हूती विद्रोहियों का दावा, इसराइल के हमले में पीएम अल-रहावी की मौत
यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि इसराइल के एक हमले में उनके प्रधानमंत्री अहमद ग़ालिब अल-रहावी की मौत हो गई है.
सारांश
प्रधानमंत्री मोदी चीन के तियानजिन पहुंचे हैं जहां वे 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने तियानजिन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात के दौरान भारत-चीन के बीच लिपुलेख से व्यापार फिर शुरू करने की सहमति पर आपत्ति जताई.
हूती विद्रोहियों का दावा, इसराइल के हमले में पीएम अल-रहावी की मौत
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इमेज कैप्शन, हूती विद्रोहियों का कहना है कि हमले में कई और लोग घायल हुए हैं
यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि इसराइल के एक हमले में उनके प्रधानमंत्री अहमद ग़ालिब अल-रहावी की मौत हो गई है.
हूती विद्रोहियों का कहना है कि ग़ज़ा युद्ध शुरू होने के बाद यह उनका सबसे बड़ा नुकसान है, क्योंकि इस दौरान किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौत का यह पहला मामला है.
इस दावे की स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि नहीं हुई है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने हूती विद्रोहियों की समाचार एजेंसी के हवाले से बताया है कि शनिवार को समूह के सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल के प्रमुख महदी अल-मशात ने यह घोषणा की.
गुरुवार को राजधानी सना में हुए इस हमले के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन कहा गया है कि इसमें कई अन्य लोग घायल हुए हैं.
एएफ़पी के अनुसार, अल-रहावी को आख़िरी बार बुधवार को सना में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में देखा गया था.
हूती विद्रोहियों की ओर से जारी बयान में कहा गया, "हम योद्धा अहमद ग़ालिब नासिर अल-रहावी की मृत्यु की घोषणा करते हैं. अपने कई सहयोगियों के साथ उनकी मौत हो गई है. उन्हें इसराइल ने निशाना बनाया था."
बयान में यह भी कहा गया कि हमले में घायल कई सहयोगियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
इससे पहले इसराइल ने कहा था कि उसने सना में ईरान समर्थित हूती समूह के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़, रक्षा मंत्री और अन्य अधिकारियों को निशाना बनाया है और परिणामों की जांच की जा रही है.
हालांकि महदी मशात के बयान से यह साफ़ नहीं हो पाया कि मारे गए लोगों में हूती विद्रोहियों के रक्षा मंत्री शामिल थे या नहीं.
अहमद अल-रहावी क़रीब एक साल पहले प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन सरकार की बागडोर उनके उप-प्रधानमंत्री मोहम्मद मुफ़्ताह के हाथों में थी. शनिवार को मुफ़्ताह को प्रधानमंत्री का कार्यभार सौंपा गया है.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात में नेपाल के पीएम ओली ने लिपुलेख को लेकर जताई आपत्ति
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इमेज कैप्शन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत में नेपाल के प्रधानमंत्री ने लिपुलेख को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली शनिवार को तियानजिन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात की. ओली, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने चीन पहुंचे हैं.
इसके बाद नेपाल के विदेश मंत्रालय की तरफ़ से जारी एक प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि बैठक के दौरान ओली ने भारत और चीन के बीच हाल ही में लिपुलेख से व्यापार फिर शुरू करने पर हुई सहमति पर आपत्ति जताई.
बयान में लिखा गया है, "भारत और चीन के बीच लिपुलेख दर्रे से व्यापार पर हुई हालिया सहमति का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री (केपी शर्मा ओली) ने कहा कि यह इलाक़ा नेपाल का है और नेपाल सरकार इस पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराती है."
इससे पहले, भारत और चीन के बीच लिपुलेख के रास्ते व्यापार फिर शुरू करने पर सहमति बनने के एक दिन बाद, 20 अगस्त को नेपाल ने कहा था कि यह इलाक़ा उसका अभिन्न हिस्सा है और यह उसके आधिकारिक नक्शे में शामिल है.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस पर कहा था कि ये दावे "अनुचित हैं और ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं."
नेपाल के विदेश मंत्रालय का कहना है, "नेपाल सरकार स्पष्ट करना चाहती है कि महाकाली नदी के पूर्व में स्थित लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी नेपाल के अभिन्न हिस्से हैं. इन्हें नेपाल के नक्शे में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है और यह बात संविधान में भी दर्ज है."
भारत हमेशा कहता आया है कि लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा उसके क्षेत्र में आते हैं. लेकिन नेपाल में यह एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है. साल 2020 में इसी मसले पर नेपाल में हिंसक प्रदर्शन हुए थे.
चीन के दौरे पर हैं पीएम मोदी, इस बीच फ़ोन पर राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से क्या हुई बातचीत
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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने बातचीत की जानकारी अपने-अपने एक्स हैंडल पर दी है (फ़ाइल फ़ोटो)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के बीच शनिवार को फ़ोन पर बातचीत हुई.
दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन संघर्ष, मानवीय स्थिति और शांति बहाल करने के प्रयासों पर चर्चा की.
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, "आज राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के साथ हुई फोन कॉल के लिए धन्यवाद. हमने चल रहे संघर्ष, इसके मानवीय पहलू, शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयासों पर विचार साझा किए. भारत इस दिशा में होने वाले सभी प्रयासों को पूरा समर्थन देता है."
वहीं राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को वॉशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय नेताओं के साथ हुई बातचीत के बारे में जानकारी दी.
ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह "सार्थक और अहम बातचीत" थी और असली शांति के लिए "साझी समझ" बनी हुई है.
उन्होंने यह भी कहा, "इस युद्ध का अंत केवल तुरंत युद्धविराम और शांति से ही संभव है. भारत इस दिशा में ज़रूरी प्रयास करने के लिए तैयार है और एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान रूस सहित अन्य नेताओं तक यह संदेश पहुँचाएगा.
ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से निकट भविष्य में मुलाक़ात की आशा करते हैं.
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ़िलहाल चीन के दौरे पर हैं, वह चीन के तियानजिन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
रूस का यूक्रेन पर 'भारी हमला', जवाब में कीएव ने तेल रिफ़ाइनरियों को बनाया निशाना
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इमेज कैप्शन, ज़ापोरिज़िया में रूस के हमले में कई इमारतों को नुक़सान पहुंचा है
रूस ने दक्षिण और मध्य यूक्रेन पर शुक्रवार रात "भारी" हमला किया. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, कीएव की जवाबी कार्रवाई में रूस की कई तेल रिफ़ाइनरियों को निशाना बनाया गया.
ज़ापोरिज़िया में एक महिला की मौत हुई है और 28 लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं.
राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस ने 500 से अधिक ड्रोन और 45 मिसाइलें दागीं, जिनसे देश के 14 इलाक़े प्रभावित हुए.
हमले के बाद रूस के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि "हमले के सभी लक्ष्य पूरे कर लिए गए हैं" और "तय जगहों पर हमला किया गया है."
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति बहाल करने की कोशिशें तेज़ हैं. इससे कुछ दिन पहले ही यूक्रेन पर युद्ध का दूसरा सबसे बड़ा हवाई हमला हुआ था, जिसमें कम से कम 23 लोगों की मौत हुई थी.
यूक्रेन की राजधानी कीएव के पास रेलवे ढांचे को नुक़सान पहुंचा है, लेकिन ताज़ा हमलों का सबसे ज़्यादा असर देश के मध्य और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों पर पड़ा है.
इस बीच, यूक्रेन की सेना ने दावा किया है कि उसने रातों-रात रूस के दो इलाक़ों में तेल रिफ़ाइनरियों को निशाना बनाया. दोनों रिफ़ाइनरियों को पहले भी निशाना बनाया जा चुका है.
रूसी अधिकारियों ने स्वीकार किया कि उनकी रिफ़ाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ है. उन्होंने बताया कि एक प्रोसेस यूनिट को नुक़सान पहुंचा और इलाक़े में आग लगी, लेकिन किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने रात भर में यूक्रेन के 20 ड्रोन मार गिराए, जिनमें से 18 क्राइमिया के ऊपर थे. क्राइमिया को रूस ने 2014 में यूक्रेन से अपने साथ मिला लिया था.
यूक्रेन के पूर्व संसद अध्यक्ष एंड्री परूबी की हत्या, अब तक क्या पता है
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इमेज कैप्शन, एंड्री परूबी यूक्रेन के बड़े नेताओं में से एक माने जाते थे
यूक्रेन के पूर्व संसद अध्यक्ष और नेता एंड्री परूबी की लवीव शहर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. यूक्रेनी अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि की है.
पुलिस के मुताबिक़, पश्चिमी यूक्रेन के लवीव में शनिवार दोपहर फ़ायरिंग की सूचना मिली. शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ई-बाइक पर आया एक हमलावर परूबी पर कई गोलियां चलाकर फ़रार हो गया.
54 वर्षीय परूबी 2014 में हुए आंदोलन के दौरान प्रमुख नेता बनकर उभरे थे. इस आंदोलन ने यूरोपीय संघ के साथ नज़दीकी संबंधों की वकालत की थी और इसी के बाद रूस समर्थक तत्कालीन राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को सत्ता से हटना पड़ा था.
राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस घटना को "निर्मम हत्या" करार दिया और शोक संदेश जारी किया. उन्होंने परूबी के परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना जताई.
नेशनल पुलिस, लवीव रीज़नल पुलिस और सिक्योरिटी सर्विस ने जांच शुरू कर दी है. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस हमले के पीछे कौन लोग थे.
अमेरिका-जापान ट्रेड डील में अड़चन, इस वजह से अटक गई है बातचीत
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इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने जापान के आगे नई शर्त रख दी है
अमेरिका और जापान के बीच संभावित ट्रेड डील को लेकर चल रही वार्ता अमेरिका की नई शर्त के कारण अटक गई है.
अमेरिका ने जापान से अधिक अमेरिकी चावल ख़रीदने की मांग की है, जिसे जापान मानने को तैयार नहीं है.
जापानी अख़बार निक्केई के मुताबिक़, टोक्यो के शीर्ष व्यापार वार्ताकार ने हाल ही में अपनी अमेरिका यात्रा रद्द कर दी है. इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों के बीच गतिरोध गहरा गया है.
दोनों देशों ने जुलाई में एक समझौता किया था, जिसके तहत अमेरिकी टैरिफ़ को जापानी सामानों पर घटाकर 15 फ़ीसदी कर दिया गया था.
हालांकि अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई शर्त ने उस समझौते की भावना पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
निक्केई की रिपोर्ट के मुताबिक़, यह मांग उस पहले हुए समझौते का विरोधाभास है, जिसमें कहा गया था कि जापान के कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क प्रभावित नहीं होंगे.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रिटायर्ड जजों के 'अभियान' पर उठाया सवाल
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इमेज कैप्शन, रिजिजू ने कहा है कि गृह मंत्री के ख़िलाफ़ इस तरह हस्ताक्षर अभियान चलाकर पत्र लिखना सही नहीं है
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को उपराष्ट्रपति चुनाव से जुड़े घटनाक्रम पर सवाल उठाए और रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों के हस्ताक्षर अभियान की आलोचना की.
रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के ख़िलाफ़ इस तरह टिप्पणी करना और पत्र लिखना सही नहीं है.
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में रिजिजू ने कहा, "अभी उपराष्ट्रपति का चुनाव चल रहा है. कुछ दिन पहले कुछ रिटायर्ड जजों ने हस्ताक्षर अभियान करके गृह मंत्री के ख़िलाफ़ टिप्पणी की है, जो ठीक नहीं है. यह राजनीतिक मामला है और रिटायर्ड जज इसमें क्यों पड़ रहे हैं?"
"इससे लगता है कि जब वे जज थे तो उनकी अलग विचारधारा रही होगी, नहीं तो गृह मंत्री के ख़िलाफ़ इस तरह हस्ताक्षर अभियान चलाकर पत्र लिखना सही नहीं है."
रिजिजू ने कहा कि उपराष्ट्रपति का चुनाव पूरी तरह राजनीतिक प्रक्रिया है और इसमें रिटायर्ड जजों की भागीदारी से ग़लत संदेश जाता है.
बता दें कि रिटायर्ड जजों के एक समूह ने विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी पर गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी के ख़िलाफ़ बयान जारी किया था.
प्रधानमंत्री मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे, जानिए क्या कहा
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इमेज कैप्शन, सात साल बाद चीन पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में कई तस्वीरें शेयर की हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे हैं.
चीन पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक एक्स पोस्ट में कहा कि वह तियानजिन पहुंच गए हैं और अब एससीओ समिट की बैठकों और अलग-अलग देशों के नेताओं से मुलाक़ात का इंतज़ार कर रहे हैं.
पीएम मोदी चीन के तियानजिन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़, प्रधानमंत्री समिट के दौरान कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे.
भारत 2017 से शंघाई सहयोग संगठन का सदस्य है.
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इमेज कैप्शन, चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है
प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पिछली मुलाक़ात पिछले साल अक्तूबर में रूस में हुई थी.
2018 के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी का पहला चीन दौरा है. यानी लगभग सात साल बाद मोदी चीन की यात्रा पर पहुंचे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी का दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब लद्दाख़ में अप्रैल 2020 से पहले की यथास्थिति बहाल नहीं हो पाई है.
हालांकि, चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है.
पिछले साल चीन के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार क़रीब 127.7 अरब डॉलर था .
तीन भाइयों का 140 दिन का समंदर में सफ़र, बनाया यह रिकॉर्ड
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इमेज कैप्शन, इन तीन भाइयों ने ही बनाया है रिकॉर्ड
स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबरा के तीन भाइयों ने बिना रुके, बिना किसी बाहरी मदद के प्रशांत महासागर को पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है.
लगभग 140 दिन समंदर में बिताने के बाद उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की.
जेमी, इवान और लाकलैन मैकलीन ने 9,000 मील (14,484 किलोमीटर) का सफ़र पेरू से ऑस्ट्रेलिया तक तय किया.
इस दौरान उन्हें ख़तरनाक तूफ़ानों का सामना करना पड़ा, जिनकी वजह से उन्हें लंबे चक्कर लगाने पड़े.
एक तूफ़ान के दौरान लाकलैन को एक बड़ी लहर नाव से बाहर बहा ले गई थी, लेकिन उन्हें वापस खींच लिया गया.
जब तीनों भाई ऑस्ट्रेलिया के केर्न्स पहुँचे और परिवार और दोस्तों से मिले तो उन्होंने कहा कि अब उन्हें बस पिज़्ज़ा खाना है और चैन की नींद सोना है.
इवान ने बीबीसी ब्रेकफ़ास्ट से कहा, "यह अब भी थोड़ा अजीब सा लग रहा है. ज़मीन पर पैर टिकने में थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन केर्न्स में हमें मिला गर्मजोशी से भरा स्वागत कमाल का है."
जेमी ने बताया कि यह सफ़र शारीरिक और मानसिक रूप से "बेहद कठिन" था, लेकिन उन्होंने कहा, "साथ मिलकर हम एक मज़बूत टीम बने और इस बड़ी चुनौती को पार किया."
यहां देखिए उनके सफ़र की तस्वीरें:
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इमेज कैप्शन, लाकलैन, जेमी और इवान मैकलीन लगभग पाँच महीने तक समंदर में रहे, ताकि प्रशांत महासागर पार करने का नया रिकॉर्ड बना सकें
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इमेज कैप्शन, 2020 में अटलांटिक पार करने वाले इन भाइयों ने लंबी शिफ्ट्स के बीच 5–6 घंटे की नींद ली
रूस और यूक्रेन के बीच रातभर जारी रहे हमले, दोनों पक्षों की तरफ़ से क्या बताया गया
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन में एक दमकलकर्मी उस अपार्टमेंट की जगह पर काम करता हुआ जिस पर रूसी ड्रोन और मिसाइल हमले हुए
रूस और यूक्रेन के बीच हमले रातभर जारी रहे हैं.
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने 86 ड्रोन (यूएवी) मार गिराए. इनमें से 30 काला सागर के ऊपर और 13 दक्षिणी रोस्तॉव क्षेत्र में नष्ट किए गए.
रोस्तॉव के कार्यवाहक गवर्नर यूरी स्ल्यूसर ने टेलीग्राम पर लिखा, "एयर डिफ़ेंस सिस्टम ने पांच ज़िलों के ऊपर ड्रोन गिराए. किसी तरह की चोट या अन्य नुक़सान की सूचना नहीं है."
रूस के दूसरे इलाक़ों जैसे ब्रायंस्क में भी अधिकारियों ने बताया कि पांच ड्रोन मार गिराए गए और कोई हताहत नहीं हुआ.
उधर यूक्रेन में स्थिति अधिक गंभीर रही.
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इमेज कैप्शन, ज़ापोरिज़िया में एक अपार्टमेंट क्षतिग्रस्त हुआ है
यूक्रेन की इमरजेंसी सर्विस के मुताबिक़, ज़ापोरिज़िया में रूसी हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और 28 लोग घायल हुए. इनमें से आठ को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं.
रीजनल गवर्नर इवान फेदोरोव ने बताया कि हज़ारों लोगों को अब भी बिजली नहीं मिल पा रही है.
राहुल द्रविड़ अगले आईपीएल में नहीं होंगे राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच
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इमेज कैप्शन, द्रविड़ को फ्रेंचाइज़ी में एक बड़ी भूमिका की पेशकश की गई थी
राजस्थान रॉयल्स ने एलान किया है कि टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ आईपीएल 2026 से पहले अपना कार्यकाल पूरा कर लेंगे.
फ्रेंचाइज़ी ने इसे एक बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि द्रविड़ की अगुवाई ने टीम को कई सालों तक नई दिशा दी है.
रॉयल्स की ओर से जारी बयान में कहा गया, "राहुल कई सालों से हमारे सफ़र के केंद्र में रहे हैं. उनकी लीडरशिप ने खिलाड़ियों की एक पीढ़ी को प्रभावित किया, टीम में मज़बूत मूल्यों को डाला और फ्रेंचाइज़ी की संस्कृति पर स्थायी छाप छोड़ी."
टीम मैनेजमेंट ने बताया कि रिव्यू के दौरान द्रविड़ को फ्रेंचाइज़ी में एक बड़ी भूमिका की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया.
बयान में आगे कहा गया, "राजस्थान रॉयल्स, इसके खिलाड़ी और दुनियाभर में करोड़ों फ़ैंस राहुल के योगदान के लिए दिल से धन्यवाद करते हैं."
अभी तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.
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यूएस एजेंसी फॉर ग्लोबल मीडिया (यूएसएजीएम) ने 532 सरकारी पदों को ख़त्म कर दिया है. यह फै़सला राष्ट्रपति के निर्देश पर लिया गया है.
यूएस एजेंसी फ़ॉर ग्लोबल मीडिया की वरिष्ठ सलाहकार कैरी लेक ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है.
एजेंसी का कहना है कि इसका मकसद सरकारी ढांचे को छोटा करना, कामकाज बेहतर करना और अमेरिकी जनता का पैसा बचाना है.
बयान में कहा गया, "छंटनी के बाद भी एजेंसी का काम जारी रहेगा और दुनिया के उन इलाक़ों तक सच्ची खबरें पहुंचती रहेंगी जहां लोग तानाशाही या दमनकारी सरकारों के अधीन हैं.
कैरी लेक ने बयान में कहा, "मैं आने वाले महीनों में इस टूटी-फूटी एजेंसी के कामकाज को सुधारने के लिए और कदम उठाने की उम्मीद करती हूं, ताकि दुनिया के उन हिस्सों में अमेरिका की आवाज़ पहुंच सके जहां इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है."
अंतरराष्ट्रीय संबंधों में कोई भी परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं: राजनाथ सिंह
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इमेज कैप्शन, राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने भारत पर टैरिफ़ लागू कर दिया है
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में कोई भी परमानेंट दोस्त या परमानेंट दुश्मन नहीं होता, केवल परमानेंट इंटरेस्ट होता है.
राजनाथ सिंह ने एनडीटीवी डिफ़ेंस समिट में ये बातें कहीं.
उनका बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर 50 फ़ीसदी टैरिफ़ लगा दिया है, जो 27 अगस्त से लागू हो गया है.
राजनाथ सिंह ने कहा, "ट्रेड वॉर और टैरिफ़ वॉर की स्थितियां गंभीर होती जा रही हैं. कोई भी देश जब भी आगे बढ़ता है उसके साथ-साथ कुछ देशों के साथ उसके विचार मिलते हैं. वहीं दूसरी ओर कुछ देशों के साथ उसके विचार नहीं भी मिलते हैं."
"जिनके साथ विचार मिलते हैं उन्हें मित्र राष्ट्र समझा जाता है और जिनके साथ विचार नहीं मिलते हैं उन्हें आमतौर पर दुश्मन समझा जाता है."
रक्षा मंत्री ने कहा, "भारत किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता, लेकिन हमारे लिए अपने लोगों का, अपने किसानों का, अपने छोटे व्यापारियों का, अपने देशवासियों का यह इंटरेस्ट सबसे ऊपर है. और हम किसी भी क़ीमत पर अपने देश के वेलफेयर के साथ समझौता नहीं कर सकते हैं."
उन्होंने कहा, "चाहे कितना भी दबाव डाला जाए, भारत अपने किसानों, व्यवसाइयों, दुकानदारों, पशुपालकों और आम नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता ही रहेगा."
राजनाथ सिंह ने कहा, "आज की बदलती भू-राजनीति ने यह भी स्पष्ट कर दिया है, कि डिफ़ेंस के क्षेत्र में बाहरी निर्भरता, अब हमारे लिए कोई विकल्प नहीं है. वर्तमान स्थिति में हमारी अर्थव्यवस्था और हमारी सुरक्षा, दोनों के लिए आत्मनिर्भरता बहुत ज़रूरी है."
आरसीबी ने बेंगलुरु भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिवार को दी 25-25 लाख रुपये की मदद
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इमेज कैप्शन, आरसीबी की जीत के बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई थी
इंडियन प्रीमियर लीग का 2025 का ख़िताब जीतने के बाद विजय जुलूस के दौर भगदड़ मचने से जान गंवाने वालों को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है.
चार जून को आरसीबी की जीत का जश्न मनाने के लिए बेंगलुरु की सड़कों पर जुटे लोगों के बीच भगदड़ मच गई थी. इस हादसे में कई लोगों की मौत हुई थी और कई घायल भी हुए थे.
आरसीबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है.
आरसीबी ने लिखा, "4 जून, 2025 को हमारा दिल टूट गया. हमने आरसीबी परिवार के 11 सदस्यों को खो दिया. वे हमारा हिस्सा थे. वे हमारे शहर, हमारे समुदाय और हमारी टीम को बाक़ी से अलग बनाने वाली चीजों का हिस्सा थे. उनकी कमी हम सबकी यादों में हमेशा गूंजती रहेगी."
आरसीबी ने लिखा, "उनके जाने से जो जगह खाली हुई है, उसकी भरपाई किसी भी तरह से नहीं हो सकती है. लेकिन, पहले क़दम के रूप में और गहरे सम्मान के साथ, आरसीबी ने उनके परिवारों को 25-25 लाख रुपए की राशि दी है."
"सिर्फ़ आर्थिक मदद के तौर पर नहीं, बल्कि करुणा, एकता और निरंतर देखभाल के वादे के तौर पर. यह आरसीबी केयर्स की शुरुआत भी है."
टीम मैनेजमेंट ने लिखा है कि आरसीबी केयर्स के बारे में और जानकारी जल्द दी जाएगी.
क्या है मामला?
4 जून, 2025 को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मचने से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे.
एक लाख से भी ज़्यादा फ़ैंस रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत का जश्न मनाने के लिए स्टेडियम के बाहर जमा हुए थे.
आरसीबी टीम का स्वागत करने और 18 साल बाद आईपीएल ट्रॉफी की जीत का जश्न मनाने के लिए युवा, महिलाएं, पुरुष यहां तक कि बुज़ुर्ग भी सड़कों के किनारे खड़े थे.
सामाजिक कार्यकर्ता सैयदा हमीद के ख़िलाफ़ असम में 16 एफ़आईआर, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, सैयद हमीद योजना आयोग की सदस्य रह चुकी हैं
सामाजिक कार्यकर्ता एवं योजना आयोग की पूर्व सदस्य सैयदा हमीद के ख़िलाफ़ असम में 16 एफ़आईआर दर्ज कराए गए हैं.
असम जातीय परिषद (एजेपी) के प्रवक्ता जियाउर रहमान ने बीबीसी हिंदी से सैयदा हमीद के ख़िलाफ़ अब तक कुल 16 एफ़आईआर दर्ज करने की पुष्टि की है.
एजेपी नेता रहमान ने कहा, "असम के 16 ज़िलों में सैयदा हमीद के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराई गई है. हमने हमीद की असम विरोधी और सांप्रदायिक टिप्पणी के लिए उनकी गिरफ़्तारी की मांग की है. हमारे कार्यकर्ता आज कई और थानों में हमीद के ख़िलाफ़ मामले दर्ज कराएंगे."
असम की क्षेत्रीय पार्टी एजेपी ने हमीद पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी टिप्पणियों के ज़रिए राज्य में सांप्रदायिक कलह पैदा करने और असमिया पहचान का अपमान करने का प्रयास किया है.
दरअसल 24 अगस्त को गुवाहाटी में हमीद ने एक टिप्पणी की थी.
जिसमें उन्होंने कहा था, "अगर बांग्लादेशी असम में रहते है तो इसमें क्या समस्या है?"
एजेपी ने पुलिस से आग्रह किया कि हमीद के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 195 (सार्वजनिक शांति के विरुद्ध अपराध), 353 (सार्वजनिक शरारत के इरादे से दिए गए बयान), 356 (मानहानि) के साथ-साथ अन्य लागू प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया जाए.
मैक्रों ने कहा- पुतिन अगर ज़ेलेंस्की से नहीं मिले तो ये ट्रंप के साथ चालबाज़ी जैसा होगा
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फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सोमवार तक यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात नहीं करते हैं, तो इसका मतलब यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उन्होंने चालबाज़ी की.
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, जर्मन चांसलर फ़्रेडरिक मर्ज़ के साथ संयुक्त प्रेस क़ॉन्फ्रेंस में मैक्रों ने कहा, "ट्रंप की ओर से तय की गई समयसीमा यानी सोमवार तक अगर ऐसा नहीं होता है तो इसका मतलब ये है कि राष्ट्रपति पुतिन ने एक बार फिर से राष्ट्रपति ट्रंप से साथ चालाकी की है."
ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर रूस और यूक्रेन के नेता आपस में नहीं मिलते हैं, तो उन्हें इसके 'नतीजे' भुगतने होंगे.
ज़ेलेंस्की ने भी शुक्रवार को ट्रंप के उस बयान को याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था कि वह पुतिन को यूक्रेनी नेता से द्विपक्षीय मुलाक़ात पर सहमत होने के लिए एक या दो हफ़्तों का समय देंगे, इसके बाद ही रूस के ख़िलाफ़ कोई नया क़दम उठाने पर विचार करेंगे.
ज़ेलेंस्की ने कहा, "दो हफ़्ते सोमवार को पूरे हो जाएंगे और हम सबको इसकी याद दिलाएंगे."
ब्रेकिंग न्यूज़, जम्मू-कश्मीर: रामबन ज़िले में फटा बादल, तीन की मौत और तीन लोग लापता, माजिद जहांगीर, बीबीसी संवाददाता
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जम्मू-कश्मीर के रामबन ज़िले के राजगढ़ गांव में बादल फटने से तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं.
यह जानकारी रामबन के डिप्टी कमिश्नर इलियास अहमद ने बीबीसी हिंदी को दी है.
उन्होंने बताया, "लापता लोगों को ढूंढने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है."
डिप्टी कमिश्नर ने कहा, "यह घटना रात के समय हुई, जिससे गांव में अचानक बाढ़ आ गई."
यह गांव श्रीनगर से क़रीब 200 किलोमीटर दूर है.
पिछले एक महीने से जम्मू-कश्मीर में लगातार बादल फटने की घटनाएं हो रही हैं, जिनमें अब तक 100 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है.