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बीजेपी पर प. बंगाल में राष्ट्रगान के अपमान का आरोप क्यों - प्रेस रिव्यू
पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल पार्टी ने रविवार को हावड़ा में एक जनसभा के दौरान बीजेपी के नेताओं पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया है. ये ख़बर द हिंदू समेत सभी प्रमुख अख़बारों में छपी है.
बड़ी संख्या में पार्टी के नेताओं ने यह वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है, जिसमें वो जगह बता रहे हैं कि राष्ट्रगान गाते समय कहां ग़लती हुई है.
टीएमसी के सांसद और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने एक ट्वीट कर लिखा- "जो देशभक्ति और राष्ट्रवाद पर उपदेश देते हैं उन्हें सही तरीक़े से राष्ट्रगान गाना नहीं आता है. यह वो पार्टी है जो यह दावा करती है कि उसने भारत के सम्मान को बनाए रखा है. शर्मनाक!"
ममता सरकार में शिक्षा मंत्री नेता पार्थ चटर्जी ने भी ऐसा ही आरोप लगाया है. उन्होंने कहा,"हैरान करने वाली बात है कि जहाँ उन्हें जन-गण-मंगलदायक-जय-हे गाना था, वो वहाँ जन-गण-मन-अधिनायक-जय-हे गा रहे थे."
हालांकि पश्चिम बंगाल में बीजेपी के वरिष्ठ नेता शमिक भट्टाचार्य ने राष्ट्रगान के अपमान के आरोप का खंडन किया है.
उन्होंने कहा,"कोई भी ये नहीं मान सकता कि मंच पर मौजूद इतने सारे लोगों ने ग़लत तरीक़े से राष्ट्रगान गाया, ये आरोप बिल्कुल निराधार है कि सारे के सारे लोगों ने वहाँ ग़लत राष्ट्रगान गाया."
किसान आंदोलन: सिंघु में पांच, गाज़ीपुर में सात और टिकरी बॉर्डर पर चार स्तर की सुरक्षा तैनात
दिल्ली से लगी अलग-अलग सीमाओं पर किसानों की प्रदर्शन जारी है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के किसान बीते साल 26 नवंबर से दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे हैं.
प्रदर्शन स्थलों और उनके आस-पास के इलाक़ों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. इसके साथ ही आंदोलन स्थलों पर सुरक्षाबलों की संख्या भी बढ़ा दी गई है.
दिल्ली-हरियाणा हाईवे को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर चार स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है. इसके साथ ही आस-पास की सड़कों और रास्तों को खोद कर जगह-जगह बड़े गड्ढे बना दिये गए हैं.
सिंघु बॉर्डर और राजधानी दिल्ली के बीच आवागमन बाधित है जिससे लोगों को धरना-स्थल पहुंचने में मुश्किल हो रही है. इसके साथ ही आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है. सिंघु बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया है और यहां पांच स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
इसके अलावा गाज़ीपुर बॉर्डर पर बी सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और कंटीले तारों से रास्ते बंद कर दिये गए हैं. यहां सात लेयर के बैरिकेड्स लगाए गए हैं और आरपीएफ़, सीआरपीएफ़ के जवान एंटी-गेयर राइट में तैयार मुद्रा में तैनात किये गए हैं. पूरे इलाक़े में धारा-144 लागू है और रिज़र्व बटालियन भी रिज़र्व में रखी गई है.
टिकरी बॉर्डर पर चार लेयर में सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है. हिंदुस्तान टाइम्स और दैनिक हिंदुस्तान ने प्रदर्शन से जुड़ी ये ख़बरे प्रकाशित की हैं. दैनिक हिंदुस्तान में प्रकाशित एक अन्य ख़बरे के मुताबिक़, लाल क़िले से कमांडो रोप मिली है और यह आशंका जताई जा रही है कि हिंसा करने वाले लोग पूरी तैयारी के साथ आए थे. लाल क़िले में जाँच कर रही चीम को कमांडो रोप मिली है, इस आधार पर यह दावा किया जा रहा है.
वहीं अभी तक 59 किसान नेताओं के ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस जारी कर चुकी है.
कोरोना मामलों में कमी आने के बाद आज पूरी क्षमता से खुलेंगे सिनेमाघर,डीयू भी खुल रहा है आज
देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में आयी कमी को देखते हुए सरकार ने सभी सिनेमाघरों को एक फ़रवररी से पूरी क्षमता से खोलने की अनुमति दे दी है. बीते साल अक्टूबर महीने में सरकार ने सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति तो दी थी लेकिन सिर्फ़ पचास फ़ीसदी क्षमता के साथ.
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा - अब सिनेमाघर पूरी क्षमता से खुल सकते हैं. हालांकि कुछ गाइडलाइन्स सुनिश्चित की गई हैं जिनका पालन करना होगा.
इंडियन एक्सप्रेस ने यह ख़बर प्रकाशित की है. इसी के साथ ही आज अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय भी कुल जाएगा. कॉलेजों में कोरोना से जुड़ी सावधानी को देखते हुए इंतेज़ाम किये गए हैं.
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