वेस्ट बैंक में इसराइल की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी, पांच ‘चरमपंथियों’ को मारने का दावा

इसराइली सेना ने बख़्तरबंद बुलडोज़रों के साथ तुल्कर्म, नेबलुस, तुबास, जेनिन के शरणार्थी शिविरों को निशाना बनाया है.

सारांश

  • पाकिस्तान ने पीएम नरेंद्र मोदी को एससीओ की बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया
  • अमीरों की हुरुन लिस्ट में पहली बार शाहरुख़ ख़ान का नाम
  • पीएम मोदी की 'मानहानि' के मामले में शशि थरूर को राहत नहीं
  • असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के ख़िलाफ़ विपक्षी दलों की एफ़आईआर
  • गुजरात में भारी बारिश से हालात लगातार खराब,घरों की छतों तक पहुंचे मगरमच्छ

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह और दीपक मंडल

  1. महबूबा मुफ़्ती जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव ख़ुद नहीं लड़ेंगी, बताई वजह

    महबूबा मुफ़्ती (फाइल फोटो)

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    इमेज कैप्शन, महबूबा मुफ़्ती (फाइल फोटो)

    पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने कहा है कि वो जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. हालांकि उनकी पार्टी चुनाव लड़ रही है.

    मुफ़्ती ने कहा कि अगर वह मुख्यमंत्री बन भी गईं तो भी वह केंद्र शासित प्रदेश में अपनी पार्टी के एजेंडे को पूरा नहीं कर पाएंगी.

    महबूबा मुफ़्ती ने कहा, "मैं बीजेपी के साथ सरकार की मुख्यमंत्री रही हूँ, जिसने (2016 में) 12,000 लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर वापस ले ली थी. क्या हम अब ऐसा कर सकते हैं?"

    "मैंने मोदी के साथ सरकार के मुख्यमंत्री के तौर पर अलगाववादियों को बातचीत के लिए आमंत्रित करने के लिए पत्र लिखा था. क्या आप आज ऐसा कर सकते हैं? मैंने ज़मीनी स्तर पर संघर्ष विराम करवाया. क्या आप आज ऐसा कर सकते हैं?"

    उन्होंने कहा, "अगर आप मुख्यमंत्री के तौर पर एफ़आईआर वापस नहीं ले सकते तो ऐसे पद पर कोई क्या कर सकता है?"

    इससे पहले नेशनल कान्फ़्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बने रहने तक चुनाव लड़ने से मना कर दिया था.

    हालांकि, उन्होंने अब यू-टर्न ले लिया है. वे अब गांदरबल से चुनाव लड़ेंगे.

    राज्य में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं.

    पहले चरण का मतदान 18 सितंबर को, दूसरे चरण का मतदान 25 सितंबर को और तीसरे और आख़िरी चरण का मतदान एक अक्तूबर को होंगे.

    चुनाव के नतीजे चार अक्तूबर को जारी किए जाएंगे.

  2. गुजरात में बाढ़ का कहर, वडोदरा में 12 फीट तक पानी भरा, कई मौतें और हज़ारों बेघर

    गुजरात बाढ़

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    इमेज कैप्शन, वडोदरा के नरहरि अस्पताल में एक मरीज को पुलिस कर्मियों ने कंधे पर उठाकर निकाला.
    मोरबी के मालिया गांव में बारिश और जलभराव के कारण एक घर डूब गया.

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    इमेज कैप्शन, मोरबी के मालिया गांव में बारिश और जलभराव के कारण एक घर डूब गया.
    वडोदरा में विश्वामित्री नदी के उफान पर होने के कारण घर में पानी घुसने के बाद लोग सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं.

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    इमेज कैप्शन, वडोदरा में विश्वामित्री नदी के उफान पर होने के कारण घर में पानी घुसने के बाद लोग सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं.

    गुजरात में तीन दिनों से हो रही भारी बारिश से कई इलाक़ों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति है.

    सौराष्ट्र और मध्य गुजरात में 48 घंटों से मूसलाधार बारिश के कारण कई गांवों और कस्बों में पानी भर गया है.

    वडोदरा शहर बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है. यहां कई हिस्सों में जलभराव देखने को मिला, जिससे स्थिति नाज़ुक है.

    राज्य सरकार ने बुधवार को बताया कि राहत एवं बचाव कार्य के लिए सेना को बुलाया गया है.

    स्वास्थ्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता रुषिकेश पटेल ने बताया कि कुछ इलाक़ों में 10 से 12 फीट पानी भरा हुआ है.

    वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि भारी बारिश और अजवा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद शहर से होकर बहने वाली विश्वामित्र नदी मंगलवार सुबह ख़तरे के निशान 25 फीट को पार कर गई.

    वहीं गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को गांधीनगर में बाढ़ की स्थिति के लिए राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की.

    हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़ पिछले तीन दिनों में गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ के कारण 28 लोगों की जान चली गई है, जबकि क़रीब 40 हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ गुजरात में भारी बारिश के कारण दो दिनों में कुल 16 लोगों की मौत हुई है.

    गुजरात के सौराष्ट्र ख़ासकर द्वारका, जामनगर, पोरबंदर, मोरबी, जूनागढ़ और राजकोट ज़िलों में हर जगह मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर काफ़ी बढ़ गया है.

  3. नमस्कार

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