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BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए
नमस्कार. आपका शुक्रिया कि आप क्लिक करके इस कहानी को पढ़ने आए.
हम उम्मीद करते हैं कि आपका बीता हफ्ता शानदार रहा होगा और आप ज़िंदगी में तेज़ी से आगे बढ़ रहे होंगे.
संभव है बीते हफ्ते की कुछ अहम या दिलचस्प ख़बरें आपसे छूट गई होंगी.
इसीलिए हम बीते हफ्ते की कुछ ख़बरों को आपके लिए लेकर आए हैं.
देश, दुनिया, खेल, मनोरंजन और स्वास्थ्य से जुड़ी ये पांच ख़बरें आपने पढ़ लीं तो आप समझिए कि कुछ भी अहम आपसे छूटा नहीं है.
दिल्ली शराब नीति से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब
दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मामले में सीबीआई ने सोमवार सुबह 11 बजे दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को तलब किया था. सिसोदिया का दावा था कि सीबीआई उनके ख़िलाफ़ फर्ज़ी केस बनाकर उन्हें गिरफ़्तार करने की तैयारी में है.
उन्होंने कहा कि ये सब कुछ केंद्र सरकार के इशारे पर हो रहा है क्योंकि वो नहीं चाहती कि आने वाले दिनों में सिसोदिया गुजरात चुनाव प्रचार करने के लिए जाएं.
सिसोदिया सीबीआई के दफ़्तर गए और उनसे क़रीब नौ घंटे तक पूछताछ की गई. पूछताछ के बाद जब वे बाहर निकले तो मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि उनके ख़िलाफ़ सारे केस फर्ज़ी हैं. वहीं सीबीआई ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर सिसोदिया के आरोपों का खंडन किया है. लेकिन सीबीआई कभी सिसोदिया के घर पर छापेमारी, तो कभी उनसे जवाब-तलब क्यों कर रही है? पूरी कहानी यहां पढ़िए
पांच घंटे की नींद सेहत के लिए ख़तरा?
अगर आपकी उम्र 50 से ज़्यादा है और आप कम से कम पांच घंटे भी नहीं सो रहे हैं तो इससे आपको कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि कम से कम पांच घंटे की नींद लेने से 50 से ज़्यादा उम्र में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का ख़तरा कम हो जाता है.
स्वास्थ्य ठीक न हो तो नींद में ख़लल पड़ सकती है. और अच्छी नींद नहीं आना किसी ख़तरे की आहट हो सकती है. इस बात के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं कि नींद से चीजों को याद रखने, मन-मस्तिष्क को तरोताज़ा रखने, उसे आराम देने में मदद मिलती है. लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि कितने घंटे की नींद 'गोल्डन नंबर' है.
पीएलओएस मेडिसिन स्टडी में ब्रिटेन के नौकरशाहों (सिविल सर्वेंट) के स्वास्थ्य और नींद पर नजर रखी गई. इस स्टडी में हिस्सा लेने वाले 8,000 लोगों से यह पूछा गया कि आप वीकनाइट में औसतन कितने घंटे सोते हैं. कुछ लोगों ने इसके लिए स्लीप वॉच का भी इस्तेमाल किया. स्टडी में क्या बातें निकलकर सामने आईं, यह जानने के लिए पूरी स्टोरी यहां पढ़िए.
जाने भी दो यारों फ़िल्म के मज़ेदार क़िस्से
अस्सी के दशक का ये वो दौर था जब श्रीदेवी का उदय हुआ ही था और जीतेंद्र के साथ उनकी फ़िल्मों का क्रेज़ था. फ़िल्म तोहफ़ा रिलीज़ होने से पहले ही हिट मानी जा रही थी.
रंग-बिरंगे मटकों के बीच नाचती श्रीदेवी और जीतेंद्र का गाना 'तोहफ़ा... तोहफ़ा'.. आने वाले कितने सालों के लिए मनोरंजक सिनेमा का मॉडल बन गया.
हालात कुछ यूँ थे कि एक नए निर्देशक कुंदन शाह की फ़िल्म 'जाने भी दो यारो' भी तोहफ़ा के साथ ही रिलीज़ होने वाली थी.
बाज़ार में न तो कुंदन शाह को कोई जानता था, न ही उनकी फ़िल्म की कास्ट को, सिवाय नसीरुद्दीन शाह के और कुछ हद तक ओम पुरी को, लेकिन इस साल अक्तूबर में जब कुंदन शाह की 75वीं वर्षगाँठ मनाई जा रही है, तो यक़ीन करना मुश्किल है कि सात लाख से कम बजट में, अनजान एक्टरों के साथ बनी फ़िल्म जाने भी दो यारो आज अपने-आप में कल्ट मानी जाती है. पूरी स्टोरी यहां पढ़िए.
एशिया कप- 2023 के लिए पाकिस्तान नहीं जाएगा भारत
बीसीसीआई के सेक्रेटरी जय शाह के ये कहने के बाद कि भारत एशिया कप में किसी न्यूट्रल जगह पर खेलना चाहेगा, पाकिस्तान ने मंगलवार को अगले साल भारत में होने वाले वर्ल्ड कप टूर्नामेंट से पीछे हटने की चेतावनी दी है.
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, एशिया कप का अगला आयोजन पाकिस्तान में होना है और ये फ़ैसला एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) की कार्यकारी समिति का है. ये संयोग है कि जय शाह एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष भी हैं. बीसीसीआई की सालाना जनरल मीटिंग में मुंबई में मंगलवार को उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए चुन लिया गया.
मुंबई में मंगलवार को हुई बीसीसीआई की सालाना जनरल मीटिंग के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान जय शाह ने कहा, "भारत एशिया कप में किसी न्यूट्रल जगह पर खेलेगा."
समाचार एजेंसी पीटीआई ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन रमीज़ राजा के क़रीबी सूत्रों के हवाले से कहा है कि जय शाह के बयान के बाद वो 50 ओवर वाले आईसीसी वर्ल्ड कप से बाहर निकलने के विकल्प पर गौर कर रहे हैं. पूरी स्टोरी यहां पढ़िए.
ख़तरनाक कामिकाज़ी ड्रोन्स क्या होते हैं?
यूक्रेन ने रूस पर कीएव में नागरिक ठिकानों पर कामिकाज़ी ड्रोन्स यानी आत्मघाती ड्रोन्स के इस्तेमाल का आरोप लगाया है.
माना जाता है कि इन आत्मघाती ड्रोन्स में ईरान निर्मित 'शहीद-136' ड्रोन्स भी शामिल हैं जिनका रूस सितंबर से ही इस्तेमाल कर रहा है. 'शहीद-136' को रूस में 'गेरानियम-2' कहा जाता है. ये दरअसल एक फ्लाइंग बम है.
इसका अगला हिस्सा विस्फोटक से लैस होता है और इसे कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया है कि जब तक उसे हमले के लिए कमांड न मिले, वो अपने टारगेट पर मंडराता रहता है. पूरी स्टोरी यहां पढ़ें.
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