तौक्ते चक्रवात: 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से गुजरात से टकराया तूफान

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तौक्ते तूफ़ान 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार के साथ गुजरात के तटीय इलाके से टकरा गया है.

मुंबई में भारी बारिश के बाद तौक्ते के कारण गुजरात में डेढ़ लाख से भी ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

दूसरी तरफ़ अरब सागर में दो छोटे जहाज किनारे की तलाश में भटक रहे हैं. इन दोनों जहाजों पर 410 लोग सवार हैं.

चक्रवाती तूफ़ान तौक्ते ने गंभीर रूप ले लिया है. पोरबंदर और भावनगर जिले सबसे अधिक प्रभावित होने की संभावना है, जहां बहुत भारी वर्षा की संभावना है.

मौसम विभाग ने अपनी चेतावनी में कहा है कि तूफान तट पर पहुंच गया है और अगले दो घंटे तक ये जारी रहेगा.

एनडीआरएफ़ और एसडीआरएफ की 54 टीमें

समाचार एजेंसी पीटीआई ने गुजरात के अधिकारियों के हवाले से कहा है कि एनडीआरएफ़ और एसडीआरएफ की 54 टीमें बचाव कार्य के लिए तैनात की गई हैं.

एक अधिकारी ने बताया कि तौक्ते के कारण एहतियाती कदम उठाते हुए पोरबंदर सदर अस्पताल के आईसीयू से कम से कम 17 मरीज़ों को अन्य चिकित्सा केंद्रों पर शिफ्ट किया गया है.

केंद्र सरकार ने भी गुजरात को मदद का भरोसा दिलाया है. गुजरात सरकार ने बताया कि सेना, नेवी और एयर फोर्स को प्रशासन की मदद के लिए ज़रूरत पड़ने पर मुस्तैद रहने को कहा गया है.

दूसरी तरफ़, महाराष्ट्र के कोंकण इलाके में तूफान के कारण अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई है.

अधिकारियों ने बताया कि समंदर में दो नावों के डूबने के बाद तीन नाविक अभी भी लापता हैं.

रायगढ़ ज़िले में तीन और सिंधुदुर्ग में एक नाविक की मौत हो गई. नवी मुंबई और उल्सास नगर पेड़ गिरने के कारण दो लोग मर गए.

अरब सागर में फंसे लोग

अरब सागर में उठे तौक्ते तूफ़ान के बीच बॉम्बे हाई ऑयल फील्ड के पास एक छोटे जहाज पर कुल 273 लोग फंसे हुए हैं, जबकि एक दूसरे जहाज पर 137 लोग फंसे हुए हैं.

फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए नौसेना के युद्धपोत आईएनएस कोच्चि और आईएनएस कोलकाता को रवाना किया गया है.

साथ ही आईएनएस तलवार को भी बचाव के लिए भेजा गया है.

बॉम्बे हाई ऑयल फील्ड मुंबई के तट से 176 किमी दूर है. इस क्षेत्र से साइक्लोन के भी गुजरने की संभावना है.

इसलिए कहा जा रहा है कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन बड़ा होगा.

आईएमडी की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए मुंबई में भारी बारिश की चेतावनी दी है.

मौसम विभाग ने ये भी कहा है कि बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलेंगी.

अगले कुछ घंटों के लिए चक्रवात का केंद्र मुंबई से 160 किलोमीटर दूर समुद्र में बताया गया है.

इस तूफान के प्रभाव से रायगढ़, पालघर, मुंबई, ठाणे और रत्नागिरी में तेज हवाएं चल रही हैं. मुंबई में भारी बारिश हो रही है.

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को तूफान के कारण बंद कर दिया गया है.

सोमवार, 17 मई को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक एयरपोर्ट बंद करने की घोषणा की गई थी.

हालांकि अब ये समय बढ़ा दिया गया है और एयरपोर्ट शाम 4 बजे तक के लिए बंद कर दिया गया है.

मुंबई में भी कई जगहों पर पानी रुका हुआ है. नतीजतन, बांद्रा-वर्ली सीलिंक अगली सूचना तक यातायात के लिए बंद रहेगा.

कर्नाटक की आपदा

कर्नाटक के तटीय इलाकों में तौक्ते तूफ़ान के कारण कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है. अधिकारियों ने बताया कि मलनाड और उसके आस-पास के इलाकों में ये नुक़सान हुआ है.

कर्नाटक के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया है कि सोमवार सुबह तक तौक्ते तूफ़ान के कारण 121 गांव और 22 तालुका प्रभावित हुए हैं. कुल 547 लोगों को ख़तरे की आशंका वाली जगहों से हटाकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि कर्नाटक की राज्य सरकार ने 13 सहायता शिविर बनाएं हैं जिनमें फिलहाल 290 लोगों को रखा गया है.

नुकसान के शुरुआती आकलन में ये कहा गया है कि 333 घर, 644 खंभे, 147 ट्रांसफर्मर, तीन हज़ार मीटर से लंबे बिजली के तार, 57 किलीमोटर सड़क और 104 नौकाएं क्षतिग्रस्त हुए हैं. खेती-बारी को भी बड़े पैमाने पर नुक़सान की आशंका है.

मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि दक्षिण कन्नड़, उत्तर कन्नड़, बेलगावी, हावेरी, धारवाड़, चमाराजनगरा, मैसूर, कोडागु, चिकमंगलूर और शिमोगा ज़िले में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएं और बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश हो सकती है.

गुजरात का हाल

तूफान की गंभीरता को देखते हुए गुजरात और दीव के तटों पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

दूसरी तरफ़ सौराष्ट्र के तटीय इलाकों में स्थिति गंभीर बताई जा रही है.

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, लक्षद्वीप वर्तमान में तौक्ते तूफान का केंद्र है, जो शनिवार सुबह से अधिक तीव्रता के साथ गुजरात की ओर बढ़ रहा था.

संभावित तूफान के लिए दक्षिण गुजरात और दीव के तटों पर नजर रखी जा रही है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तूफान की तैयारियों की समीक्षा के लिए शीर्ष अधिकारियों और एनडीएमए की बैठक बुलाई है.

जैसे-जैसे तूफान पश्चिम की ओर बढ़ता है, प्रशासन की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं. भारतीय नौसेना ने प्रशासन को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.

नौसेना ने एक ट्वीट में कहा, "भारतीय नौसेना के जहाज, हेलीकॉप्टर, गोताखोर और राहत दल पश्चिमी तट की मदद के लिए तैयार हैं."

केरल से लेकर महाराष्ट्र तक प्रभावित

चक्रवाती तूफ़ान तौक्ते का असर महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, कर्नाटक और गोवा समेत देश के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है. प्रभावित इलाकों में तेज़ हवा के साथ भारी बारिश हो रही है.

भारतीय मौसम विभाग ने तूफ़ान को लेकर अलर्ट जारी किया है और तटीय इलाकों में इससे तबाही की आशंका जताई है. मौसम विभाग के मुताबिक़ गुजरात में यह पोरबंदर और महुवा से टकराएगा जिससे राज्य में तेज़ हवाएँ चलेंगी.

गृहमंत्री अमित शाह ने इससे प्रभावित राज्यों में राहत और बचाव तैयारिकों की समीक्षा की है और राज्यों को निर्देश दिया है कि अस्पतालों में कोरोना मरीज़ों का विशेष ख़याल रखते हुए बिजली और मेडिकल ऑक्सीज़न जैसी ज़रूरी चीज़ों का बैकअप रखा जाय.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार निचले तटीय इलाके में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है. एनडीआरएफ़, एसडीआरएफ़ और सशस्त्र बलों की टीम को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है.

गुजरात: प्रभावित इलाकों में कोरोना टीकाकरण पर रोक

मौसम विभाग के मुताबिक़ टोकटे सोमवार शाम तक गुजरात तट से टकराएगा और राज्य में पोरबंदर और महुवा से होकर गुजरेगा.

सौराष्ट्र के तटीय इलाकों जैसे अमरेली, द्वारका, पोरबंदर और वेरवाल में तेज़ हवाएं और ज्वार देखने को मिल रहा है. इस इलाके में लगभग 15 एनडीआरएफ़ और एसडीआरएफ़ टीमों को तैनात किया गया है.

संवेदनशील इलाकों में रहने वाले स्थानीय लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाने में मदद की जा रही है. साथ ही, केंद्र सरकार के निर्देश पर यहाँ दो दिनों के लिए कोरोना टीकाकरण रोक दिया गया है.

सौराष्ट्र के अलावा, तूफ़ान के असर की आशंका को देखते हुए दक्षिणी गुजरात में सूरत, नवसारी और वालसाड में भी अलर्ट जारी किया गया है.

मुंबई: एयरपोर्ट बंद, बचाव के लिए पहुँचा नौसेना का जहाज़

टोकटे के पश्चिमी तटरेखा तक पहुँचने का असर मुंबई पर भी दिख रहा है. शहर में 16 मई की रात से ही लगातार बारिश हो रही है.

तूफ़ान के कारण मुंबई में जगह-जगह पर पेड़ गिर गए हैं. मुंबई एयरपोर्ट और सी लिंक ब्रिज को भी बंद कर दिया गया है.

हालाँकि ट्रैफ़िक पर तूफ़ान का ज़्यादा असर नहीं है क्योंकि शहर पहले से कोरोना संक्रमण के कारण सख़्त लॉकडाउन में है.

रत्नागिरि और रायगढ़ ज़िलों में कई जगहों पर तूफ़ान की वजह से फसलों और घरों को नुक़सान पहुँचा है. कोकण में भी कई जगहों पर लगातार बारिश हो रही है. इस बीच भारतीय नौसेना भी राहत और बचाव कार्य में जुट गई है.

तलाशी और बचाव ऑपरेशन के लिए नौसेना के जहाज आईएनएस कोच्चि से 237 नौसैनिक मुंबई पहुँचे हैं.इसके अलावा कई अन्य जहाज भी मदद के लिए तैयार किए गए हैं.

यह चक्रवाती तूफ़ान अरब सागर में उठा है और आशंका जताई गई है कि इसके कारण 60 किलोमीटर प्रति घंटे से भी तेज़ हवाएं चल सकती हैं.

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