लती हुई होगी. हमारे प्रयास, सोचने के तरीक़े में ग़लती रही होगी. इसकी पूरी ज़िम्मेदारी मेरी है, मैं सत प्रतिशत इसकी ज़िम्मेदारी लेता हूँ."
उन्होंने बिहार की जनता से माफ़ी भी मांगी. प्रशांत किशोर ने कहा, "मैं माफ़ी मांगता हूं कि मैंने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं कर सका."
प्रशांत किशोर ने कहा, "मेरे प्रयास में जो कमी रह गई, उसके प्रायश्चित के लिए मैं विधर्वा गांधी आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखूंगा."
उन्होंने कहा, "वोट नहीं मिलना गुनाह नहीं है. ग़लती हुई होगी लेकिन ये गुनाह नहीं है."
राजनीति छोड़ने की अटकलों के बीच प्रशांत किशोर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह राजनीति में बने रहेंगे.
उन्होंने कहा, "अगर आप सोच रहे होंगे कि मैं बिहार छोड़ दूंगा तो ये बिल्कुल नहीं होगा. बिहार सुधारने की जिद के आगे कुछ भी नहीं है. दोगुनी मेहनत करके पूरी ताकत से लगेंगे. जब तक बिहार को सुधारने के अपने संकल्प को पूरा न कर लें पीछे हटने का सवाल ही नहीं है."

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यूक्रेन को रूसी हमलों से रक्षा के लिए फ़्रांस के रफ़ाल एफ़4 लड़ाकू विमान और एडवांस्ड एयर डिफ़ेंस सिस्टम मिलेंगे. यूक्रेन को मिलने वाले रफ़ाल एफ़4 लड़ाकू विमानों की संख्या 100 तक हो सकती है.
इसके लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ समझौता किया है. इस समझौते पर हस्ताक्षर पेरिस के नज़दीक एक एयरबेस में हुए.
ज़ेलेंस्की ने इस क़दम को 'ऐतिहासिक' बताया है. उन्होंने मैक्रों के साथ जॉइंट ब्रीफ़िंग में कहा, "यह एक रणनीतिक समझौता है, जो अगले साल से शुरू होकर 10 साल तक चलेगा."
ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को "बहुत मज़बूत फ़्रेंच रडार", आठ एयर डिफ़ेंस सिस्टम और दूसरे एडवांस्ड हथियार भी मिलेंगे.
रफ़ाल एफ़4 विमानों की डिलीवरी 2035 तक पूरी करने की योजना है जबकि इंटरसेप्टर ड्रोन के साझा निर्माण की शुरुआत इसी साल हो रही है.
फ़्रांस और यूक्रेन के बीच हुए इस समझौते के वित्तीय विवरण तय नहीं हुए हैं, लेकिन कई रिपोर्ट्स में दावा है कि फ़्रांस इसके लिए यूरोपीय संघ से फंड जुटाने और सीज़ की गईं रूसी संपत्तियों का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है.
यह एक विवादित क़दम माना जा रहा है, जिसको लेकर यूरोपीय संघ के 27 सदस्यों की राय बंटी हुई है.