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तेजस्वी विधानसभा में जमकर बरसे, नीतीश बोले- हम गोद उठाते थे
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को बजट सत्र के दौरान नीतीश सरकार को रोज़गार से लेकर बढ़ते अपराध जैसे मुद्दों पर घेरने की कोशिश की.
तेजस्वी यादव ने आँकड़ों की मदद से ये भी दावा किया है कि उनके पिता यानी लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में बिहार में आपराधिक घटनाओं में कमी आई थी.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौर में बिहार में अपराध तेज़ी से बढ़ा है.
नेता प्रतिपक्ष ने ये भी कहा कि इतिहास में बिहार ने इतनी ढीली सरकार नहीं देखी होगी.
इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में अपनी बात रखी. लेकिन इस दौरान तेजस्वी यादव बार - बार अपनी सीट से उठकर बिजली दरों जैसे मुद्दों पर नीतीश कुमार को टोकते रहे.
‘लालू राज में जंगल राज’
राष्ट्रीय जनता दल पर उनके राजनीतिक विरोधियों की ओर से अक्सर ये आरोप लगाया जाता है कि साल 1990 से लेकर 2005 तक बिहार में जंगल राज की स्थिति थी. बॉलीवुड ने बिहार में कथित अपहरण उद्योग को लेकर गंगाजल जैसी फ़िल्म भी बनाई थी.
लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मानते हैं कि आँकड़े बताते हैं कि लालू राज में बिहार में अपराध में कमी आई थी.
विधानसभा में एनसीआरबी के आँकड़े पेश करते हुए तेजस्वी ने कहा, “लालू जी और राबड़ी जी के 15 साल के शासनकाल को लोगों ने एक प्रॉपेगैंडा के तौर पर जंगल राज और अपराधियों का राज बताया है. आज हम कुछ आँकड़े सदन में रखकर ये बताना चाहते हैं कि जंगल राज कब था, या था ही नहीं, या अभी है.
“1990 में जब लालू जी को सत्ता हाथ में मिली तो संज्ञेय अपराधों की संख्या 1,24,414 थी. इसके बाद 1995 में ये संख्या 1,15,598 हो जाती है. इसका मतलब हुआ कि 90 से 95 में दर्ज मामलों की संख्या में कमी आई. 95 में अपराध में 6.3 फीसदी की कमी आई. इसके बाद 2000 में बिहार अपराध के मामले में 23वें नंबर पर था.
इसके बाद 2000 से 2005 तक कुल मामले 97,850 आए. मतलब ये हुआ कि नब्बे में जो आंकड़ा 1.24 लाख था, वो 2005 में एक लाख के अंदर आ गया. ये हमारे आँकड़े नहीं हैं, ये आँकड़े एनसीआरबी के हैं. बल्कि केंद्र सरकार के आँकड़े हैं.”
उन्होंने कहा है कि जब 2005 में नीतीश कुमार को सत्ता सौंपी गई तो अपराध के मामले में बिहार 26वें स्थान पर था. लेकिन “अपराध के मामले साल 2005 से 2010 के बीच 1,27,453 हो गए.”
उन्होंने ये भी कहा कि नीतीश राज में बिहार में अपराध में 101 फीसदी वृद्धि हुई जबकि लालू राज के मुकाबले उनके पास कम ज़िले थे. क्योंकि लालू राज में झारखंड अलग नहीं हुआ था, इसलिए सरकार पर 52 ज़िलों की कानून व्यवस्था संभालने का दायित्व था. वहीं, नीतीश सरकार पर 38 ज़िलों की सत्ता संभालने का दायित्व था.
‘आप हमारी बैचमेट हैं’
नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने बिहार में खेलकूद से जुड़ी सुविधाओं के अभाव होने की बात कही.
तेजस्वी ने पहली बार विधायक बनने वाली खिलाड़ी श्रेयसी सिंह को संबोधित करते हुए सवाल किया.
उन्होंने कहा, “श्रेयसी यहां बैठी हैं. इनसे पूछिए कि क्या बिहार में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाजों के लिए कोई शूटिंग रेंज है? क्या बिहार के लोगों को उस हिसाब का ट्रेनिंग मिल सकता है. क्या हम लोग नहीं चाहते कि बिहार का भी लड़का – लड़की ओलंपिक में जाए और गोल्ड मेडल जीतकर आए. क्या हम ऐसा बिहार नहीं बनाना चाहते हैं? हम लोगों में प्रतिभा में कोई कमी नहीं. लेकिन कोई चर्चा नहीं.”
इस पर श्रेयसी सिंह ने तेजस्वी को टोकते हुए बताया कि राजगीर में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के गठन की घोषणा की गई है.
श्रेयसी की ओर से जवाब मिलने पर तेजस्वी ने कहा, “अब अच्छा है. हमें खुशी है कि आप इस सदन की सदस्य बनी हैं. और आप तो हमारे साथ हमारे ही स्कूल में पढ़ी लिखी हैं. लेकिन ये आपके और तेजस्वी और श्रेयसी का सवाल नहीं है. ये आज जो बच्चे जिनको पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, ये उनकी बात है. 15 साल से खेल के लिए क्या हुआ है?”
जब नीतीश कुमार ने दिया जवाब
इसके बाद नीतीश कुमार ने सदन में जवाब देते हुए तेजस्वी यादव से कहा कि आपको हमने गोद में खेलाया है, थोड़ा सुन लीजिए.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कोरोना काल में बिहार में की गई टेस्टिंग पर अपनी बात रख रहे थे. लेकिन इस दौरान तेजस्वी यादव की ओर से हस्तक्षेप किया जा रहा था. वे लगातार कुछ पूछने या टिप्पणी करने की कोशिश कर रहे थे.
इस पर नीतीश कुमार ने कहा, “हम क्या आपके भाषण के दौरान बीच में टोक रहे थे. सुन लीजिए ज़रा. इसके बाद आप इंटरफेयर करिएगा. हम तो कहेंगे कि कुछ कहना है तो और सुन लीजिए. आप नई पीढ़ी के लोग हैं, हमें ख़राब लगता है क्या? आप कुछ भी बोलिए, जिस तरह से बोलिए, हमें कोई दिक्क़त नहीं. हम लोग क्या असीमित समय तक काम करेंगे. इसलिए कुछ बात को ध्यान पूर्वक सुनिए. कल आप उस पर गौर करेंगे तो नई पीढ़ी के लोगों को उसका लाभ ही होगा. इसलिए हम आपसे कह रहे हैं कि ध्यान से सुन लीजिए.”
लेकिन इसके बाद भी नेता प्रतिपक्ष लगातार टिप्पणी करते रहे.
इस दौरान एक मौक़ा आया जब तेजस्वी यादव ने कहा कि अटल जी की सरकार में नीतीश कुमार ने बिहार में बिजली व्यवस्था ठीक करने के लिए पहल क्यों नहीं की.
इस पर नीतीश कुमार ने कहा, “क्या बिना मतलब की बात कर रहे हैं आप, उस समय हम जहाँ थे तब आप गोद में थे. क्या हमने आपको गोद में नहीं खिलाया है क्या? बैठ जाइए. बाद में जो मन करे वो बोल लीजिएगा. लेकिन एक बार सुन लीजिए. वो आपको ही फ़ायदा देगा.”
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