होर्मुज़ स्ट्रेट बंद करने के दावों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्ज़रलैंड में बातचीत

जेडी वेंस, विटकॉफ़ और कुशनर

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, अमेरिका के मध्य पूर्व में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और अमेरिकी राष्ट्रपति के दामाद जैरेड कुशनर स्विट्ज़रलैंड पहुंच गए हैं
    • Author, जॉर्ज राइट और टोबी मान
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 7 मिनट
 जेडी वेंस

इमेज स्रोत, Elizabeth Frantz - Pool/Getty Image

इमेज कैप्शन, 20 जून 2026 को स्विट्ज़रलैंड रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस

दक्षिणी लेबनान पर इसराइल के हमलों के बीच ईरानी सेना ने एक बार फिर कहा है कि उसने होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया है. इसके बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत स्विट्ज़रलैंड में शुरू होने जा रही है.

ईरान ने यह भी कहा कि जंग ख़त्म करने को लेकर अमेरिका के साथ हुए समझौते के उल्लंघन की वजह से उसने स्ट्रेट को बंद करने का फ़ैसला किया है. हालांकि, अमेरिकी सेना का कहना है कि होर्मुज़ स्ट्रेट में 'आवागमन अब भी जारी है.'

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस रविवार तड़के स्विट्ज़रलैंड पहुंच गए. उनके अलावा अमेरिका के मध्य पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं.

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाग़र ग़ालिबाफ़ और विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची समेत ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार देर रात स्विट्ज़रलैंड पहुंचा.

यह बातचीत स्विट्ज़रलैंड के पर्यटक स्थल बर्गेनस्टॉक में हो रही है.

वेंस ने कहा कि सीधी बातचीत के नए दौर में उन्हें 'परमाणु मुद्दे' और 'लेबनान युद्धविराम के मुद्दे' पर प्रगति की उम्मीद है.

स्विट्ज़रलैंड रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में उनसे इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच झड़पों और दक्षिणी लेबनान में इसराइली हवाई हमलों के बारे में पूछा गया.

इस पर उन्होंने कहा, "स्थिति में सुधार हो रहा है और तनाव कुछ हद तक कम हुआ है."

उन्होंने कहा, "हमें लगातार इस स्थिति पर नज़र रखनी होगी ताकि इसराइल और लेबनान दोनों सुरक्षित रह सकें. मूल मक़सद पूरे क्षेत्र को सुरक्षित और स्थिर बनाना है."

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि उनका देश "दूसरे पक्ष से उसके वादों और प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की मांग करेगा."

शुरुआती बातचीत में शहबाज़ शरीफ़ भी होंगे शामिल

शहबाज़ शरीफ़ और जेडी वेंस ने स्विट्ज़रलैंड में मुलाक़ात की है

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, शहबाज़ शरीफ़ और जेडी वेंस ने स्विट्ज़रलैंड में मुलाक़ात की है

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने रविवार सुबह जेडी वेंस और उनके प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात की है.

पूरे युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है. उसने अमेरिका तथा ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत की मेज़बानी भी की थी.

इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति और ईरानी राष्ट्रपति ने युद्ध समाप्त करने के मक़सद से एक शुरुआती समझौते पर दस्तख़त किए थे. ये समझौता लेबनान समेत सभी मोर्चों पर तत्काल प्रभाव से लागू होना था.

इस समझौते में अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम और व्यापक समझौते तक पहुंचने के लिए आगे भी बातचीत जारी रखना शामिल है.

इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच झड़पों से हालात मुश्किल

20 जून 2026 को दक्षिणी लेबनान के शहर नबातेह पर इसराइल का हमला

इमेज स्रोत, Abbas FAKIH / AFP via Getty Images

इमेज कैप्शन, 20 जून 2026 को दक्षिणी लेबनान के शहर नबातेह पर इसराइल का हमला

हिज़्बुल्लाह ईरान समर्थित संगठन है, जिसका मुख्य आधार लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में है.

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, शनिवार को इसराइल के हवाई हमलों में कम से कम 47 लोगों की मौत हो गई.

इज़राइली सेना (आईडीएफ) ने कहा है कि उसने हिज़्बुल्लाह से जुड़े 80 ठिकानों को निशाना बनाया और उसके "दर्जनों" लड़ाकों को मार दिया.

आईडीएफ के मुताबिक़, उसके चार सैनिक भी मारे गए हैं.

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की घोषणा के बाद भी इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच गोलीबारी और हमले जारी रहे.

हालांकि, शुक्रवार दोपहर को दोनों पक्षों के बीच तत्काल युद्धविराम लागू होने की पुष्टि की गई.

समझौते से पहले इसराइल ने साफ़ कहा था कि उसका लेबनान से अपनी सेना हटाने का कोई इरादा नहीं है.

अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड रवाना होते हुए

इमेज स्रोत, Reuters

इमेज कैप्शन, अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्ज़रलैंड रवाना होते हुए

इसराइल का यह भी कहना था कि हिज़्बुल्लाह के साथ उसका संघर्ष ईरान के खिलाफ़ युद्ध से अलग है.

हिज़्बुल्लाह ने आरोप लगाया कि लेबनान में इसराइली हमले व्यापक अमेरिका-ईरान समझौते को 'नुक़सान पहुंचाने' और 'पटरी से उतारने' की कोशिश हैं.

अमेरिकी सरकार ने भी लेबनान में इसराइल की जारी सैन्य कार्रवाई की आलोचना की है.

लेबनान इस युद्ध में तब शामिल हुआ था, जब हिज़्बुल्लाह ने ईरान के सर्वोच्च नेता की अमेरिकी-इसराइली हमले में मौत के जवाब में इज़राइल पर रॉकेट दागे थे.

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च को इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष दोबारा शुरू होने के बाद से अब तक 4,057 लोगों की मौत हो चुकी है.

ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा कि लेबनान पर इसराइली हमले युद्धविराम संबंधी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन हैं.

होर्मुज़ बंद करने के ईरान के दावे पर अमेरिका बोला

ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर बंद कर दिया है

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर बंद कर दिया है

आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि होर्मुज़ स्ट्रेट, जिसे अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्ति समझौते के बाद फिर से खोल दिया गया था, अब दोबारा बंद कर दिया गया है.

होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करने के अपने फ़ैसले को सही ठहराते हुए ईरानी सेना ने अमेरिका पर अमेरिका-ईरान समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.

ईरान का कहना है कि अमेरिका ने 14 बिंदुओं वाले एमयूओ की पहली शर्त को ही लागू नहीं किया, जिसमें "लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने" की बात कही गई थी.

हालांकि, ईरान के इस बयान के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने कहा कि "समुद्री यातायात सामान्य रूप से जारी है."

उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जहाज़ों का आना-जाना प्रभावित न हो. हॉकिन्स ने यह भी कहा कि "ईरान का होर्मुज़ स्ट्रेट पर नियंत्रण नहीं है."

होर्मुज़ स्ट्रेट
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
दिनभर: पूरा दिन,पूरी ख़बर (Dinbhar)

वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.

एपिसोड

समाप्त

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक़, शनिवार को 55 व्यापारिक जहाज होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर गुजरे थे. ये जहाज ग्लोबल मार्केट के लिए 1.7 करोड़ बैरल से अधिक तेल लेकर जा रहे थे.

बीबीसी वेरिफ़ाई के मुताबिक़ जहाज़-ट्रैकिंग आंकड़ों से संकेत मिला कि शनिवार को कम से कम पांच तेल टैंकर होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर गुजरे, जबकि कुछ अन्य जहाजों ने क्षेत्र में यू-टर्न लेते हुए अपना रास्ता बदल लिया.

28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल की ओर से ईरान पर हमले के बाद ईरान ने प्रभावी तौर पर होर्मुज़ स्ट्रेट बंद कर दिया था. इससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भारी उथलपुथल मच गई थी.

होर्मुज़ स्ट्रेट इतना गहरा है कि दुनिया के सबसे बड़े क्रूड ऑयल ढोने वाले टैंकर भी यहां से आसानी से गुजर सकते हैं.

इसका इस्तेमाल मध्य पूर्व के प्रमुख तेल और गैस उत्पादक देशों के साथ-साथ उनके ग्राहक भी करते हैं.

अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (ईआईए) के मुताबिक़ के साल 2025 में हर दिन लगभग 2 करोड़ बैरल ऑयल और ऑयल प्रोडक्ट इस रास्ते से गुजरे थे. ये लगभग 600 अरब डॉलर एनर्जी बिजनेस के बराबर है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)