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कानपुर में रेलवे ट्रैक पर सब्ज़ी वाले के पैर कटने का मामला, पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल को किया निलंबित
- Author, अनंत झणाणें
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 3 मिनट
उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से एक वायरल वीडियो सामने आया है जिसमे एक व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर घायल पड़ा है और तड़पते हुए खुद को बचाने की गुहार लगा रहा है.
वीडियो में लोग दिखाई दे रहे हैं, इसमें एक पुलिस वाला और कुछ स्थानीय लोग उसे ट्रैक के बीच से उठाकर ले जाते हुए नज़र आ रहे हैं.
बताया जा रहा है कि इस व्यक्ति के दोनों पांव ट्रेन से कट गए हैं और फिलहाल लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा है.
ये घटना कानपुर शहर के साहब नगर इलाके की है. इस व्यक्ति का नाम अर्सलान बताया जा रहा है और ये कल्याणपुर क्रॉसिंग के पास जीटी रोड के किनारे सब्ज़ी की दुकान चलाता है.
इस घटना के बारे में स्थानीय मीडिया से बातचीत में अर्सलान के पिता सलीम ने बताया, "जब मैं वहां पहुंचा तो मेरा बेटा टमाटर बेच रहा था. एक सिपाही ने मेरे बेटे का तराजू रेलवे लाइन के बगल में फेंक दिया. वो उसे उठाने के लिए ट्रैक पर उतर गया."
सलीम अपने बेटे के साथ हुए हादसे के बाद सदमे में हैं.
वे सिपाही का नाम लिए बग़ैर कहते हैं, "ये मेरे सामने की बात है कि उस सिपाही ने तराजू उठा कर फेंका था और वो कल्याणपुर थाने का है."
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पुलिस ने की कार्रवाई
बीबीसी से बात करते हुए कानपुर पश्चिम के डीसीपी विजय ढुल ने कहा कि हेड कॉन्स्टेबल राकेश कुमार मौके पर थे और राकेश ने ही अर्सलान के तराजू से सामान उठा कर फेंका था और ये बात राकेश कुमार ने क़बूली है.
उनके अनुसार, जब हेड कॉन्स्टेबल राकेश कुमार ने तराज़ू पर सब्ज़ी तौलने वाले बर्तन को ट्रैक पर फ़ेंक दिया तो उसे उठाने के लिए अर्सलान रेलवे ट्रैक की ओर भागा और उसके साथ यह हादसा हो गया.
डीसीपी विजय ढुल ने कहा कि हेड कांस्टेबल राकेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है और उसके ख़िलाफ़ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
क्या इस घटना में दरोगा शादाब ख़ान भी शामिल थे?
इस सवाल के जवाब में डीसीपी विजय ढुल ने कहा, "वो मौके पर नहीं थे. एसीपी जांच कर रहे हैं, अगर कुछ आता है तो देखा जाएगा. लेकिन अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है कि वो मौक़े पर मौजूद थे. कुछ लोगों ने उनका नाम लिया है लेकिन उस वक्त उनके वहां होने का अभी तक कोई प्रमाण सामने नहीं आया है."
डीसीपी विजय ढुल ने बताया कि 'अर्सलान की दाहिनी टांग पूरी तरह से अलग हो गई. बांई टांग काफी डैमेज हो गई थी और डॉक्टर उसको बचाने का प्रयास कर रहे हैं."
पुलिस का कहना है कि वो अर्सलान का लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में इलाज करा रही है और इलाज का पूरा ख़र्च पुलिस उठा रही है.
पुलिस के अनुसार, "इस घटना के संबंध में परिवार ने कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई है. हमारी जांच चल रही है. जांच के बाद जो बातें सामने आएंगी, उसके मुताबिक़ फैसला लिया जाएगा."
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'मेरे बच्चे की जिंदगी बर्बाद हो गई...'
अर्सलान की मां फ़ातिमा का कहना है कि उनका बड़ा बेटा क़ादिर ही अर्सलान को घायल अवस्था में लेकर कानपुर के हैलेट अस्पताल पहुंचा था.
लखनऊ के पीजीआई अस्पताल से फ़ातिमा ने बीबीसी तो बताया कि हमें नहीं पता ये कैसे हुआ.
पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल राकेश कुमार के ख़िलाफ़ हुई कार्रवाई के बारे में फ़ातिमा कहती हैं, "हमें पुलिस की कार्रवाई के बारे में कुछ पता नहीं चला है. बस हम अपने बच्चे के इलाज में लगे हैं. हम अपने बच्चे को अच्छा करके घर ले जाना चाहते हैं. बस."
फ़ातिमा कहती हैं, "मेरे बच्चे की ज़िन्दगी तो बर्बाद हो गई. मेरे बच्चे का एक पैर तो कट ही गया. मेरा बच्चा ज़िन्दगी भर के लिए अपाहिज हो गया. बस मेरे बच्चे की जान बच गई. मैं बस चाहती हूँ की मेरे बच्चे को मुझे सही सलामत ठीक करके दे दीजिए."
इतना सब कुछ होने के बाद भी फातिमा कहती हैं, "हमारी पुलिस वालों से कोई नाराज़गी नहीं है. कल्याणपुर थाने के सब लोग हमें जानते हैं. हम लोग शुरू से कल्याणपुर में रहे और मेरे बच्चे वहीं बड़े हुए. और थाने के पीछे ही हमारा घर है."
अर्सलान की दुकान से थोड़ी दूरी पर उनके बड़े भाई क़ादिर भी फल बेचते हैं. क़ादिर कहते हैं, "अर्सलान ठीक ठाक कमा लेता था और दिन के 600 से 700 बचा ही लेता था. वो सब्ज़ी और फल दोनों बेचता था."
क़ादिर कहते हैं कि डॉक्टरों ने बताया है कि अर्सलान का बायां पैर जांघ से कटा है. डॉक्टर कहते हैं कि उसका दूसरा पैर सही है. डॉक्टर कह रहे हैं वो ठीक हो जाएगा."
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