20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इस दिन वह 200 से भी ज़्यादा कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.
इसमें वे कार्यकारी आदेश शामिल होंगे, जो क़ानूनी रूप से बाध्यकारी हैं.
कार्यकारी आदेश राष्ट्रपति की ओर से संघीय सरकार को जारी किया गया एक लिखित आदेश है, जिसके लिए अमेरिका की संसद की मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं होती है.
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 220 कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें कुछ को अदालत में चुनौती दी गई.
जो बाइडन ने 160 कार्यकारी आदेश जारी किए और बराक ओबामा और बुश ने 277 और 291 आदेश जारी किए.
ट्रंप अमेरिका से अवैध प्रवासियों को निकालने की घोषणा कर सकते हैं.
ट्रंप ने यह भी कहा है कि वह उस लंबे समय से चली आ रही नीति को ख़त्म कर देंगे जिसने संघीय आप्रवासन अधिकारियों को चर्चों और स्कूलों पर छापे मारने से रोक दिया है.
किसी भी बड़े 'देश-निकाला कार्यक्रम' को लॉजिस्टिकल कठिनाइयों, अरबों की लागत और कई क़ानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है
ट्रंप जल्द ही अपनी 'रिमेन इन मेक्सिको' नीति को फिर से लागू करने के लिए आगे बढ़ सकते हैं.
जिसने उनके पहले कार्यकाल के दौरान लगभग 70,000 गैर-मेक्सिकन शरण चाहने वालों को सुनवाई का इंतजार करने के लिए सीमा पार से मेक्सिको लौटा दिया था.
जन्मसिद्ध नागरिकता को खत्म करना
ट्रंप ने 150 साल पुराने उस संवैधानिक अधिकार को "हास्यास्पद" बताया है, जिसके मुताबिक़ अमेरिकी ज़मीन पर जन्म लेने वाला कोई भी व्यक्ति अमेरिकी नागरिक है और इसे पहले ही दिन खत्म करने का संकल्प लिया है.
लेकिन ऐसा करना केवल एक कार्यकारी आदेश जारी करने से कहीं ज़्यादा मुश्किल है, क्योंकि जन्मजात नागरिकता की गारंटी अमेरिकी संविधान में स्पष्ट रूप से दी गई है.