केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस
मंत्रालय ने कहा है कि भारत का '70
फ़ीसदी कच्चे तेल का आयात होर्मुज़ स्ट्रेट के बाहर के रास्ते' आ रहा है.
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता
शर्मा ने यह जानकारी एक साझा प्रेस ब्रीफ़िंग में दी है. ब्रीफ़िंग में पेट्रोलियम
एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, शिपिंग
मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण
मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए.
सुजाता शर्मा ने कहा, "हम लगभग 40 देशों से क्रूड आयात करते हैं. तेल
कंपनियों ने विभिन्न स्रोतों से क्रूड मंगाया है. इस विविधता के कारण हमारा लगभग
70 फ़ीसदी क्रूड इंपोर्ट होर्मुज़ स्ट्रेट के बाहर के रास्ते आ रहा है, जो कि पहले 55 फ़ीसदी था."
उन्होंने कहा, "आज दो कार्गो भारत की ओर चल पड़े हैं. कुछ दिनों
के भीतर वे आ जाएंगे और देश में क्रूड सप्लाई की स्थिति को मज़बूती देंगे."
मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत में
घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ा है, जिसे
पूरी तरह से घरेलू उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है.
सुजाता शर्मा ने कहा, "वर्तमान समय में हम अपनी एलपीजी ज़रूरतों का 60
फ़ीसदी हिस्सा आयात करते हैं. इसमें से 90 फ़ीसदी हिस्सा होर्मुज़ स्ट्रेट के
रास्ते आता है. इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने कई क़दम उठाए हैं. जैसे कि
भारत सरकार ने आठ मार्च को आदेश जारी कर सभी रिफ़ाइनरीज़ और पेट्रोकेमिकल
कॉम्प्लेक्सेज़ को एलपीजी उत्पादन को ज़्यादा से ज़्यादा बढ़ाने का आदेश
दिया."
उन्होंने कहा, "इन्हीं प्रयासों की वजह से हमारा घरेलू एलपीजी
उत्पादन 25 फ़ीसदी बढ़ा है और पूरे घरेलू एलपीजी को घरेलू उपभोक्ताओं को भेजा जा
रहा है. ग़ैर-घरेलू एलपीजी के लिए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे ज़रूरी
सेक्टर को प्राथमिकता दी जा रही है."
शिपिंग मंत्रालय ने क्या बताया?
शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया, "फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र में भारत के झंडे वाले 28 जहाज़ संचालित हो रहे हैं. इन 28 जहाज़ों में से 24 होर्मुज़ स्ट्रेट के पश्चिम में हैं. इन जहाज़ों पर कुल 677 नाविक सवार हैं."
उन्होंने कहा, "होर्मुज़ स्ट्रेट के पूर्व में चार जहाज़ हैं, जिन पर 101 भारतीय नाविक सवार हैं."