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इंदौर: 'प्रेमिका से मिले धोखे' की वजह से शख़्स ने लगाई थी आग, सात लोगों की हुई थी मौत
- Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, भोपाल से, बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
मध्य प्रदेश के इंदौर में स्वर्णबाग कॉलोनी की बिल्डिंग में आग लगाने वाले अभियुक्त ने गिरफ्तारी के बाद सनसनीखेज दावा किया है.
उसने यह दावा करके लोगों को चौंका दिया है कि उसने यह कदम एक लड़की की वजह से उठाया जो प्यार में उसे बेवकूफ बना रही थी.
इस घटना में सात लोगों को मौत हो गई थी और नौ लोग घायल हो गए थे.
इंदौर पुलिस ने अभियुक्त शुभम को शनिवार रात में गिरफ्तार किया. अभियुक्त को जब सामने लाया गया तो वो घायल था.
पुलिस के मुताबिक़ खुद को गिरफ्तारी से बचाने के चक्कर में अभियुक्त घायल हो गया. अभियुक्त ने कथित तौर पर अपना गुनाह कुबूल कर लिया है.
पुलिस हिरासत के दौरान एक लड़की ने अभियुक्त को थप्पड़ मारा और उससे लगातार पूछती रही कि उसने ये क़दम क्यों उठाया और उससे उसे क्या मिला?
पुलिस अभियुक्त को थाने से ले जा रही थी तभी यह घटना हुई. बताया जा रहा है कि यह लड़की उसकी बहन है जिससे अभियुक्त प्यार करता था.
हादसे से हिला हुआ है शहर
इस घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है क्योंकि इसमें ऐसे लोगों की जान चली गई है, जिनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था. पुलिस ने अभियुक्त शुभम दीक्षित के ख़िलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है.
पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी ने बताया, "पहले पुलिस इसे शॉर्ट-सर्किट मान रही थी लेकिन जब सीसीटीवी फुटेज देखा गया तो उसमें एक व्यक्ति आग लगाता हुआ नज़र आया. जिसके बाद जांच की दिशा बदल गई."
"इसके बाद पूरा मामला सामने आ गया जिसमें, पता चला कि वह व्यक्ति उस बिल्डिंग में रहने वाली एक लड़की के साथ शादी करना चाहता था और उसकी शादी कहीं और हो रही थी तो उसने यह कदम उठाया."
शुक्रवार देर रात हुई यह घटना इंसाफ पटेल के बिल्डिंग में हुई थी.
पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि इन दोनों में कुछ समय पहले विवाद हुआ था. इसके साथ ही पैसों को लेकर भी इनका विवाद हो चुका था. हालांकि उसका यह भी कहना है कि उसने यह नहीं सोचा था कि यह आग इतनी बढ़ जाएगी और कई लोगों की मौत हो जाएगी. वो सिर्फ लड़की की गाड़ी ही जलाना चाहता था.
'लड़की को सबक सिखाने के लिए लगाई बिल्डिंग में आग'
शुभम झांसी का रहने वाला है और पिछले एक साल से इंदौर में ही रह रहा था. पुलिस के मुताबिक़, वो प्राइवेट नौकरी करता था. पिछले एक साल में उसने कई जगहों पर नौकरी की. छह माह तक वो उसी बिल्डिंग में रहा और उसके बाद लड़की से विवाद हुआ और फिर उसने वह बिल्डिंग छोड़ दी थी.
झांसी में उसके परिवार के सदस्यों से बात करने की कोशिश की गई लेकिन कोई भी उपलब्ध नहीं हो पाया. जब मीडिया ने शुभम से सवाल किए तो उसने सिर्फ इतना कहा कि उसने एक लड़की को सबक़ सिखाने के लिए ऐसा काम किया है.
वहीं, थाना प्रभारी तहज़ीब काज़ी ने बताया, "मामले का ख़ुलासा होने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. उसका मोबाइल भी काम कर रहा था. इस दौरान वो लोगों से बात कर रहा था. उसकी लोकेशन पर पहुंच कर उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया."
पुलिस के मुताबिक़, घटना को अंजाम देने के बाद भी वो सारी जानकारी ले रहा था कि कहां पर क्या चल रहा है. पुलिस की जानकारी के मुताबिक़, सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, वो लगभग रात के तीन बजे उस बिल्डिंग की पार्किंग में मौजूद था और उसने वहीं की स्कूटी से पेट्रोल निकाला उसके बाद आग लगाई और फिर चला गया.
पीएम मोदी ने भी जताया था शोक
इस घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी शोक व्यक्ति किया था. साथ ही मृतकों को 4-4 लाख रुपये मुआवज़े की भी घोषणा की थी.
मुख्यमंत्री ने दोषियों के ख़िलाफ सख्त कारवाई के आदेश भी दिए थे. पुलिस इस मामले में बिल्डिंग के मालिक के ख़िलाफ़ ही कारवाई करने वाली थी क्योंकि उन्होंने आग से बचाव के लिए कोई इंतज़ाम नहीं था. लेकिन बाद में पूरा मामला दूसरी तरफ़ चला गया.
शहर की विजय नगर पुलिस ने शुभम दीक्षित के खिलाफ हत्या की धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और देर रात उसका बड़े अस्पताल में मेडिकल करवाया.
इस घटना में मरने वाले लोगों में ईश्वर सिंह सिसोदिया, उनकी पत्नी नीतू सिसोदिया, आशीष, गौरव, आकांक्षा, देवेंद्र और समीर शामिल हैं. घायलों को इलाज निजी अस्पताल में किया जा रहा है. आग इतनी ज्यादा तेज़ थी कि वहां रहने वाले लोगों को बचने का मौका ही नहीं मिला. जो रास्ता था वो पूरी तरह से आग की लपटों में घिरा हुआ था.
घायलों ने बताया कि रात के वक़्त उनकी नींद आग की गर्मी से खुली. आग की लपटें इतनी तेज़ थी कि उनकी सांसे रुकने लगी. किसी तरह से उन्होंने अपने आप को बचाया.
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