BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए

बीबीसी हिंदी की ख़बरें

इमेज स्रोत, JUPITERIMAGES

प्रकाशित

आप सभी को प्यार भरा नमस्कार.

उम्मीद है आपके बीते कुछ दिन अच्छे बीते होंगे. हम जानते हैं कि आप जैसे व्यस्त इंसान के लिए सारी ख़बरों पर नज़र रखना मुश्किल रहता होगा.

ऐसे में हम लाए हैं बीते सप्ताह की कुछ दिलचस्प और अहम ख़बरें, जिन पर शायद आपकी नज़र ना गई हो.

ये छह ख़बरें आपने पढ़ लीं तो ये समझिए कि आप पूरी तरह से अपडेटेड हो गए.

तो इंतज़ार किस बात का? पढ़िए ये पांच कहानियां....

निर्मला

इमेज स्रोत, Getty Images

'लोन राइट ऑफ़' क्या आम लोगों के पैसे की लूट है?

बट्टे खाते में गई रक़म यानी राइट ऑफ़ पिछले दिनों एक बार फिर चर्चा में आ गई. जब सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई एक जानकारी के मुताबिक़, केनरा बैंक ने बताया कि पिछले 11 साल के दौरान उसने 1.29 लाख करोड़ रुपये के क़र्ज़ राइट ऑफ़ किए हैं.

हालाँकि राइट ऑफ़ की ये रक़म हर तीसरे महीने सार्वजनिक होती है, जब शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध बैंक अपने तिमाही नतीजे घोषित करते हैं.

इन्हीं नतीजों में उन्हें अपने शेयरधारकों को ये जानकारी भी देनी होती है कि बैंक ने कितनी राशि के क़र्ज़ राइट ऑफ़ किए हैं.

कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा और कहा कि सरकारी बैंक लोन राइट ऑफ़ कर लोगों के पैसे को लूट रहे हैं.

तो क्या लोन राइट ऑफ़ को लेकर विपक्ष के दावे सही हैं या फिर सरकार जान-बूझ कर और तकनीकी शब्दावली का इस्तेमाल कर इतनी बड़ी रक़म को छिपा रही है? पूरी कहानी यहां पढ़िए.

टीम इंडिया

इमेज स्रोत, Getty Images

T20 विश्व कप में भारत की हार की 5 वजहें

ऑस्ट्रेलिया में जारी टी-20 विश्व कप में सेमीफ़ाइनल में भारत को इंग्लैंड से एक करारी हार का सामना करना पड़ा है.

जहां क़यास और उम्मीदें इस पर लग रहीं थी कि मेलबर्न में शायद भारत और पाकिस्तान का फ़ाइनल हो, वहीं भारतीय टीम इंग्लैंड के सामने पूरी तरह ढेर होती चली गई.

टी-20 गेम में भारतीय फ़ैन्स को नापसंद आने वाला एक रिकार्ड भी बना क्योंकि लगातार दूसरे विश्व कप में पूरे 10 विकेट से दो बार हारने वाली टीम भारत ही है.

तो अब जहां मेलबर्न में पाकिस्तान और इंग्लैंड का फ़ाइनल होगा. पूरी कहानी यहां पढ़िए.

नींद

इमेज स्रोत, Getty Images

नींद के बिना भी क्या पूरी रफ़्तार से चल सकती है ज़िंदगी?

हम भागती दौड़ती दुनिया में रहते हैं. हमेशा करने को बहुत कुछ होता है. नौकरी. लोगों से मेल मुलाक़ात. परिवार और दोस्तों की परवाह.

ईमेल और फ़ेसबुक चेक करना. मोबाइल और ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर चिपके रहना.

तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी एहसास कराती है कि मानो हम किसी ऐसी कन्वेयर बेल्ट पर हों जिसकी स्पीड लगातार बढ़ती जा रही है.

एक ऐसी दुनिया जहां हमेशा कुछ ज़्यादा पाने की चाहत होती है, लेकिन कुछ ऐसा भी है जो लगातार घट रहा है. ये है हमारी नींद के घंटे. इससे हमें क्या नुकसान हो सकते हैं? पूरी कहानी यहां पढ़िए.

इमरान ख़ान

इमेज स्रोत, Getty Images

पाकिस्तान को इसलिए याद आ रहा है 1992 का विश्व कप

ऑस्ट्रेलिया में चल रहे टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान का सेमी फ़ाइनल में पहुंचना ख़ुद वहां के क्रिकेट प्रेमियों को सपने की तरह लग रहा है.

पाकिस्तान की टीम इस विश्व कप में अपने पहले दोनों मैच हार गई थी. दोनों मैच क़रीबी रहे, लेकिन पाकिस्तान की टीम ने ये दोनों मैच गंवा दिए.

पहले पाकिस्तान भारत से हारा और फिर ज़िम्बाब्वे ने एक बड़ा उलटफेर करते हुए पाकिस्तान को एक रन से हरा दिया.

लेकिन इस फ़ाइनल में पहुंचने से पाकिस्तान को 1992 का विश्वकप क्यों याद आ रहा है? पूरी कहानी यहां पढ़िए.

पत्नी के साथ आरव

इमेज स्रोत, MOHAR SINGH MEENA/BBC

टीचर ने जेंडर बदला फिर की छात्रा से शादी

"मुझे खुद से परेशानी होती थी, अपने शरीर और शारीरिक अंगों से. मैं एक महिला के शरीर में असहज महसूस करता था."

बीबीसी से यह कहना है सेक्स रिअसाइन्मेंट सर्ज़री से महिला (मीरा देवी) से पुरुष बने 28 साल के आरव का.

स्कूल रिकॉर्ड में आज भी वो महिला शारीरिक शिक्षक मीरा देवी ही हैं. लेकिन अब उनकी नई पहचान आरव के तौर पर है.

ये फैसला आरव के लिए कितना मुश्किल रहा और क्या क्या दिक्कतें आईं? पूरी कहानी यहां पढ़िए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)