नीतीश कुमार आज लेंगे शपथ, तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी को उप-मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा - प्रेस रिव्यू

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. वे सोमवार को साढ़े चार बजे शपथ ग्रहण करेंगे. बिहार में चार पार्टियों के गठबंधन वाली एनडीए ने रविवार को उन्हें अपना नेता चुना.

हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार ने पहले पन्ने पर प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उपमु्ख्यमंत्री के पद को लेकर अब भी संशय बरकरार है और संभव है कि बिहार में दो उपमुख्यमंत्रियों को शपथ दिलवाई जाएगी.

अख़बार ने लिखा है कि ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि नीतीश कुमार की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को अपने दो विधायकों को पार्टी का नेता और उपनेता चुना.

कटिहार के विधायक तारकिशोर प्रसाद को पार्टी विधायक दल का नेता और बेतिया की विधायक रेणु देवी को उपनेता चुना गया है.

अख़बार ने लिखा है कि 2017 से नीतीश कुमार के उपमुख्यमंत्री रहे वरिष्ठ बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी को केंद्र सरकार में नई ज़िम्मेदारी मिल सकती है.

10 नवंबर को आये बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को सबसे अधिक सीटें मिली हैं. एनडीए 125 सीटों के साथ बहुमत में आई है.

हालांकि सबसे बड़ी पार्टी के रूप में राष्ट्रीय जनता दल उभर के सामने आयी है. पार्टी ने राज्य में 75 सीटों पर जीत दर्ज की है.

सीटों के बंटवारे में देरी का महागठबंधन को हुआ नुक़सान - कांग्रेस

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक़ अनवर ने कहा है कि बिहार में सीटों के बंटवारे में हुई देरी के कारण महागठबंधन की सीटों पर असर पड़ा.

अख़बार एशियन एज की एक रिपोर्ट के अनुसार तारिक़ अनवर ने कहा कि बिहार चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद से ख़राब रहा है.

उन्होंने कहा कि जिस तरह का माहौल था उसे देखते हुए पार्टी को 70 में से 50 सीटों पर जीत की उम्मीद थी लेकिन पार्टी को सिर्फ़ 19 सीटें ही मिलीं.

बिहार के चुनावी नतीजे महागठबंधन के पक्ष में नहीं रहे. महागठबंधन को जहां कुल 110 सीटें मिलीं वहीं कांग्रेस का प्रदर्शन पिछले विधानसभा चुनाव के नतीजों से काफी नीचे रहा. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में कांग्रेस को सिर्फ़ 19 सीटें ही मिली हैं. जबकि पार्टी ने 70 सीटों पर महागठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था.

तारिक़ अनवर ने माना कि राज्य में महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाने के लिए कांग्रेस भी ज़िम्मेदार हैं.

सीमा पर घुसपैठ के इंतज़ार में 300 चरमपंथी- बीएसएफ़

सीमा सुरक्षा बल (कश्मीर) के महानिरीक्षक राजेश मिश्रा ने कहा है कि क़रीब 300 चरमपंथी भारत में घुसपैठ की ताक में हैं. लेकिन हमारी सेना और सीमा सुरक्षा बल पूरी तरह से तैयार है.

इस ख़बर को टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने प्रकाशित किया है.

इससे पूर्व भारतीय सेना ने बताया था कि पाकिस्तान ने शुक्रवार, 13 नवंबर को जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास गुरेज़ और उरी समेत कई सेक्टरों में संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी की.

भारतीय सेना के मुताबिक इस गोलीबारी में तीन भारतीय सुरक्षाकर्मियों समेत कम से कम छह लोगों के मौत हो गआ. भारतीय सुरक्षाबल के तीन सदस्य घायल भी हुए हैं.

साल 2021 में बढ़ेगी भुखमरी की मार

विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा है कि अगला वर्ष इस साल की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीभरा होगा. डब्ल्यूएफ़पी ने कहा है कि अगर अरबों डॉलर की सहायता नहीं मिली तो साल 2021 में भुखमरी के मामले बेतहाशा बढ़ जाएंगे.

जनसत्ता ने इस ख़बर को पहले पन्ने पर प्रकाशित किया है.

डब्ल्यूएफ़पी के प्रमुख डेविड बेस्ले ने एक इंटरव्यू में कहा कि 'हम साल 2020 में अथक प्रयास से भुखमरी को टालने में सफल रहे हैं क्योंकि वैश्वक नेताओं ने चंदे और पैकेज दिए लेकिन जितना धन साल 2020 में मिला उतना साल 2021 में मिलने की उम्मीद नहीं है, ऐसे में आने वाले साल में भुखमरी को लेकर गंभीर चिंता है'.

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