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मिल्खा सिंह के निधन पर फ़रहान अख़्तर ने लिखी भावुक पोस्ट
भारत के मशहूर एथलीट मिल्खा सिंह का शुक्रवार देर रात चंडीगढ़ के अस्पताल में निधन हो गया. वे पिछले दिनों कोरोना संक्रमित हो गए थे.
उनके निधन पर फ़िल्म, राजनीति और खेल जगत की हस्तियां शोक मना रही हैं.
उनके जीवन पर बनी फ़िल्म 'भाग मिल्खा भाग' में मिल्खा सिंह का किरदार अदा करने वाले अभिनेता फ़रहान अख़्तर ने एक भावुक पोस्ट लिखी है.
अपनी पोस्ट में फ़रहान अख़्तर ने लिखा है, ''अत्यंत प्रिय मिल्खा जी, मैं अब भी भरोसा नहीं कर पा रहा हूँ कि आप नहीं रहे. शायद वो आपक़ी ज़िद मेरे भीतर समाहित हो गई है...यह ऐसी चीज़ है कि एक बार दिमाग़ में बैठ जाए तो कभी पीछे मुड़कर देखने का मन नहीं करता. सच यह है कि आप हमेश ज़िंदा रहेंगे. क्योंकि आप एक बड़े दिल, प्यारे, गर्मजोशी और ज़मीन से जुड़े इंसान से ज़्यादा थे. आप एक विचार थे."
"कड़ी मेहनत, ईमानदारी और प्रतिबद्धता से कोई इंसान कैसे आसमान छू सकता है, आप उसका प्रतिनिधित्व करते थे. आपने हम सबके जीवन को प्रभावित किया है. जो आपको एक पिता और दोस्त के रूप में जानते थे, उनके लिए ये सौभाग्य था. जो लोग आपको नहीं जानते थे, उनके लिए भी आप प्रेरणास्रोत और सफलता के बाद भी विनम्र रहने की याद दिलाते थे. मैं आपको दिल से प्यार करता हूँ."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया है, "मिल्खा सिंह जी के चले जाने से हमने उस महान खिलाड़ी को खो दिया है जो देश की कल्पनाओं में समाए हुए थे और अनगिनत भारतीयों के दिल में ख़ास स्थान पर थे. उनके प्रेरक व्यक्तित्व ने करोड़ों लोगों को उनका मुरीद बना दिया. उनके निधन से आहत हूं."
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है, ''मिल्खा सिंह न केवल स्पोर्ट्स स्टार थे बल्कि अपने समर्पण के कारण लाखों भारतीयों के लिए प्रेरणास्रोत थे. उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदना है.''
भारत के जाने-माने क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर ने भी ट्वीट कर मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि दी है. सचिन ने अपने ट्वीट में लिखा है, ''आपके निधन से हर भारतीय के मन में ख़ालीपन घर कर गया है. लेकिन आप आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे.''
कैसे हुआ निधन
कोरोना संक्रमित होने के बाद 91 साल के मिल्खा सिंह को चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार की शाम उनकी तबियत काफ़ी बिगड़ गई और काफ़ी कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका.
चंडीगढ़ में बीबीसी के सहयोगी पत्रकार रविंदर सिंह रॉबिन से अस्पताल के प्रवक्ता अशोक कुमार ने बताया है कि मिल्खा सिंह का निधन रात 11.30 बजे हुआ है.
मिल्खा सिंह 20 मई को कोविड सककरण को कोविड संक्रमण के चलते तीन जून को पीजीआईएमईआर के आईसीयू में भर्ती कराया गया था. वे 13 जून तक आईसीयू में भर्ती रहे और इस दौरान उन्होंने कोविड संक्रमण को हरा दिया. 13 जून को कोविड टेस्ट में निगेटिव होने के बाद कोविड संबंधी मुश्किलों के चलते उन्हें फिर से आईसीयू में दाख़िल कराना पड़ा. लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी चिकित्सकों की टीम उन्हें बचा नहीं सकी.
पांच दिन पहले मिल्खा सिंह की पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह का निधन भी कोरोना संक्रमण से हो गया था.
फ़्लाइंग सिख के नाम से थे मशहूर
फ़्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह भारत के इकलौते ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने 400 मीटर की दौड़ में एशियाई खेलों के साथ साथ कॉमनवेल्थ खेलों में भी गोल्ड मेडल जीता हुआ था.
1958 के टोक्यो एशियाई खेलों में मिल्खा सिंह ने 200 मीटर और 400 मीटर की दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल किया था जबकि 1962 के जकार्ता एशियाई खेलों में मिल्खा सिंह ने 400 मीटर और चार गुना 400 मीटर रिले दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल किया था.
1958 के कार्डिफ़ कॉमनवेल्थ खेलों में मिल्खा सिंह ने 440 गग दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल किया था. लेकिन मिल्खा सिंह को सबसे ज़्यादा मशहूरी 1960 को रोम ओलंपिक ने दिलाई जिसमें वे 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक मामूली अंतर से चूक गए थे.
रोम ओलंपिक में मिल्खा सिंह ने 400 मीटर की दौड़ 45.73 सेकेंड में पूरी की थी, वे जर्मनी के एथलीट कार्ल कूफमैन से सेकेंड के सौवें हिस्से से पिछड़ गए थे लेकिन यह टाइमिंग अगले 40 सालों तक नेशनल रिकॉर्ड रहा.
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