लंदन: हमलावर सुदेश अम्मान जनवरी में ही जेल से छूटा था

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ब्रिटेन में मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा है कि दक्षिण लंदन में 'चरमपंथ से जुड़ी' एक घटना में हथियारबंद अधिकारियों ने एक व्यक्ति को गोली मार दी है. हमलावर की मौत हो गई है.
पुलिस का कहना है कि हमले में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की स्थिति बेहद गंभीर है. लंदन एंबुलेंस सर्विस ने भी तीन लोगों को अस्पताल लाए जाने की पुष्टि की है.
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घटना से जुड़ी कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह हमलावर सबसे पहले एक दुकान में गया और लोगों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमले करना शुरू कर दिया.
ऐसा समझ आता है कि इसके बाद वो दुकान से बाहर निकला और एक महिला को घायल कर दिया.
भारतीय समयानुसार रविवार शाम क़रीब साढ़े सात बजे गोलियों की आवाज़ सुनाई दी. प्रत्यक्षदर्शियों ने सोशल मीडिया पर बताया है कि उन्हें तीन गोलियां चलने की आवाज़ सुनाई दी थी.
इसके बाद इमरजेंसी सर्विसेज़ हरकत में आईं. हथियारबंद पुलिस ने इलाक़े को अपने घेरे में ले लिया.
पुलिस ने बताया कि हमलावर ने अपने शरीर पर नकली डिवाइस लपेट रखा था.
कौन था हमलावर?
(डैनियल सिमोन, गृह मामलों के बीबीसी संवाददाता)
हमलावर की पहचान 20 वर्षीय सुदेश अम्मान के तौर पर की गई है. वो जनवरी महीने में ही जेल से छूटकर आए थे.
तीन साल चार महीने की सज़ा काटकर लौटे अम्मान को चरमपंथी अपराधों में शामिल होने के कारण सज़ा सुनाई गई थी. जिस समय हमला हुआ सुदेश पुलिस की निगरानी में ही थे.
साल 2018 में सुदेश अम्मन पर आतंकवाद से जुड़ी जानकारियों वाले कागज़ात रखने और इन्हें प्रसारित करने का दोषी पाया गया था. इनके मद्देनज़र उन पर कुल 13 मामले दर्ज किए गए थे.
अम्मन ने इनमें से एक कागज़ात रखने की बात कबूली भी थी. इसमें 'चाकू से हमला करने के ब्राज़ीली तरीके' के बारे में बताया गया था.
दोषी क़रार दिए जाने के बाद अम्मन को तीन साल और चार महीने जेल की सज़ा सुनाई गई थी. जब उन्हें सज़ा सुनाई गई, मैं अदालत में ही था. मैंने देखा था कि वो उस वक़्त भी मुस्कुरा रहे थे.
सुदेश अम्मन को सशस्त्र सुरक्षाबल अधिकारियों ने सबसे पहले मई, 2018 में उत्तरी लंदन में गिरफ़्तार किया था. उन पर एक आतंकी हमले की साज़िश रचने का शक़ था.
2018 में ही वो आतंकरोधी पुलिस की नज़र में आ गए थे जब अधिकारियों पर टेलिग्राम पर की गई कुछ पोस्ट्स के बारे में पता चला.
इनमें से एक पोस्ट में एक इस्लामी झंडे पर दो बंदूकों और एक चाकू की तस्वीर थी और अरबी भाषा में लिखा था- "3 अप्रैल के लिए हथियार के साथ तैयार.''

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प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने घटना के बाद ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, "इस हमले में घायल और प्रभावित लोगों के साथ पूरी संवेदना है. आपातकालीन सेवा की फ़ौरन प्रतिक्रिया के लिए उनका शुक्रिया."
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लंदन एंबुलेंस सर्विस का कहना है कि इस घटना की सूचना मिलने के बाद कई स्वास्थ्यकर्मियों को तैनात किया गया है.
मेट्रोपॉलिटन पुलिस का कहना है कि वह अभी और जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है.

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घटनास्थल और उसके आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल मौजूद है. हेलीकॉप्टर की मदद से भी निगरानी की जा रही है.
स्ट्रीथम के 19 वर्षीय छात्र गल्ड बुल्हान ने अपने सामने गोली चलते देखी.
पीए न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं उस समय सड़क पार कर रहा था. जब मैंने उसे देखा. उस आदमी को उसी समय गोली मार दी गई. मैंने तीन गोलियों की आवाज़ सुनी."
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी डेनियल गफ़ ने बताया कि वो बाहर निकले हुए थे जब उन्होंने गोलियों की आवाज़ सुनी. हर कोई उस समय भाग रहा था.
उन्होंने बताया,"बहुत ही तनावपूर्ण माहौल था. लोग चिल्ला रहे थे. पुलिस वाले लोगों से वहां से दूर हटने को कह रहे थे. उनकी बंदूके उस ओर थीं, जहां एक आदमी ज़मीन पर गिरा पड़ा था."
वो बताते हैं कि कुछ ही वक़्त में चारों ओर पुलिस वाले आ गए थे.
सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े जो वीडियो शेयर हो रहे हैं उनमें साफ़ नज़र आ रहा है कि कई हथियारबंद अधिकारी खड़े हैं, कार से उतर रहे हैं और एक आदमी की तरफ़ बढ़ रहे हैं.

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एडम ब्लेक भी उस समय वहीं मौजूद थे.
वो बताते हैं कि घटना के दौरान कुछ कारें भी एक-दूसरे से टकरा गईं. जिसमें एक पुलिस की गाड़ी भी शामिल थी.
लंदन के मेयर सादिक ख़ान ने आपातकालीन सेवा की तेज़ और साहसी प्रतिक्रिया के लिए उन्हें धन्यवाद कहा है.
उन्होंने कहा, "चरमपंथी हमें बांटने की और हमारे जीने के तरीक़े को ख़त्म करने की कोशिश करेंगे लेकिन हम उन्हें किसी क़ीमत पर कामयाब नहीं होने देंगे."
बीबीसी संवाददाता स्टीफ़न पॉवेल ने बताया कि चारों ओर सशस्त्र पुलिस बल तैनात है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने घरों में ही रहें.
स्ट्रीथम की लेबर पार्टी की सांसद बेल रिबेरो एडी ने कहा कि घटना में घायल हुए लोगों के प्रति उनकी पूरी संवेदना है.
उन्होंने बताया कि इस घटना में दो लोगों पर चाकू से वार किया गया है. इन दो लोगों में से एक की स्थिति गंभीर है. एडी ने कहा कि यह बेहद डराने वाली घटना है लेकिन स्ट्रीथम के लोग बहुत जल्द इससे उबर जाएंगे.
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