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BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए
नमस्कार!
आशा है कि आप स्वस्थ होंगे और आपके आस-पास सब अच्छा होगा.
हमें मालूम है कि हफ़्ते भर आपके पास वक़्त की कुछ कमी रही होगी.
इस वजह से आप देश दुनिया की अहम ख़बरों को देख या पढ़ नहीं पाए होंगे.
इसी के चलते हम लाए हैं आपके लिए बीते हफ़्ते की कुछ अहम ख़बरें. शायद इन ख़बरों में से कुछ पर आपकी नज़र नहीं गई होगी.
अगर आपने ये पांच ख़बरें पढ़ लीं तो समझिए कि आपको बीते हफ़्ते की ख़ास खबरें पता चल गईं.
रूस से सस्ता तेल क्या भारत के लिए चिंता का सबब बनता जा रहा है?
फ़रवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था. अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए. उससे निपटने के लिए रूस ने भारत समते दुनिया के कई देशों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से कम क़ीमत पर कच्चा तेल बेचने की पेशकश की.
भारत ने रूस का ऑफ़र स्वीकार किया. भारत ने इसे अपने राष्ट्रीय हित में लिया गया फ़ैसला क़रार देते हुए अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों की नाराज़गी भी मोल ली.
लेकिन भारत का यही फ़ैसला अब चिंता का भी कारण बन सकता है.
समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि अधिक से अधिक कच्चा तेल ख़रीदने के कारण भारत का व्यापार घाटा बढ़ता जा रहा है. इसका एक प्रभाव यह पड़ रहा है कि रुपये में विदेशी व्यापार करने की मोदी सरकार की योजना में कोई ख़ास प्रगति नहीं हो पा रही है.
लेकिन यह तो हुई शुद्ध वित्तीय भाषा. समस्या यह है कि इसे आसान भाषा में कैसे समझा जाए?
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क्या मुमकिन है भूकंप का सटीक पूर्वानुमान?
तुर्की और सीरिया में भूकंप की विनाश लीला ने एक बार फिर बता दिया है कि अचानक आने वाली इस विपदा के सामने विज्ञान असहाय-सा है.
वैज्ञानिक भूकंप की चेतावनी दे पाने के लिए गहन अध्ययन करते रहे हैं. क्या वे कभी अपने मिशन में सफल हो पाएंगे?
भूकंप अचानक आते हैं और अपने पीछे तबाही का मंज़र छोड़ जाते हैं. तुर्की और सीरिया में हाल ही में आए भूकंप में हज़ारों लोगों की जान गई है और लाखों लोग बेघारबार हो चुके हैं.
छह फ़रबरी की सुबह धरती ऐसी हिली की इलाक़े के कई घर और अपार्टमेंट्स भरभरा कर गिर गए. 7.8 की तीव्रता वाला भूकंप बेहद घातक साबित हुआ.
भूकंप विज्ञानियों को पहला संकेत उनके संवेदनशील उपकरण पर दिखे फ़्लैश से मिला. लेकिन ये संदेश भूकंप शुरू होने के बाद ही मिल पाता है. कुछ ही घंटे पर एक बार फिर तुर्की और सीरिया के इसी इलाके 7.5 की तीव्रता का भूकंप आया.
ये दोनों भूकंप धरती के अंदर अधिक गहरे नहीं आए थे. जिसका अर्थ ये है कि इनसे पैदा हुआ कंपन काफ़ी तीव्र साबित हुआ.
अब वैज्ञानिक कह रहे हैं कि इन भूकंपों से बचे लोग और उन्हें राहत पहुँचाने आए कर्मचारी भी भूस्खलन और ज़मीन के धंसने जैसे ख़तरों का सामना कर सकते हैं.
इस विनाश के बीच एक बार फिर प्रश्न यही उठ रहा है कि हम भूकंप की सटीक भविष्यवाणी आख़िर क्यों नहीं कर पाते.
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एमसी स्टैन: 'अस्तगफ़िरुल्लाह' से बिग बॉस-16 के विजेता तक का सफ़र
बिग बॉस सीज़न 16 के विजेता की घोषणा हो चुकी है. पिछले एक दशक से ज़्यादा समय से जारी इस टीवी शो के दर्शक ये जानने को बेताब थे कि इस बार शो का विजेता कौन होगा. और आख़िरकार कई प्रतियोगियों को पछाड़ते हुए एमसी स्टैन बिग बॉस 16 के विजेता बन गए हैं.
इस बार के टॉप तीन उम्मीदवारों में प्रियंका चाहर चौधरी, शिव ठाकरे और एमसी स्टैन शामिल रहे.
दर्शकों को प्रियंका चाहर चौधरी से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वो तीसरे नंबर पर रहीं.
बिग बॉस का ख़िताब अपने नाम करने की इस लंबी लड़ाई में शिव ठाकरे और एमसी स्टेन आमने-सामने आये. लेकिन आख़िरकार इस जंग में एमसी स्टैन ने बाज़ी मार ली.
इस बार का बिग बॉस जीतने पर एमसी को एक चमकती हुई ट्रॉफ़ी, कार और 31 लाख 80 हज़ार रुपये की रक़म मिली.
एमसी स्टैन हिप-हॉप इंडस्ट्री में जाना-माना नाम हैं. हिप-हॉप में आने से पहले वह बीट बॉक्सिंग और बी-बोईंग किया करते थे. एमसी स्टैन सिर्फ़ 23 साल के हैं और इतनी कम उम्र में ही उन्होंने लोगों में अपनी अलग पहचान बनाई है.
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ऑक्शन में पैसों की बरसात, पर पुरुषों से कम क्यों?
वैसे तो इस वक्त महिला टी20 विश्व कप के मुक़ाबले चल रहे हैं, लेकिन सोमवार को क्रिकेट के जिस इवेंट पर शायद वर्ल्ड कप के मैच से भी ज़्यादा फ़ैंस और ख़ुद क्रिकेटर्स की नज़रें टिकी थीं वो थी महिला आईपीएल यानी वीमेंस प्रीमियर लीग के लिए हुई नीलामी और उसमें लगाई गई बोली.
इस ऑक्शन में कुल 87 खिलाड़ियों को चुना गया जिसमें 50 भारतीय और 30 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं. कुल 20 खिलाड़ियों को एक करोड़ से ज़्यादा की राशि मिली है. इस ऑक्शन में कुल 59 करोड़ 50 लाख रुपये ख़र्च हुए.
विराट कोहली की ही तरह नंबर 18 की जर्सी पहनने वाली स्मृति मंधाना को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने ख़रीदा. मंधाना पर ऑक्शन में हुई कड़ी टक्कर के बीच बेंगलुरु ने उन्हें 3.40 करोड़ रुपये में ख़रीदा जो इस ऑक्शन में सबसे ऊंची बोली रही.
मंधाना के अलावा दो और खिलाड़ियों ने तीन करोड़ से ज़्यादा की राशि हासिल की. ऑस्ट्रेलिया की ऑलराउंडर एश्ले गार्डनर और इंग्लैंड की ऑलराउंडर नेटली साइवर दोनों को 3.2 करोड़ रुपये मिले. जहां गार्डनर को गुजरात जायंट्स ने ख़रीदा, वहीं सीवर मुंबई इंडियंस का हिस्सा बनीं.
भारत की टी20 कप्तान हरमनप्रीत कौर पर सबसे ज़्यादा 1.8 करोड़ की बोली मुंबई ने ही लगाई.
वैसे तो इन खिलाड़ियों को पहले किसी टूर्नामेंट के मुक़ाबले काफ़ी ज़्यादा पैसे मिले हैं, लेकिन अगर पुरुष खिलाड़ियों से तुलना करें तो ये आंकड़े कहीं नहीं ठहरते. इसी साल आईपीएल के ऑक्शन में इंग्लैंड के सैम करन सबसे महंगे खिलाड़ी रहे जिन्हें पंजाब ने 18.50 करोड़ रुपये में ख़रीदा जो कि मंधाना से 5 गुना से भी अधिक रक़म है.
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नक़ली डेट की मदद से भारतीय कैसे खोज रहे हैं प्यार
'कैसे जीत लेते हैं लोग दिल किसी का कोई तो सिखा दे हमें, प्यार का सलीक़ा' जिस वक़्त आकांक्षा अपनी डेट के साथ बैठी थीं, तो उनके पेट में अजीब-ओ-ग़रीब हलचल मची हुई थी. इससे उबरने के लिए 26 साल की आकांक्षा ने अपने सामने बैठे शख़्स से नज़रें चुराते हुए मेज़ पर रखे कांटे-छुरी से खेलना शुरू कर दिया.
लेकिन, तभी उनका पार्टनर मेज़ पर उनकी ओर थोड़ा सा झुककर बोला, ऐसी मुलाक़ातों में थोड़ा बहुत तनाव तो चलता है. इससे बचने के लिए वो ये कर सकती हैं कि कड़क होकर अपनी कुर्सी पर बैठें, और मेज़ के नीचे अपने दोनों हाथ कसकर पकड़ लें. फिर लंबी लंबी सांसें लें, जिससे वो कम नर्वस दिखें.
आकांक्षा के सामने बैठा शख़्स, उनका असली डेटिंग पार्टनर नहीं था. बल्कि, 'डेटिंग सरोगेट' था. यानी ऐसा व्यक्ति, जिसे उन्होंने किराए पर बुलाया था, ताकि डेट पर जाने का अभ्यास कर सकें. वो शख़्स उनके बर्ताव को जाने-समझे और फिर फ़ौरन अपने कुछ सुझाव दे ताकि, वो किसी असली डेट पर जाएं, तो तनावमुक्त हों और अपने उन ख़ास पलों का लुत्फ़ ले सकें.
आकांक्षा कहती हैं कि उन्होंने 'डेटिंग सरोगेट' की मदद लेने का फ़ैसला क़रीब तीन महीने लिया था. इसके लिए उन्होंने इंटीमेसी क्यूरेटर नाम की एक ऑनलाइन कंपनी की मदद ली थी. ये संस्था लोगों को 'डेटिंग, रिश्तों और अंतरंग संबंध निभाने की कोचिंग' देती है.
पूरी कहानी यहां पढ़ें:नक़ली डेट की मदद से भारतीय कैसे खोज रहे हैं प्यार
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