'इमरान ख़ान जादू-टोने से सरकार चला रहे हैं' - उर्दू प्रेस रिव्यू

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पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते विपक्ष के आज़ादी मार्च से जुड़ी ख़बरें सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहीं.

पाकिस्तान की एक प्रमुख विपक्षी पार्टी और धार्मिक संगठन जमीयत-उल-इस्लाम एफ़ (जेयूआई-एफ़) का आज़ादी मार्च राजधानी इस्लामाबाद पहुंच चुका है.

27 अक्तूबर से कराची से शुरू हुए आज़ादी मार्च का आह्वान जेयूआई-एफ़ के प्रमुख मौलाना फ़ज़लुर्रहमान ने किया है लेकिन इस मार्च को तमाम विपक्षी पार्टियों का समर्थन हासिल है.

उनकी माँग है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान अपने पद से इस्तीफ़ा दें और नए सिरे से देश में आम चुनाव कराए जाएं. सरकार ने उनकी माँग को ख़ारिज कर दिया है.

अख़बार जंग के अनुसार मौलाना फ़ज़लुर्रहमान का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को इस्तीफ़ा देने के लिए दो दिनों की मोहलत दी है.

'अवाम का फ़ैसला आ चुका है'

मौलाना ने शनिवार को अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर इमरान ख़ान ने दो दिनों में इस्तीफ़ा नहीं दिया तो अवाम का ये समंदर इमरान ख़ान को घर से भी गिरफ़्तार करने की ताक़त रखता है.

उन्होंने इमरान पर हमला करते हुए कहा, ''अवाम का फ़ैसला आ चुका है. पाकिस्तानी गोर्बाचौफ़ अपनी नाकामी को स्वीकार करके कुर्सी छोड़ दे. मीडिया से पाबंदी नहीं हटाई तो हम भी किसी पाबंदी के पाबंद नहीं होंगे.''

मुस्लिम लीग (नवाज़) के प्रमुख शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि इमरान ख़ान के सवा साल ने 22 करोड़ लोगों की चीख़ें निकाल दी हैं, अब इमरान ख़ान नियाज़ी की चीख़ें निकलनी चाहिए.

अख़बार जंग के अनुसार शहबाज़ शरीफ़ ने इमरान ख़ान पर हमले करते हुए कहा, ''इमरान ख़ान जादू-टोने से सरकार चला रहे हैं. फूंकें मार कर लोगों की अहम पदों पर तैनाती हो रही है. इमरान जादू-टोने के ज़रिए बदलाव लाना चाहते हैं. वो एक घमंडी इंसान हैं और उनका दिमाग़ ख़ाली है.''

इस अवसर पर पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के प्रमुख बिलावल भुट्टो ने कहा कि सेलेक्टर्स (इशारा पाकिस्तानी सेना की ओर) के कारण सत्ता में आने वाले भला जनता को क्यों ख़ुश रखेंगे.

उन्होंने कहा कि तमाम विपक्षी पार्टियों और पूरे पाकिस्तान का एक ही नारा है, 'गो सेलेक्टेड गो.'

बिलावल ने कहा कि सेना सबकी है और उसे विवादों में नहीं आने देंगे.

आज़ादी मार्च के नेताओं की सेना को इसमें घसीटने की कोशिश का सेना ने जमकर जवाब दिया है.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ ग़फ़ूर ने एक बयान जारी कर कहा है कि इस मामले में सेना पूरी तरह तटस्थ है.

सेना के प्रवक्ता का कहना था, ''सेना का समर्थन चुनी हुई सरकार के साथ होता है. सेना पर किसी तरह का आरोप नहीं लगना चाहिए.''

अख़बार दुनिया के अनुसार सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ ग़फ़ूर ने एक टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए कहा कि किसी को भी किसी सूरत में देश की शांति और स्थिरता को ख़राब करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

आज़ादी मार्च में शामिल नेताओं का जवाब देते हुए सरकार ने कहा है कि इमरान ख़ान के इस्तीफ़े को कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है.

अख़बार नई बात के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा है कि वो इस्तीफ़ा मांगने वालों को नहीं छोड़ेंगे.

अख़बार के मुताबिक़ इमरान ख़ान ने आज़ादी मार्च के आयोजकों का मज़ाक़ उड़ाते हुए कहा, ''सियासी यतीम इकट्ठे हो गए. जितने दिन चाहें, बैठें, धरना दें, रुकावट नहीं डालेंगे, खाना भी देंगे. लेकिन समझौते के ख़िलाफ़ कोई काम हुआ तो सख़्त कार्रवाई होगी. सारे भ्रष्ट जेल जाएंगे.''

अख़बार के अनुसार इमरान ख़ान ने मौलाना फ़ज़लुर्रहमान पर निजी हमले करते हुए कहा, '' आज़ादी मार्च से भारत ख़ुश हुआ. मौलाना फ़ज़लुर्रहमान के रहते हुए यहूदियों की साज़िश की क्या ज़रूरत है?''

वहीं अख़बार दुनिया ने सुर्ख़ी लगाई है, ''सारे बेरोज़गार इकट्ठे हो गए. धरने वालों को खाना देंगे, एनआरओ नहीं.''

अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और बातचीत के लिए बनी सरकारी कमेटी के प्रमुख परवेज़ ख़टक ने कहा कि इमरान ख़ान को गिरफ़्तार करने की बात करना बिल्ली को ख़्वाब में छेड़ा नज़र आने जैसा है.

वहीं सत्ताधारी पार्टी के वरिष्ठ नेता असद उमर ने कहा कि मौलाना फ़ज़लुर्रहमान ने सरकार को नहीं बल्कि ख़ुद को दो दिनों की मोहलत दी है.

कुलभूषण जाधव पर ख़बर

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय क़ैदी कुलभूषण जाधव से जुड़ी एक ख़बर भी पाकिस्तान के अख़बारों में छपी है.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार पाकिस्तान ने भारत से साफ़ कह दिया है कि भारत प्रशासित कश्मीर के मौजूदा हालात में भारत को कुलभूषण जाधव के साथ दोस्ताना मुलाक़ात की इजाज़त नहीं दी जा सकती.

अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) ने पाकिस्तान से कहा था कि वो कुलभूषण जाधव को कॉन्स्युलर ऐक्सेस मुहैया कराए. पाकिस्तान का कहना है कि उसने आईसीजे के आदेशानुसार कुलभूषण जाधव को ऐक्सेस भी दी और उनके परिवार वालों से भी उनकी मुलाक़ात की इजाज़त है.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार भारत ने कुलभूषण जाधव से अनौपचारिक माहौल में मिलने देने की अपील की थी लेकिन पाकिस्तान का कहना है कि इससे ज़्यादा अनौपचारिक माहौल में कुलभूषण जाधव से मिलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती है.

अख़बार ने पाकिस्तानी विदेश मंत्रालत के एक सूत्र के हवाले से लिखा है कि इसके लिए भारत पहले अनुकूल माहौल पैदा करे.

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