जकार्ता कार्निवल की रौनक़

प्रकाशित

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता की 492वीं सालगिरह मनाई जा रही है. इस मौक़े पर राजधानी के प्रमुख राजमार्ग पर स्थानीय परिधानों में सजे धजे कलाकारों की परेड निकाली गई.

ये उत्सव स्थानीय सरकार हर साल आयोजित करती है जिसमें दूर दूर से लोग हिस्सा लेने आते हैं.

जकार्ता दुनिया में टोक्यो के बाद दूसरा सबसे घनी आबादी वाला शहर है और एक अनुमान के मुताबिक़ 2030 तक ये दुनिया की सबसे बड़ी मेगासिटी में तब्दील हो जाएगा.

कार्निवल के दौरान कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं. परेड में इंडोनेशिया की विभिन्न संस्कृतियों का मेल दिखता है.

परेड के लिए महिलाएं और पुरुष स्थानीय परिधानों के साथ लोकनृत्य करते हुए मार्च करते हैं.

साल 1619 में यहां पुर्तगाली आए और लंबे समय तक उनका शासन रहा, उस समय इसका नाम बटाविया था. जब जापानियों का इस पर क़ब्ज़ा हुआ तो इसका नाम जकार्ता पड़ा.

दुनिया मे कई शहर बहुत तेज़ी से डूब रहे हैं और इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता भी उनमें से एक है.

नए शोध से पता चला है कि जकार्ता का एक हिस्सा जहां क़रीब 20 लाख लोग रहते हैं वो आने वाले एक दशक में डूब जाएगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)