You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
पहलवानों के समर्थन में खाप पंचायत, नार्को टेस्ट की मांग पर बोले बृजभूषण, मंजूर है लेकिन...
दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दे रहीं महिला पहलवानों के मामले में खाप पंचायत ने रविवार (21 मई) को कई अहम फ़ैसले किए.
खाप पंचायत के पदाधिकारियों के मुताबिक़ पहलवानों की मांग पूरी करने के लिए सरकार को 21 मई तक अल्टीमेटम दिया था. मांगे पूरी नहीं हुईं तो हरियाणा के रोहतक में खाप पंचायत बुलाई गई.
इसमें महिला पहलवान साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और किसान नेता राकेश टिकैत भी पहुंचे थे. टिकैत ने दावा किया, 'किसान आंदोलन की तरह ये आंदोलन भी लंबा चलेगा.'
खाप पंचायत में रविवार को एलान किया गया कि 28 मई को दिल्ली में महिलाओं की महापंचायत होगी और महिलाएं जो फैसला लेंगी, उस पर अमल किया जाएगा.
महिला पहलवान विनेश फोगाट और साक्षी मलिक समेत कई खिलाड़ियों ने बीजेपी सांसद और कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष रहे बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं और उन्हें तुरंत गिरफ़्तार करने की मांग कर रहे हैं.
ओलंपिक एसोसिएशन ने बीते हफ़्ते कुश्ती महासंघ के सभी निवर्तमान पदाधिकारियों के प्रशासनिक काम करने पर रोक लगा दी. पहलवानों ने इसे अपने संघर्ष में एक जीत बताया.
- प्रदर्शन कर रहे पहलवान बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं
- पहलवान 23 अप्रैल से दूसरी बार धरने पर बैठे हैं
- विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक की अगुवाई में धरना-प्रदर्शन हो रहा है
- इन पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर यौन शोषण और 'तानाशाही रवैए' जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं
- बृजभूषण शरण सिंह ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है
- इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज कर ली है
- पहलवानों ने दो एफ़आईआर पर अतिरिक्त प्रमुख मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के सामने तुरंत जाँच को लेकर याचिका डाली है
- कुछ खिलाड़ी, विपक्षी पार्टियाँ, खाप पंचायत और किसान संगठन इन पहलवानों का समर्थन कर रहे हैं
- इस बीच एक नाबालिग़ पहलवान ने सीआरपीसी के सेक्शन 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया है
खाप पंचायत में क्या हुआ फैसला?
रोहतक ज़िला खाप पंचायत के अध्यक्ष रामफल राठी ने बताया कि पंचायत ने कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं.
रामफल राठी ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह को तुरंत गिरफ़्तार किया जाए और उनका नार्को टेस्ट कराया जाए.
महिला पहलवानों के समर्थन में हरियाणा के रोहतक में हुई खाप पंचायत में 23 मई को इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकालने का फैसला लिया गया.
पंचायत की अध्याक्षता करने वाले रामफल राठी ने बताया कि कैंडल मार्च में देश की महिलाएं और नौजवान इंडिया गेट पर जमा होंगे.
उन्होंने कहा कि नए संसद भवन के बाहर 28 मई को महिला महापंचायत होगी जहां महिलाएं जो फैसला लेंगी, वे उन्हें मानेंगे.
इसी दिन नए संसद भवन का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी खुद अपने हाथों से करने वाले हैं और सरकार इसकी घोषणा कर चुकी है.
किसान नेता राकेश टिकैत ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि 'ये आंदोलन लंबा चलेगा, जैसा किसान आंदोलन चला है.'
पहलवान पहले ही कह चुके हैं कि बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ़्तार किया जाना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. लेकिन पहलवानों कहना है कि जब तक बृजभूषण शरण सिंह को जेल नहीं हो जाती वो अपना धरना जारी रखेंगे.
बृजभूषण ने क्या कहा?
उधर बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को कहा है कि वो नार्को टेस्ट, पॉलीग्राफ़ी टेस्ट या लाई डिटेक्टर टेस्ट करने के लिए तैयार हैं.
उन्होंने अपने फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा है, "लेकिन शर्त ये है कि मेरे साथ विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया का भी टेस्ट होना चाहिए. अगर दोनों पहलवान टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं तो प्रेस बुलाकर घोषणा करें."
क्या है मामला?
इस पूरे मामले की शुरुआत हुई 18,जनवरी 2023 को, जब देश के प्रमुख पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर कई गंभीर लगाए थे.
बुनियादी सुविधाओं की कमी, वित्तीय अनियमितताएं, खिलाड़ियों और फेडरेशन के बीच अपस्पष्ट संवाद, बुरा बर्ताव और बृजभूषण शरण सिंह का मन-माना रवैया, ऐसे कई आरोप खिलाड़ियों की तरफ़ से कुश्ती महासंघ और बृजभूषण पर लगाए गए.
तब विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था कि बृजभूषण सिंह और कोच, नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं.
खिलाड़ियों के धरने के बीच खेल मंत्रालय ने कुश्ती संघ से 72 घंटे के अंदर आरोपों पर जवाब देने के लिए नोटिस भेजा था. इसके बाद 23 जनवरी को आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय निरीक्षण समिति बनाई गई.
जनवरी में सरकार के आश्वासन के बाद पहलवानों ने अपना धरना ख़त्म कर दिया था लेकिन बाद में साक्षी मलिक और विनेश फोगाट की अगुवाई में 23 अप्रैल को दोबारा धरना शुरू कर दिया.
खिलाड़ियों का कहना है कि समिति को बने तीन महीने हो गए हैं लेकिन समिति ने क्या जांच की और उस जांच में क्या निष्कर्ष निकाला, ये अभी तक सामने नहीं आया है.
आरोप हैं कि इसके उलट जांच रिपोर्ट से जानकारियां मीडिया में लीक की गईं. जबकि निरीक्षण समिति की ये रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दो केस दर्ज किए हैं.
बृजभूषण इनकार करते रहे हैं
उत्तर प्रदेश से बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह ने ख़ुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है.
उन्होंने एक बयान में कहा, "मैंने किसी के साथ कोई नाइंसाफ़ी बदतमीजी़, छेड़छाड़ नहीं की है. मैंने इनको परिवनार के बच्चों की तरह ट्रीट किया है. बहुत सम्मान और प्यार दिया है."
सुप्रीम कोर्ट की ओर से एफ़आईआर दर्ज किए जाने पर बृजभूषण ने कहा, ''मैं इस निर्णय से ख़ुश हूँ और दिल्ली पुलिस को जांच मिली है. जांच में जहाँ भी सहयोग की आवश्यकता होगी, मैं सहयोग करने के लिए तैयार हूँ. न्यायापालिका से बड़ा कोई नहीं है इस देश में.''
कॉपी: संदीप राय
ये भी पढ़ेंः-
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)