You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते भारत आ रहे कार्गो शिप पर हमले को लेकर विदेश मंत्रालय का बयान

भारतीय विदेश मंत्रालय ने होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते भारत आ रहे थाईलैंड के कार्गो शिप पर हमले की निंदा की है.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली, सुमंत सिंह

  1. 'एलपीजी संकट' को लेकर बोले केजरीवाल- 'कई रेस्टोरेंट और होटल बंद होने की कगार पर'

    आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी 'एलपीजी संकट' को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है.

    केजरीवाल ने बुधवार को किए प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, “पूरे देश में एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत हो गई है. देश में एलपीजी का उत्पादन लगभग 50 फ़ीसदी तक घट चुका है.”

    “सरकार ने आदेश जारी किया है कि रेस्टोरेंट और होटल को एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे. इस फै़सले के कारण देश के बड़े शहरों में कई रेस्टोरेंट और होटल बंद होने की कगार पर पहुँच गए हैं.”

    उन्होंने कहा, “इस समय देशभर में शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है, और अगर यही हालात रहे तो लोगों को अपनी शादियां तक टालनी पड़ सकती हैं.”

    पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो सबसे बड़ी ग़लती की है कि जब किसी भी युद्ध में हमारा जब कोई स्टेक ही नहीं है तो हमें किसी भी पक्ष का साथ नहीं देना चाहिए था. भारत की गुटनिरपेक्ष नीति, जो पिछले 75 सालों से चली आ रही थी उसे मोदी जी ने ध्वस्त कर दिया.”

    प्रधानमंत्री की इसराइल यात्रा को लेकर उन्होंने कहा, “वह सीधे अमेरिका और इसराइल के साथ और ईरान के ख़िलाफ़ खड़े हो गए. युद्ध शुरू होने से एक दिन पहले उन्हें इसराइल जाने की क्या ज़रूरत थी.”

  2. वेस्ट इंडीज़ और दक्षिण अफ़्रीकी टीमों की देश वापसी पर आईसीसी ने क्या कहा?

    इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद कई टीमों की घर वापसी में हो रही देरी की वजह को लेकर एक बयान जारी किया है.

    आईसीसी ने बुधवार को जारी बयान में कहा, "हम समझते हैं कि खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ़ और उनके परिवार घर लौटने को लेकर चिंतित हैं. उनका अभी तक वापस नहीं जा पाना निराशा की बात है और आईसीसी भी इस निराशा को समझता है."

    आईसीसी के मुताबिक़ मध्य पूर्व में चल रहे संकट की वजह से हवाई क्षेत्र बंद होना, मिसाइल हमलों की चेतावनी, उड़ानों का रूट बदलना और कम समय में कई कॉमर्शियल और चार्टर्ड उड़ानों का रद्द होना या समय में बदलाव होना जैसी स्थितियां पैदा हुई हैं.

    बोर्ड ने कहा कि ये परिस्थितियां उसके नियंत्रण से बाहर हैं और इसके कारण खिलाड़ियों की यात्रा की व्यवस्था सामान्य समय की तुलना में कहीं ज़्यादा मुश्किल हो गई है.

    आईसीसी ने बताया कि वह लगातार एयरलाइंस, चार्टर ऑपरेटरों, एयरपोर्ट प्राधिकरणों, ग्राउंड हैंडलरों और विभिन्न देशों की सरकारों से संपर्क में है ताकि सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित तरीके़ से घर भेजा जा सके.

    बयान में बताया गया कि मौजूदा व्यवस्था के तहत दक्षिण अफ्रीकी टीम के खिलाड़ी बुधवार रात से दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना होना शुरू करेंगे और अगले 36 घंटे में सभी के निकल जाने की उम्मीद है.

    वहीं वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट टीम के नौ सदस्य पहले ही कैरेबियाई क्षेत्र के लिए यात्रा कर रहे हैं, जबकि बाकी 16 खिलाड़ियों की उड़ानें अगले 24 घंटों में भारत से रवाना होने वाली हैं.

    आईसीसी ने यह भी कहा कि इन व्यवस्थाओं को लेकर सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं. उसके मुताबिक़, फै़सले सुरक्षा और खिलाड़ियों के हित को ध्यान में रखकर लिए गए हैं.

    आईसीसी ने कहा कि उसका सबसे बड़ा लक्ष्य खिलाड़ियों, उनके परिवारों और टीम स्टाफ़ की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और जब तक यात्रा पूरी तरह सुरक्षित नहीं होगी, तब तक किसी को रवाना नहीं किया जाएगा.

  3. मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमला, ईरान के सरकारी मीडिया ने क्या बताया?

    इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा है कि ईरान ने क़तर, कुवैत और इराक़ में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं.

    आईआरजीसी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि क़तर के अल उदैद एयरबेस, कुवैत के कैंप अरिफ़जान और इराक़ के हरिर एयरबेस को निशाना बनाया गया.

    ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईएसएनए के मुताबिक़, इस 'बड़े पैमाने पर किए गए हमले' में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नौसेना के यूएस फिफ्थ फ़्लीट को भी निशाना बनाया गया है.

    बयान में दावा किया गया है कि इस कार्रवाई में अमेरिकी सेना के ऑपरेशनल ढांचे को नष्ट कर दिया गया है.

    इन हमलों को लेकर अभी तक अमेरिकी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

  4. ईरानी महिला फ़ुटबॉल टीम की एक खिलाड़ी का फै़सला बदला, देश वापसी का निर्णय

    ईरान की महिला फ़ुटबॉल टीम से जुड़ी एक नई जानकारी सामने आई है. एशियन कप से बाहर होने के बाद टीम की कई खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया छोड़ चुकी हैं.

    इससे पहले खबर आई थी कि टीम के पांच सदस्यों को ऑस्ट्रेलिया में मानवीय आधार पर वीज़ा दिया गया था. बताया गया था कि मैच से पहले राष्ट्रीय गान नहीं गाने के कारण उन्हें अपने देश लौटने पर सुरक्षा को लेकर डर था. बाद में टीम के दो अन्य सदस्यों ने भी ऑस्ट्रेलिया में रहने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था.

    हालांकि अब ख़बर है कि जिन खिलाड़ियों को शरण दी गई थी, उनमें से एक खिलाड़ी ने अपना फै़सला बदल लिया है और ईरान वापस लौटने का निर्णय लिया है. उस खिलाड़ी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है.

    ऑस्ट्रेलिया के गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने कहा कि उन्हें आज स्थानीय समयानुसार सुबह क़रीब 10 बजे इस फै़सले की जानकारी दी गई.

    उन्होंने कहा, "ऑस्ट्रेलिया में लोगों को अपना फै़सला बदलने और यात्रा करने की आज़ादी है. इसलिए हम उस परिस्थिति का सम्मान करते हैं जिसमें उन्होंने यह निर्णय लिया."

    टोनी बर्क ने यह भी बताया कि वीज़ा पाने वाली बाकी छह ईरानी महिला खिलाड़ियों को अपना ठिकाना बदलना पड़ा है.

    उनके मुताबिक़, जिस खिलाड़ी ने वापस लौटने का फै़सला किया, उन्हें उनके साथियों और कोच ने ईरानी दूतावास से संपर्क करने और वहां से ले जाने के लिए कहा था.

    बर्क ने कहा कि इससे एक समस्या यह हुई कि 'ईरानी दूतावास को उस जगह का पता चल गया जहां बाकी खिलाड़ी रह रहीं थीं.'

    इसके बाद सुरक्षा कारणों से बाकी खिलाड़ियों को दूसरी जगह ले जाया गया.

  5. 'अर्शदीप अगर सॉरी नहीं कहते तब भी ठीक था', गौतम गंभीर ने ऐसा क्यों कहा?

    आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फ़ाइनल में भारतीय टीम के तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह और न्यूज़ीलैंड के क्रिकेटर डेरिल मिचेल के बीच हुई तीखी बहस पर गौतम गंभीर ने कहा है कि मैदान पर 'आक्रामकता दिखाना' ग़लत नहीं है.

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा, "आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं और ऐसे में आक्रामकता दिखाना स्वाभाविक है. इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है."

    उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी गेंदबाज़ को दो छक्के लगने के बाद अच्छा नहीं लगता.

    गंभीर का कहना है कि वह भारतीय टीम के खिलाड़ियों से इसी तरह की प्रतिक्रिया देखना चाहते हैं.

    उन्होंने यह भी कहा कि अगर अर्शदीप सिंह ने डेरिल मिचेल से माफ़ी नहीं भी मांगी होती, तो उन्हें इससे कोई समस्या नहीं होती.

    मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा, "यह अच्छी बात है कि उन्होंने माफ़ी मांग ली, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर न कोई दोस्त होता है और न दुश्मन. आपका काम सिर्फ़ अपने देश के लिए मैच जीतना होता है."

    आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के फ़ाइनल के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा में रहा था.

    इसके बाद अर्शदीप सिंह पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की आचार संहिता तोड़ने पर मैच फ़ीस पर 15 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया गया है.

    आईसीसी के मुताबिक़, अर्शदीप ने आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का उल्लंघन किया. यह आर्टिकल कहता है, "अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान गेंद या किसी अन्य क्रिकेट उपकरण को खिलाड़ी की तरफ़ या उसके पास ग़लत और ख़तरनाक तरीके से फेंकना नियम तोड़ना है."

    यह घटना टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड की पारी के 11वें ओवर में हुई. अर्शदीप ने गेंद को फ़ील्ड किया और ग़ुस्से में ग़लत तरीके से फेंक दिया, जो बल्लेबाज़ डैरिल मिशेल के पैड्स पर लगी.

    भारत ने रविवार को न्यूज़ीलैंड को फ़ाइनल में हराकर तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था.

    ये भी पढ़ें:

  6. ईरान का दावा, इसराइल और अमेरिका के ठिकानों पर 'अब तक का सबसे बड़ा हमला'

    ईरान ने एक बार फिर मध्य पूर्व में इसराइल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर हमले शुरू किए हैं.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा है कि यह हमला संघर्ष की शुरुआत के बाद से अब तक का सबसे भीषण और सबसे बड़ा हमला है.

    इसराइल ने कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों की पहचान की है. हालांकि बाद में इसराइल ने कहा कि अब नागरिकों के लिए शेल्टर से बाहर निकलना सुरक्षित है.

    इस बीच सऊदी अरब ने कहा कि उसने एक तेल ठिकाने की ओर बढ़ रहे दो ड्रोन्स को मार गिराया है.

    बहरीन में भी सायरन बजे हैं, जहां अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय स्थित है.

  7. भारत को रूसी तेल की ख़रीद की 'इजाज़त' पर अमेरिका ने अब क्या कहा?

    व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच एनर्जी सप्लाई बनाए रखने के लिए अमेरिका ने अस्थायी रूप से भारत को समुद्र में पहले से मौजूद रूसी तेल स्वीकार करने की इजाज़त दी है.

    प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान यह जानकारी दी.

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने यह फै़सला इसलिए लिया क्योंकि भारत में हमारे सहयोगियों ने ज़िम्मेदार रवैया दिखाया है और पहले भी उन्होंने प्रतिबंधित रूसी तेल ख़रीदना बंद कर दिया था.

    लेविट ने कहा, "अब जब हम ईरान संकट की वजह से दुनिया भर में तेल की आपूर्ति में बने अस्थायी गैप को भरने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए हमने उन्हें अस्थायी तौर पर रूसी तेल को ख़रीदने की अनुमति दी है."

    उन्होंने यह भी कहा कि यह रूसी तेल पहले से ही समुद्र में था, यानी जहाज़ों पर लदा हुआ और रास्ते में था. इसलिए यह सिर्फ़ एक अस्थाई व्यवस्था है और हमारा मानना है कि इससे रूसी सरकार को ख़ास वित्तीय फ़ायदा नहीं होगा.

  8. ईरान के साथ युद्ध में क़रीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल- पेंटागन

    अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा है कि 28 फ़रवरी को ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक क़रीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं.

    पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने एक बयान में कहा कि इन घायलों में से ज़्यादातर को मामूली चोटें आई हैं और 108 सैनिक ड्यूटी पर लौट चुके हैं.

    उन्होंने बताया कि आठ सैनिक गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें बेहतर इलाज की सुविधा दी जा रही है.

    अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर 28 फ़रवरी को हमला किया था, जिसके बाद से मध्य पूर्व के देशों में तनाव की स्थिति है.

  9. ईरान में अपने कॉन्सुलेट पर हमले को लेकर रूस ने क्या कहा?

    रूस ने कहा है कि ईरान के इस्फ़हान में उसका कॉन्सुलेट हफ़्ते के आख़िर में हुए हमलों के कारण क्षतिग्रस्त हो गया.

    रूस के मुताबिक़ कॉन्सुलेट के पास स्थित स्थानीय गवर्नर के दफ़्तर पर हुए हमलों के कारण यह नुक़सान हुआ.

    रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखारोवा ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय क़ानून का 'साफ़ उल्लंघन' बताया, हालांकि इस हमले के लिए उन्होंने किसी ख़ास देश पर आरोप नहीं लगाया.

    उन्होंने कहा, "मध्य पूर्व में संघर्ष लगातार बढ़ रहा है, जिसका सीधा या अप्रत्यक्ष असर अब ज़्यादा देशों और उनके नागरिकों के हितों पर पड़ रहा है."

    ज़ाखारोवा ने यह भी कहा कि इस घटना में किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की ख़बर नहीं है.

  10. मोजतबा ख़ामेनेई को नया सर्वोच्च नेता घोषित किए जाने के बाद पहली बार भारत ने ईरान से की बातचीत

    भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची से फ़ोन पर बातचीत की है. मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी बातचीत है.

    दोनों देशों के बीच बातचीत ऐसे समय हुई है जब होर्मुज़ स्ट्रेट में तेल की सप्लाई लगभग बाधित हो गई है और इससे कई देश की चिंताएं बढ़ी हैं.

    ईरान के अलावा एस जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री योहन वादेफु़ए और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चोह यन से भी बात की और मध्य पूर्व में तेज़ी से बदल रहे हालात पर चर्चा की.

    जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "ईरान के विदेश मंत्री अराग़ची के साथ जारी संघर्ष से जुड़े ताज़ा घटनाक्रम पर विस्तार से बातचीत हुई. हमने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई."

    ईरान में मोजतबा ख़ामेनेई को नया सर्वोच्च नेता घोषित किए जाने के बाद दोनों विदेश मंत्रियों के बीच यह पहली बातचीत थी.

    उनके पिता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की कुछ दिन पहले अमेरिका और इसराइल के हमले में मौत हो गई थी.

  11. अमेरिका का दावा, ईरान के बारूदी सुरंग बिछाने वाले 16 जहाज़ नष्ट

    अमेरिका ने दावा किया है कि उसकी सेना ने होर्मुज़ स्ट्रेट के पास माइन बिछाने वाले ईरान के 16 जहाज़ों को नष्ट कर दिया है.

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें इन जहाज़ों पर हमले होते हुए दिखाई देते हैं.

    इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी बलों ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में ईरान के 10 खड़े जहाज़ों पर हमला किया है.

    यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण इस समुद्री रास्ते से जहाज़ों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है.

    यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल की आवाजाही के लिए सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में से एक है.

    सीबीएस न्यूज़ के मुताबिक़, अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों को आशंका थी कि ईरान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में नेवल माइंस (पानी के अंदर छिपाकर रखे जाने वाले विस्फोटक) बिछाने की तैयारी कर रहा था.

  12. नमस्कार!

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.