यूपी की एक कोर्ट ने राज्य सरकार की उस अर्ज़ी को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें 2015 के दादरी लिंचिंग केस में सभी अभियुक्तों के ख़िलाफ़ केस वापस लेने की बात कही गई थी
रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने कहा है कि हिन्दी के शीर्ष कवि-कथाकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन हो गया है
राहुल गांधी के जर्मनी में दिए बयानों पर बीजेपी हमलावर
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इमेज कैप्शन, बीजेपी नेता तरुण चुग ने कहा कि राहुल गांधी की देश के लोकतंत्र को बदनाम करने की आदत हो गई है (फ़ाइल फ़ोटो)
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के जर्मनी में दिए बयानों को लेकर बीजेपी ने उन पर निशाना साधा है.
बीजेपी महासचिव तरुण चुग ने कहा, "राहुल गांधी को विदेशी धरती पर भारत के संस्थानों, संविधान और संस्कृति के ख़िलाफ़ बोलने की आदत है. उनकी आदत बन गई है कि देश के लोकतंत्र को बदनाम करो और विदेशी आकाओं की तालियां बटोरो."
उन्होंने कहा, "चीन का गुणगान करने से पहले राहुल गांधी को अपनी पार्टी और सरकार (यूपीए) का रिकॉर्ड भी देखना चाहिए."
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हर्टी स्कूल के कार्यक्रम 'पॉलिटिक्स इज़ द आर्ट ऑफ़ लिसनिंग' में कई बयान दिए.
उन्होंने आरएसएस की विचारधारा, लघु एवं मध्यम उद्योग, मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर, इंटेलिजेंस और जांच एजेंसियों के 'ग़लत इस्तेमाल' और भारत में चुनाव समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी.
राहुल गांधी ने मोदी सरकार की कई नीतियों पर सवाल भी उठाए.
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- बांग्लादेश में हिन्दू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या और हिन्दुओं पर हिंसा के विरोध में दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर विश्व हिन्दू परिषद और अन्य हिन्दू संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. पूरी ख़बर पढ़ें.
- बांग्लादेश में इंक़लाब मंच से जुड़े स्टूडेंट लीडर उस्मान हादी की हत्या के बाद अब एक और नेता को सार्वजनिक जगह पर गोली मारी गई है. पूरी ख़बर पढ़ें.
- बांग्लादेश में 'द डेली स्टार' के कार्यालय पर हुए हमले पर अख़बार के संपादक महफ़ूज़ अनम ने कहा कि पत्रकारों की निजी सुरक्षा को लेकर चिंता अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की मांग से भी आगे निकल गई है.
- असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग ज़िले में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सोमवार को कथित तौर पर ज़िले के एक शीर्ष बीजेपी नेता के घर में आग लगा दी. पूरी ख़बर पढ़ें.
ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर हिन्दू संगठनों का प्रदर्शन
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इमेज कैप्शन, दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे हैं
समाचार एजेंसी पीटीआई और एएनआई के मुताबिक़, बांग्लादेश में हिन्दू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या और हिन्दुओं पर हिंसा के विरोध में दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर विश्व हिन्दू परिषद और अन्य हिन्दू संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं.
समाचार एजेंसियों ने ऐसे कई वीडियो जारी किए हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों की काफ़ी भीड़ देखी जा रही है.
पीटीआई के मुताबिक़, प्रदर्शन की वजह से बांग्लादेश उच्चायोग में और उसके आसपास अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है. इसके साथ ही कड़ी जांच की जा रही है.
एएनआई के एक वीडियो में पुलिस बैरिकेडिंग के पास प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच खींचतान और धक्कामुक्की देखी जा रही है. एक अन्य वीडियो में भारी संख्या में प्रदर्शनकारी हाथों तख़्तियां लिए नारेबाज़ी करते दिख रहे हैं.
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इमेज कैप्शन, पुलिस प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है
बांग्लादेश के मैमनसिंह ज़िले में धर्म का अपमान करने के आरोप में भीड़ ने एक हिंदू युवक को पीट-पीटकर मार डाला था. यह घटना 18 दिसंबर की है.
पुलिस ने बताया कि युवक को पीट-पीटकर मार डालने के बाद उसके शव को एक पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई थी. पुलिस ने मृतक युवक की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में की थी.
असम के कार्बी आंगलोंग में प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बीजेपी नेता के घर में लगाई आग, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, कार्बी आंगलोंग भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के तहत गठित एक स्वायत्त क्षेत्र है
असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग ज़िले में विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सोमवार को कथित तौर पर ज़िले के एक शीर्ष बीजेपी नेता के घर में आग लगा दी.
यह घटना खेरोनी थाना क्षेत्र की है. यहां बीजेपी के नेतृत्व वाली कार्बी आंगलोंग स्वायत्तशासी परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य तुलिराम रोंगहांग का घर है.
दरअसल, भीड़ ने कथित तौर पर रोंगहांग के घर पर आग उस समय लगाई जब प्रदर्शनकारियों और उनके बीच एक बैठक होने वाली थी.
आगज़नी की घटना के समय बीजेपी नेता के परिवार का कोई भी सदस्य घर पर मौजूद नहीं था.
ज़िला प्रशासन ने इलाक़े में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लगा दी है. इसके साथ ही राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को प्रभावित क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भेजा गया है.
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इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठे उनके कुछ लोगों को जबरन हटाया
क्यों हुई हिंसा?
6 दिसंबर से खेरोनी थाने के अंतर्गत फेलांगपी में स्थानीय आदिवासी भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे.
ये लोग मुख्य रूप से क्षेत्र में सरकारी तौर पर तय चरागाह आरक्षित भूमि और विलेज ग्रेजिंग रिज़र्व की ज़मीन से कथित अवैध बसावटों को हटाने की मांग कर रहे हैं.
कार्बी आंगलोंग भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के तहत गठित एक स्वायत्त क्षेत्र है और विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि आरक्षित ज़मीन पर अन्य राज्यों से आए 'बाहरी लोगों' ने कब्ज़ा कर रखा है.
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सोमवार सुबह पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठे उनके कुछ लोगों को जबरन हटाया. इसके बाद सैकड़ों की तादाद में जमा हुए प्रदर्शनकारियों ने सड़क के पास पुल पर बैठकर नारेबाज़ी की.
इस बीच इलाक़े में तनाव बढ़ने से भीड़ में शामिल प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बीजेपी नेता और आदिवासी परिषद के चीफ़ रोंगहांग के घर में आग लगा दी.
पुलिस ने हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले बल का प्रयोग किया, बाद में हवाई फायरिंग की.
इस घटना में कम से कम 22 लोग घायल हुए, जिनमें 20 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि स्थिति को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को फ़ायरिंग करनी पड़ी, जिसमें दो प्रदर्शनकारियों के पैरों में गोली लगी है.
खेरोनी के नेपाली बस्ती और आसपास के इलाक़ों में व्यापक तोड़फोड़ की ख़बरें सामने आई हैं.
क्षेत्र के एक स्थानीय पत्रकार सुशांत राय ने बताया, "कुछ प्रदर्शनकारियों ने निजी घरों और दुकानों को नुक़सान पहुंचाया है और कई वाहनों में तोड़फोड़ की है."
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इमेज कैप्शन, पुलिस ने हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल का इस्तेमाल किया और फ़ायरिंग की
बीजेपी नेता और सीएम सरमा ने क्या कहा?
इस घटना के बाद पत्रकारों से बात करते हुए तुलिराम रोंगहांग ने पूरे मामले को ग़लतफ़हमी का नतीजा बताया.
उन्होंने कहा, "प्रदर्शनकारियों के साथ शाम 4 बजे एक बैठक तय की गई थी. भूख हड़ताल करने वालों में से कुछ को बिगड़ती सेहत की वजह से इलाज के लिए गुवाहाटी ले जाया गया, लेकिन दूसरों ने सोचा कि उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है. जिसके कारण स्थिति इस तरह उत्पन्न हो गई."
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू को इलाक़े में भेजा गया है.
सीएम सरमा ने कहा, "ग़ैर-कार्बी लोगों को हटाने पर कोर्ट ने रोक लगा रखी है. हम कोर्ट के आदेशों को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते और मैंने इस मामले में ख़ुद प्रदर्शनकारियों से मिलने का वादा किया है. मुझे विश्वास है कि हम बातचीत से कोई समाधान निकाल सकते हैं."
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इमेज कैप्शन, प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि आरक्षित ज़मीन पर अन्य राज्यों से आए 'बाहरी लोगों' ने कब्ज़ा कर रखा है
अरावली को लेकर चल रहे विवाद पर बताएं अपनी राय
सुप्रीम कोर्ट की ओर से अरावली पहाड़ियों की परिभाषा बदलने के बाद लगभग पूरे उत्तर भारत में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.
अरावली दुनिया की सबसे पुरानी भूगर्भीय संरचनाओं में से एक है, जो राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और राजधानी दिल्ली तक फैली हुई है.इस विवाद पर अपनी राय बताएं. कमेंट करने के लिए बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के फ़ेसबुक या इंस्टाग्राम पेज पर जाएं.
पुतिन की धमकी के बाद रूस ने यूक्रेन के इस अहम इलाक़े पर तेज़ किए हमले, लौरा गोज़ी
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इमेज कैप्शन, ओडेसा में कई दिनों से रूसी हमले जारी हैं
रूस ने यूक्रेन के दक्षिणी क्षेत्र ओडेसा पर अपने हमले तेज़ कर दिए हैं. इन हमलों से बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और क्षेत्र के समुद्री इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर ख़तरा बढ़ गया है.
यूक्रेन के उप-प्रधानमंत्री ओलेक्सी कुलेबा ने कहा कि रूस इस क्षेत्र पर "सुनियोजित" हमले कर रहा है. पिछले हफ़्ते उन्होंने चेतावनी दी थी कि युद्ध का फ़ोकस "शायद ओडेसा की ओर हो गया है".
राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि बार-बार हो रहे ये हमले यूक्रेन को समुद्री लॉजिस्टिक्स तक पहुंच से रोकने की रूस की कोशिश हैं.
दिसंबर की शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने काला सागर में रूस के 'शैडो फ़्लीट' के टैंकरों पर ड्रोन हमलों के जवाब में यूक्रेन की समुद्र तक पहुंच को रोकने की धमकी दी थी.
'शैडो फ़्लीट' सैकड़ों टैंकरों के नेटवर्क को कहा जाता है. रूस इनका इस्तेमाल 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए करता है.
सोमवार को ओडेसा में हुए हमले हाल के दिनों में हुए सैकड़ों हमलों की कड़ी का हिस्सा था. इन हमलों की वजह से इलाक़े में कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है और कई लोग हताहत हुए हैं.
बांग्लादेश: दफ़्तर पर हमले के बाद 'द डेली स्टार' के संपादक की ये टिप्पणी
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इमेज कैप्शन, महफ़ूज़ अनम ने कहा कि 'द डेली स्टार' के कार्यालय में भीड़ के हमले के वक्त 26-27 पत्रकार छत पर फंस गए थे (फ़ाइल फ़ोटो)
'द डेली स्टार' के संपादक महफ़ूज़ अनम ने कहा कि पत्रकारों की निजी सुरक्षा को लेकर चिंता अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की मांग से भी आगे निकल गई है. उन्होंने यह बात 'द डेली स्टार' के कार्यालय पर हुए हमले के बाद कही है.
बांग्लादेश में स्टूडेंट लीडर उस्मान हादी की हत्या के बाद भड़की हिंसा में दो मीडिया संस्थानों 'द डेली स्टार' और 'प्रथम आलो' के कार्यालयों में आगजनी और तोड़फोड़ हुई थी.
इसके विरोध में सोमवार को ढाका के सोनारगांव होटल में एक कार्यक्रम 'बांग्लादेश अंडर मॉब वायलेंस' आयोजित किया गया.
'प्रथम आलो' के मुताबिक़, 'द डेली स्टार' के कार्यालय में हमले पर बात करते हुए महफ़ूज़ अनम ने कहा कि कम से कम 26-27 पत्रकार छत पर फंस गए थे और फ़ायर सर्विस को वहां तक पहुंचने से रोका गया.
उन्होंने कहा, "हमने सोशल मीडिया पर देखा है कि वे लोग कह रहे हैं कि डेली स्टार और प्रथम आलो के पत्रकारों को ढूंढकर उनके घरों में मार दिया जाना चाहिए."
इस घटना को 'निर्मम' बताते हुए महफ़ूज़ अनम ने कहा कि इससे पत्रकारों की निजी सुरक्षा का मुद्दा सबसे आगे आ गया है. उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे अपनी जान की सुरक्षा की मांग को लेकर एकजुट हों.
बांग्लादेश में उस्मान हादी के बाद एक और नेता को मारी गई गोली
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इमेज कैप्शन, स्टूडेंट लीडर उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क गई और कई जगहों पर प्रदर्शन हुए
बांग्लादेश में इंक़लाब मंच से जुड़े स्टूडेंट लीडर उस्मान हादी की हत्या के बाद अब एक और नेता को सार्वजनिक जगह पर गोली मारी गई है.
बांग्लादेश के अख़बार 'ढाका ट्रिब्यून' के मुताबिक़, नेशनल सिटिज़न पार्टी (एनसीपी) के खुलना डिवीज़न के प्रमुख और श्रमिक शक्ति के केंद्रीय आयोजक मोतेलब सिकदर को सोमवार सुबह क़रीब 11:45 बजे खुलना के सोनाडांगा इलाक़े में गोली मारी गई.
अख़बार ने अस्पताल सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सिकदर को खुलना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया गया है.
इस मामले में सोनाडांगा मॉडल पुलिस स्टेशन के प्रभारी (जांच) अनिमेष मंडल ने बताया कि सिकदर को "अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी और स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाकर अस्पताल पहुंचाया."
इस घटना के बाद मौक़े पर पुलिस को तैनात किया गया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना की जांच जारी है.
इससे पहले, 12 दिसंबर को उस्मान हादी को ढाका की एक मस्जिद से निकलते वक़्त गोली मारी गई थी. गोली सिर में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें इलाज के लिए 15 दिसंबर को सिंगापुर ले जाया गया था.
18 दिसंबर को अस्पताल में हादी की मौत हो गई. उनकी मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क गई.
बांग्लादेश ने दिल्ली उच्चायोग के बाद इन जगहों पर भी वीज़ा सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई
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इमेज कैप्शन, अगरतला में वीज़ा और कंसुलर सेवाओं को अस्थायी तौर पर बंद किया गया है
बांग्लादेश ने दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग में वीज़ा सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने के बाद अगरतला में वीज़ा कार्यालय और सिलीगुड़ी स्थित वीज़ा आवेदन केंद्र भी बंद कर दिए हैं.
बीबीसी बांग्ला सेवा के मुताबिक़, त्रिपुरा के अगरतला स्थित बांग्लादेश वीज़ा और काउंसलर सेवाओं को मंगलवार से अनिश्चितकाल के लिए बंद किया गया है.
वहीं पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित बांग्लादेश वीज़ा आवेदन केंद्र का कामकाज भी अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है.
बांग्लादेश में हिन्दू युवक दीपू चंद्र दास की मौत के बाद पिछले कुछ दिनों से अगरतला में कुछ स्थानीय संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
हालांकि, बीबीसी बांग्ला सेवा ने दूतावास के सूत्रों के हवाले से बताया कि कोलकाता में बांग्लादेश वीज़ा कार्यालय अब भी खुला है.
इससे पहले बांग्लादेश ने दिल्ली स्थित उच्चायोग में वीज़ा सेवाएं अस्थायी रूप से रोकीं. उच्चायोग के गेट पर एक नोटिस लगाया गया है जिसमें कहा गया है कि ये गतिविधियां अगली सूचना तक बंद रहेंगीं.
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इमेज कैप्शन, अगरतला में बांग्लादेश के असिस्टेंट हाई कमिशन की ओर से नोटिस जारी किया गया है
राहुल गांधी ने जर्मनी में मोदी सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी सोमवार को बर्लिन में एक कार्यक्रम में शामिल हुए
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जर्मनी में कहा है कि 'भारत में बड़े पैमाने पर रोज़गार सिर्फ़ मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर से पैदा हो सकता है और बीजेपी ने इसे पूरी तरह से ख़त्म कर दिया है.'
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने 'अंबानी और अडानी जैसे कारोबारियों के हाथों में पावर सौंप दी' है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हर्टी स्कूल के कार्यक्रम 'पॉलिटिक्स इज़ द आर्ट ऑफ़ लिसनिंग' में शामिल हुए.
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा, "भारत में बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा करने का सिर्फ़ एक ही तरीक़ा है, और वो है मैन्युफैक्चरिंग. बीजेपी ने इसे पूरी तरह से ख़त्म कर दिया है. उन्होंने अंबानी और अडानी के हाथों में पावर दे दी है. इनकी दिलचस्पी मैन्युफ़ैक्चरिंग में नहीं है. अगर आप देखेंगे तो ये ट्रेडिंग कंपनियां हैं, न कि प्रोड्यूसिंग कंपनियां. असल में इनमें से ज़्यादातर भारत में चीनी प्रोडक्ट बेच रहे हैं."
राहुल गांधी ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह एमएसएमई को मज़बूत करने, कृषि में रोज़गार पैदा करने और मैन्युफ़ैक्चरिंग जैसे सेक्टर पर ध्यान देंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में भारत में जीएसटी पूरी तरह से 'उत्पादक विरोधी और उपभोक्ता समर्थक' है.
नमस्कार!
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