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गूगल पर 11,760 करोड़ रुपये का जुर्माना
यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिस्पर्धा आयोग ने गूगल पर प्रतिस्पर्धी ऑनलाइन सर्च विज्ञापनदाताओं को ब्लॉक करने पर 149 करोड़ यूरोप यानी लगभग 11,760 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.
यह जुर्माना ऑनलाइन विज्ञापन में अपनी मज़बूत स्थिति के दुरुपयोग को लेकर लगाया गया है. यह तीसरा मौका है जब आयोग ने दो साल के भीतर गूगल पर प्रतिस्पर्धा नियमों के उल्लंघन को लेकर जुर्माना लगाया है.
गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फ़ाबेट विज्ञापन से अरबों डॉलर की आय करती है और साल 2018 में विज्ञापन से इसका टैक्स पूर्व मुनाफ़ा 3070 करोड़ डॉलर रहा था.
यूरोपीय संघ की प्रतिस्पर्धा आयुक्त मार्गरेट वेस्टेजर ने कहा कि गूगल ने जो किया वो यूरोपीय यूनियन के एंटी ट्रस्ट नियमों के ख़िलाफ़ है. उन्होंने ब्रसेल्स में गूगल के एडसेंस विज्ञापन कारोबार की लंबे समय से चल रही जांच के परिणाम के बारे में जानकारी दी.
वेस्टेजर ने कहा, "जांच से यह पता चलता है कि कैसे गूगल ने एडसेंस प्लेटफॉर्म की जगह ब्रोकरों का उपयोग कर रहे वेबसाइटों को रोकने के लिए अपनी मज़बूत स्थिति का दुरुपयोग किया."
आयोग ने पाया कि गूगल और उसकी मूल कंपनी अल्फाबेट ने ईयू के प्रतिस्पर्धा निरोधक नियमों का उल्लंघन किया. कंपनी ने एडसेंस का उपयोग करने वाली वेबसाइटों के साथ अनुबंध में प्रतिबंधात्मक उपबंधों का उपयोग किया. इसके ज़रिए गूगल के प्रतिद्वंद्वी कंपनियां अपने विज्ञापन इन वेबसाइटों पर देने से रोका गया.
ग्लोबल के वैश्विक मामलों के प्रमुख केंट वॉकर ने कहा, "हमारा हमेशा से मानना रहा है कि स्वस्थ और प्रतिस्पर्धी बाज़ार हर किसी के हित में है. आयोग की चिंताओं के मद्देनज़र हमने अपने उत्पादों में बड़े बदलाव किए हैं. अगले कुछ महीनों में ये बदलाव लोगों के सामने होंगे."
पिछले साल जुलाई में यूरोपीय यूनियन ने गूगल पर रिकॉर्ड 4.3 अरब यूरो (लगभग 344 अरब रुपये) का जुर्माना लगाया था.
यूरोपीय आयोग ने यह फ़ैसला उस दावे की जांच के बाद दिया था जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि अमरीकी कंपनी गूगल ने अपने मोबाइल डिवाइस रणनीति के तहत गूगल सर्च इंजन को ग़लत तरीके से और अधिक ताक़तवर बनाया.
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