साल 2022 की वो नौ घटनाएं जो हमेशा रह जाएंगी याद

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साल 2022 कुछ अभूतपूर्व घटनाओं के लिए हमेशा याद रखा जाएगा. इनमें से कुछ हमारी धरती पर घटीं और कुछ धरती के बाहर, जिनके हम साक्षी बने.

इनमें 'मल्टीप्लिकेशन रिकार्ड' से लेकर हमारे 'अतीत की गहन यात्रा' तक ऐसी कई घटनाएं शामिल हैं जिन्होंने दुनिया का ध्यान खींचा.

नासा ने एस्टरॉयड का रास्ता बदला

मानव इतिहास में 28 सितंबर के दिन को हमेशा याद रखा जाएगा. इस दिन नासा ने धरती के पास से गुज़र रहे एस्टरॉयड (क्षुद्र ग्रह) से स्पेसक्राफ्ट की टक्कर कराकर उसका रास्ता बदलने में कामयाबी हासिल की.

ये टक्कर ये जानने के लिए कराई गई थी कि अंतरिक्ष से धरती की तरफ आने वाली बड़ी चट्टानों और क्षुद्र ग्रहों को धरती की तरफ आने से रोका जा सकता है या नहीं. इस टेस्ट के ज़रिए ये साबित हो गया कि ऐसा किया जा सकता है.

मानव ख़ून में मिले 'माइक्रोप्लास्टिक'

मार्च 2022 में मशहूर जर्नल 'एनवायरनमेंट इंटरनेशनल' में एक रिपोर्ट छपी थी जिसमें दावा किया गया कि एक शोध में जांच के लिए जितने लोगों के ख़ून के नमूने लिए गए उनमें से 80 फ़ीसदी नमूनों में माइक्रोप्लास्टिक्स पाए गए.

माइक्रोप्लास्टिक्स के ये कण पांच मिलीमीटर से छोटे होते हैं. ये मिट्टी या समुद्र में प्लास्टिक के बड़े टुकड़ों के सड़ने और गलने के बाद बनते हैं. ये छोटे कण पूरे पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं.

हालांकि मानव शरीर में इनके होने से क्या असर पड़ता है, इसे लेकर फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन इस पर शोध करने वाले वैज्ञानिकों की आशंका है कि ये हमारे शरीर के सेल्स के लिए ख़तरनाक साबित हो सकते हैं.

फुटबॉल वर्ल्ड कप में बने कई अनूठे रिकॉर्ड

क़तर में हुए फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के दौरान कई नए रिकार्ड बने. फ़ुटबॉल की दुनिया में स्थापित नए मील के पत्थरों की वजह से ये विश्व कप इतिहास में अलग जगह बनाने में कामयाब रहा.

ये किसी भी मुस्लिम देश या पूरे अरब जगत में आयोजित हुआ पहला विश्व कप था.

इसी वर्ल्ड कप में पहली बार महिला रेफ़री फुटबॉल के मैदान पर उतरीं. वो थी स्टीफ़ेनी फ्रैपार्ट, जिन्होंने ग्रुप मैचों में जर्मनी और कोस्टा रिका का मुक़ाबला कराया. स्टीफेनी के साथ महिला मैच रेफरी की पूरी टीम थी, जिसका वो नेतृत्व कर रही थीं. इनमें ब्राज़ील की नेउज़ा बैक और मैक्सिको की कैरेन मेडिना शामिल थीं.

सबसे चर्चित 'पहली बार' वाला करिश्मा मोरक्को की टीम ने दिखाया. ये टीम पूरे अफ़्रीका और अरब वर्ल्ड की पहली टीम थी जो सेमीफ़ाइनल तक पहुंची.

सबसे बड़ा रिकार्ड लियोनेल मेसी के नाम रहा, जिन्होंने अपनी कप्तानी में अर्ज़ेंटीना के लिए विश्व कप जीत कर दिखा दिया. मेसी को पांचवीं कोशिश में वर्ल्ड कप हासिल हुआ. अर्जेंटीना ने 1986 और 1978 में वर्ल्ड कप जीता था.

वहीं फ्रांस के किलियान एमबापे ने विश्व कप के फ़ाइनल में अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ तीन गोल किए. इससे पहले 1966 में इंग्लैंड ने जियोफ़ हर्स्ट ने वेस्ट जर्मनी के ख़िलाफ़ फ़ाइनल में तीन गोल किए थे.

दुनिया की आबादी आठ अरब से आगे

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े के मुताबिक़ 15 नवंबर 2022 के दिन दुनिया की आबादी 8 अरब हो गई.

उस दिन जारी अपने बयान में यूएन ने कहा, "धरती की आबादी में इस अभूतपूर्व वृद्धि की मुख्य वजह है इंसानों की आयु पहले के मुक़ाबले बढ़ना. इंसानों की उम्र अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, खान-पान, व्यक्तिगत साफ-सफाई और दवाओं की वजह से पहले के मुक़ाबले बढ़ी है. इसकी दूसरी वजह है कई देशों में लगातार जन्मदर का बढ़ना.

हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने ये भी कहा कि हमारी आबादी आठ अरब से नौ अरब होने में 15 साल लगेंगे. आबादी के सात अरब से आठ अरब होने में 12 साल का वक्त लगा, लेकिन उसके मुक़ाबले जनसंख्या बढ़ने की रफ़्तार आगे थोड़ी धीमी होगी.

दुनिया के लिए 'वरदान' जैसी मलेरिया वैक्सीन

ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का दावा कुछ ऐसा ही है. इस साल सितंबर महीने में जारी एक बयान में वैज्ञानिकों ने कहा कि उन्होंने 'मलेरिया की ऐसी वैक्सीन विकसित कर ली है, जिससे दुनिया बदल सकती है'.

उम्मीद की जा रही है ये वैक्सीन अगले साल तक सबके लिए उपलब्ध हो सकती है. मलेरिया की वजह से पूरी दुनिया में हर साल चार लाख लोगों की मौत हो जाती है. ये वैक्सीन शुरुआती ट्रायल में 80 फ़ीसदी तक असरदार साबित हुई है.

मलेरिया को पूरी दुनिया में शिशु मृत्युदर में बढ़ोतरी की बड़ी वजह माना जाता है. लेकिन इसके लिए वैक्सीन बनाना बेहद चुनौती भरा साबित हो रहा था, क्योंकि मलेरिया के लिए ज़िम्मेदार वायरस बेहद जटिल प्रवृति वाला होता है. ये बहुत जल्द टारगेट बदलने के साथ शरीर के अंदर अपने रूप और लक्षण भी तेज़ी से बदलता है.

'जेंडर हिस्ट्री' रचने वाले लेडुस

विंटर ओलंपिक्स में 'आइस स्केटिंग' ऐसी प्रतियोगिता है, जिसमें लोग अकेले या अपने जोड़ीदार के साथ हिस्सा लेते हैं.

इसमें मेल या फीमेल जेंडर के साथ 'नॉन बायनरी' यानी ऐसे लोग, जिनका लिंग स्त्री या पुरुष में निर्धारित नहीं, वो भी हिस्सा ले सकते हैं.

टिमोथी लेडुस अमेरिका के जानेमाने 'फिगर स्केटर' हैं और इस साल फरवरी में बीजिंग में हुए विंटर ओलंपिक्स में हिस्सा लेकर उन्होंने यही इतिहास रचा.

हालांकि लेडुस ने प्रतियोगिता में कोई मेडल नहीं जीता, बल्कि वो अपने जोड़ीदार एशली केन के साथ सातवें नंबर पर रहे. लेकिन अपनी लैंगिंक पहचान की वजह से उन्होंने दुनियाभर के प्रशंसकों पर अपनी छाप छोड़ी

जेम्स वेब टेलिस्कोप ने दिखाई सुदूर 'समय की झांकी'

सुदूर अंतरिक्ष की पहली तस्वीर जुलाई में भेजने के बाद से जेम्स वेब्स टेलिस्कोप लगातार सुर्खियों में रहा. दुनिया के अब तक के सबसे बड़े टेलिस्कोप ने ब्रह्मांड के अनदेखे कोनों की हैरतअंगेज तस्वीरें लगातार धरती पर भेजीं.

इन्हीं में से एक थी JADES-GS-z13-0 गैलेक्सी की तस्वीर, जिसकी उम्र 13 अरब साल है. इस आधार पर माना जा रहा है इस गैलेक्सी का निर्माण 'बिंग बैंग' की घटना के ठीक बाद हुआ था.

इस लिहाज़ से ये अब तक की खोजी गई पुरानी गैलेक्सी तो है ही, ज्ञात रूप में ये धरती से सबसे दूर स्थित गैलेक्सी भी है.

ऋषि सुनक का रिकॉर्ड

ब्रिटेन में वैसे तो इस साल कई रिकार्ड बने, खासतौर पर प्रधानमंत्रियों के मामले में. लिज़ ट्रस ब्रिटेन के इतिहास में सबसे कम 45 दिन के लिए प्रधानमंत्री बनी.

लेकिन इससे बड़ा इतिहास उनके बाद बनने वाले प्रधानमंत्री ने रचा. ये थे ऋषि सुनक, जिन्होंने 25 अक्टूबर को शपथ ली. ऋषि सुनक पहले ऐसे प्रधानमंत्री बने, जो ब्रिटिश मूल के नहीं है.

दुनिया का सबसे बड़ा बैक्टीरिया

इस साल जून में वैज्ञानिकों ने दुनिया का सबसे बड़ा बैक्टीरिया खोजने की जानकारी दी. सबसे दिलचस्प बात ये है कि इसे देखने के लिए आपको किसी माइक्रोस्कोप की जरूरत नहीं.

बैक्टीरिया को नाम दिया गया 'थियोमार्गेरिटा मैग्निफ़िसिया'. ये हमारी आखों की पलक के एक बाल जितना बड़ा है. इसकी लंबाई क़रीब एक सेंटीमीटर है, यानी अब तक पाए गए बड़े से बड़े बैक्टीरिया से 50 गुना ज़्यादा बड़ा.

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