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जैकब ब्लेक: विरोध की आग में क्यों धधक रहा है अमरीका का एक शहर
अमरीका के विस्कॉन्सिन में लगातार दूसरी रात हिंसा की घटनाएँ हुई हैं. कई इमारतों और कारों में आग लगा दी गई. रविवार को एक काले व्यक्ति को पुलिस ने गोली मार दी थी. इसी के बाद वहाँ हिंसक घटनाएँ हो रही हैं.
29 वर्षीय जैकब ब्लेक की स्थिति स्थिर बताई जा रही है. केनोशा शहर में एक कार का दरवाज़ा खोलते समय पुलिस ने उन्हें कई गोलियाँ मारी थी. विस्कॉन्सिन के गवर्नर टोनी एवर्स ने स्थानीय पुलिस की सहायता के लिए नेशनल गार्ड को बुलाया है.
इसी साल मई में मिनिएसोटा में एक काले व्यक्ति जॉर्ज फ़्लायड की हत्या के बाद नस्लवाद और पुलिस बर्बरता के ख़िलाफ़ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे.
वीडियो फुटेज़ में दिख रहा है कि ब्लेक एक कार की ओर झुक रहे हैं और एक पुलिस अधिकारी उनके कपड़े पकड़कर खींच रहा है, बाद में गोलियाँ चलने की आवाज़ें सुनाई दी.
स्थानीय समय के मुताबिक़ रात आठ बजे से सुबह सात बजे तक केनोशा में कर्फ़्यू लगाया गया है. लेकिन कई प्रदर्शनकारी इसके बावजूद सड़कों पर उतर आए.
क्या स्थिति है अभी
केनोशा से बीबीसी संवाददाता अलीम मक़बूल के मुताबिक़ जैकब ब्लेक के लिए न्याय की मांग करने के लिए सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे हुए थे. पुलिस ने पहले उन्हें धक्का देकर वापस भेजने की कोशिश की. बाद में आँसू गैस के गोले छोड़े गए और साउंड बम का भी इस्तेमाल किया गया.
लेकिन प्रदर्शनकारी फिर वापस आ जाते थे. प्रदर्शनकारी नारा लगा रहे थे कि वे वापस नहीं जाएँगे. कई इलाक़ों में गाड़ियों में आग लगा दी गई और इमारतों में तोड़फोड़ की गई. स्ट्रीट लाइट्स को भी तोड़ दिया गया.
एक युवा प्रदर्शनकारी ने कहा, "पुलिस की गोली से मारे जाने के डर से मैं तंग आ गया हूँ. आज उन्हें हमारी बात सुननी ही होगी."
एक प्रेस रिलीज़ में गवर्नर एवर्स ने कहा है कि सीमित संख्या में नेशनल गार्ड को तैनात किया जाएगा. उनका कहना है कि स्थानीय अधिकारियों के अनुरोध पर ऐसा किया जा रहा है ताकि लोग सुरक्षित तरीक़े से प्रदर्शन कर सकें. उन्होंने कहा कि नेशनल गार्ड के 125 जवानों को तैनात किया जा रहा है.
इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने केनोशा के पब्लिक सेफ़्टी बिल्डिंग में घुसने की कोशिश की. उनकी मांग थी कि गोलाबारी में शामिल अधिकारियों को गिरफ़्तार किया जाए. प्रदर्शनकारियों ने एक दरवाज़ा तोड़ दिया, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने पेपर स्प्रे का इस्तेमाल करके भीड़ को तितर-बितर कर दिया.
रविवार रात को भी गोलीबारी के ख़िलाफ़ सैकड़ों लोगों ने पुलिस मुख्यालय जाकर प्रदर्शन किया था. गवर्नर एवर्स ने गोलीबारी की आलोचना की है. उन्होंने कहा, "जैकब ब्लेक पहले ऐसे काले व्यक्ति नहीं हैं, जिन्हें हमारे प्रांत या हमारे देश में किसी पुलिस अधिकारी ने या तो गोली मारी, घायल किया या फिर निर्दयतापूर्वक मार दिया."
लेकिन डेमोक्रेट्स गवर्नर की प्रतिक्रिया को लेकर आलोचना भी हो रही है. केनोशा पुलिस यूनियन के प्रमुख पीट डिएट्स ने कहा कि एवर्स का बयान पूरी तरह ग़ैर ज़िम्मेदार है और लोगों को पूरा तथ्य सामने आने से पहले इंतज़ार करना चाहिए.
गवर्नर एवर्स ने ये भी कहा है कि 31 अगस्त को प्रांतीय विधायिका का विशेष सत्र बुलाया जाएगा और इसमें जॉर्ज फ़्लायड की हत्या के बाद पुलिस की जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर घोषित कई क़ानूनों पर चर्चा की जाएगी.
एवर्स ने ट्वीट कर लिखा- क़ानून बनाने वाले उनकी नीतिगत घोषणा के दो महीने के बाद भी कार्रवाई करने में नाकाम रहे.
गोलीबारी के बारे में हमें क्या पता है
केनोशा पुलिस डिपार्टमेंट का कहना है कि रविवार को स्थानीय समय के मुताबिक़ शाम पाँच बजे गोलीबारी की घटना हुई. विभाग का कहना है कि अधिकारियों ने तुरंत जैकब ब्लेक को सहायता पहुँचाई. ब्लेक को गंभीर स्थिति में मिलवॉवकी के एक अस्पताल में ले जाया गया.
इस घटना का वीडियो शूट करने वाले रेसीन व्हाइट का कहना है कि वीडियो बनाने से पहले उन्होंने पुलिस को ब्लेक के साथ धक्का-मुक्की देखी. फिर पुलिसवालों ने मुक्का मारा और ब्लेक को पकड़ लिया.
रेसीन व्हाइट ने सीएनएन को बताया, "जैकब एक तरह से कार पर झुके हुए थे. पुलिसकर्मी उन्हें कार के पीछे ले जाने की कोशिश कर रहे थे. जबकि जैकब कार की दूसरी तरफ़ चले गए."
इसी समय रेसीन व्हाइट ने वीडियो बनाना शुरू किया. जैकब ब्लेक को वीडियो में कार के आगे जाते देखा जा सकता है. इस समय वीडियो में ब्लेक के आसपास दिख रहे दो अधिकारी गोरे पुरुष थे.
जैसे ही जैबक ने कार का दरवाज़ा खोला और कार की ओर झुके, वीडियो में एक अधिकारी को जैकब ब्लेक की शर्ट खींचते और गोली चलाते देखा जा सकता है. वीडियो में सात गोलियों की आवाज़ सुनी जा सकती है. साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों को चीखते-चिल्लाते सुना जा सकता है.
पुलिस का कहना है कि पुलिस अधिकारी एक 'घरेलू घटना' को लेकर वहाँ पहुँचे थे, लेकिन पुलिस ने ये जानकारी नहीं दी है कि गोली क्यों चली. ये भी नहीं बताया गया है कि घटना में कितने अधिकारी शामिल थे. किसी अधिकारी का नाम भी नही बताया गया है.
केनोशा पुलिस के पास बॉडी कैमरा नहीं है, हालाँकि उनके पास माइक्रोफ़ोन्स अवश्य होते हैं.
जैकब ब्लेक की पार्टनर लाक़िशा बुकर ने एक स्थानीय एनबीसी चैनल को बताया कि दोनों के तीन बच्चे उस समय गाड़ी में पीछे बैठे थे और उन्होंने गोलीबारी देखी.
नागरिक अधिकारों के वकील बेन क्रम्प ने कहा है कि वे ब्लेक के परिजनों का प्रतिनिधित्व करेंगे. क्रम्प जॉर्ज फ़्लायड के परिवार के भी वकील हैं और वे पुलिस के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
ट्विटर पर जारी अपने बयान में क्रम्प ने कहा है कि 29 वर्षीय जैकब ब्लेक उस समय एक 'घरेलू घटना' को निपटाने में मदद कर रहे थे.
कार्रवाई की मांग
क्रम्प ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के ग़ैर ज़िम्मेदार, लापरवाह और अमानवीय कार्रवाई के कारण एक व्यक्ति की जान जा सकती है, जो सही चीज़ करने की कोशिश कर रहा था.
जैकब ब्लेक एक सिक्योरिटी गार्ड का काम करते हैं. उनकी सर्जरी हो गई है और अब उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है.
विस्कॉन्सिन का न्याय विभाग केनशा की घटना की जाँच कर रहा है. केनोशा की आबादी एक लाख की है और ये शहर मिशिगन लेक के दक्षिणी पश्चिमी किनारे पर स्थित है.
इस घटना में शामिल पुलिस अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया है. इन अधिकारियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की याचिका पर कई हज़ार लोगों ने दस्तख़त किए हैं.
केनोशा काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी का कहना है उनका कार्यालय इस मामले में तेज़ी से काम करेगा, लेकिन इस तरह के फ़ैसले आसान नहीं होते, ये फ़ैसले बड़े होते हैं और इन्हें जल्दबाज़ी में नहीं लिया जा सकता.
अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन ने सोमवार को एक बयान जारी करके इस मामले में पारदर्शी जाँच की मांग की है.
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