TRP स्कैम मामला: लखनऊ पुलिस ने सीबीआई के हवाले किया केस- आज की बड़ी ख़बरें

भारतीय मीडिया

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टेलीविज़न रेटिंग प्वॉइंट्स (टीआरपी) के साथ कथित छेड़छाड़ के मामले में सीबीआई ने जाँच करने का फ़ैसला किया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सीबीआई ने लखनऊ पुलिस से केस को अपने हाथों में लेने के बाद एफ़आईआर दर्ज कर ली है.

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यहां यह बताना ज़रूरी है कि सबसे पहले आठ अक्टूबर को मुंबई पुलिस कमिश्नर परमवीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके दावा किया था कि मुंबई में कुछ न्यूज़ चैनल लोगों को पैसे देकर अपने चैनल की टीआरपी बढ़ा रहे हैं.

उन्होंने इस मामले में रिपब्लिक टीवी समेत महाराष्ट्र के दो छोटे चैनलों का नाम लिया था और कहा था कि चार लोग गिरफ़्तार भी किए गए हैं. मुंबई पुलिस ने इस मामले में अबतक पाँच लोगों को गिरफ़्तार किया है और कई लोगों को समन भेजकर पुलिस स्टेशन आने के लिए कहा गया है ताकि उनसे पूछताछ हो सके.

अब ख़बर आ रही है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस ने भी इस मामले में एफ़आईआर दर्ज की है.

लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जाँच सीबीआई से कराने की सिफ़ारिश कर दी जिसके बाद सीबीआई ने मंगलवार को दिल्ली में केस दर्ज कर इस मामले में जाँच की ज़िम्मेदारी ख़ुद ले ली है.

उधर, मुंबई पुलिस की जाँच को बदले की कार्रवाई बताते हुए रिपब्लिक टीवी के मालिक और एडिटर इन चीफ़ अर्णब गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट जाने के लिए कहा.

मुंबई पुलिस

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सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई है जिसमें अदालत ने मुंबई पुलिस से कहा कि अगर वो अर्णब गोस्वामी से पूछताछ करना चाहती है तो पुलिस को पहले समन जारी करना होगा. अदालत ने अर्णब से कहा कि समन मिलने पर उन्हें पुलिस से जाँच में सहयोग करना होगा.

अर्णब ने अदालत से मुंबई पुलिस की एफ़आईआर को रद्द करने की माँग की है और साथ ही इस केस को सीबीआई के हवाले करने की माँग की है.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पाँच नवंबर को अगली सुनवाई करने का फ़ैसला किया है और उसी समय मुंबई पुलिस से जाँच से जुड़े सभी दस्तावेज़ अदालत के सामने पेश करने का आदेश दिया है.

इमरती देवी पर कमलनाथ की टिप्पणी को राहुल गांधी ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

राहुल गांधी, कमलनाथ

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मध्य प्रदेश उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर लड़ रही इमरती देवी पर कांग्रेस नेता कमलनाथ के टिप्पणी को राहुल गांधी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

उन्होंने कहा, "कमलनाथ जी मेरी पार्टी से हैं लेकिन उन्होंने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया वो मुझे निजी तौर पर पसंद नहीं आया. मैं इसे पसंद नहीं करता और इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कौन हैं. ये दुर्भाग्यपूर्ण हैं."

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर लीडर कमलनाथ ने 'आइटम' कहा था जिसे लेकर राज्य की राजनीति में विवाद छिड़ गया.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने और खुद भाजपा उम्मीदवार इमरती देवी ने कमलनाथ की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया.

हालांकि कमलनाथ ने अपनी सफ़ाई में ये कहा है कि उन्हें इस बात के लिए खेद और वे इसे जाहिर कर चुके हैं. उनका इरादा किसी को आहत करने का नहीं था.

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लेकिन राजनीतिक तौर पर ये मुद्दा थमता हुआ नहीं दिख रहा है.

शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ के बयान के बाद कहा, "बहन इमरती देवी के आंसू पूरे देश ने देखे हैं. इसलिए वे किंतु-परंतु करने पर विवश हुए हैं. लेकिन यह माफी नहीं, उससे भी बड़ा पाप है. यह कमलनाथ जी का अहंकार है. वे अपने से श्रेष्ठ किसी को नहीं मानते हैं. आखिर वे सीधे-सीधे माफी क्यों नहीं मांगते हैं?"

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नरेंद्र मोदी, Narendra Modi

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पीएम नरेंद्र मोदी आज शाम 6 बजे राष्ट्र के नाम देंगे संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6 बजे राष्ट्र के नाम संदेश देंगे. उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल से इसकी जानकारी साझा की.

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कोरोना वायरस के संकट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार देश के नाम संदेश दे चुके हैं. इसकी शुरुआत जनता कर्फ़्यू से हुई थी.

तब उन्होंने अपने संदेश में कहा था, "इस रविवार, यानी 22 मार्च को, सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक, सभी देशवासियों को, जनता-कर्फ़्यू का पालन करना है. ज़रूरी ना हो तो घरों से बाहर ना निकलें. हमारा ये प्रयास, हमारे आत्म-संयम, देशहित में कर्तव्य पालन के संकल्प का एक प्रतीक होगा. 22 मार्च को जनता-कर्फ़्यू की सफलता, इसके अनुभव, हमें आने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयार करेंगे."

इसके बाद ऐसे ही एक संदेश में 25 मार्च से देश भर में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की गई थी.

कोरोना वायरस

तीन अप्रैल को अपने वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने जनता से अपील की थी कि वो 5 अप्रैल को रात को 9 बजे 9 मिनट तक घर की लाइटें बंद करके घर के दरवाज़े पर या बालकनी में मोमबत्ती, दिया, टॉर्च या मोबाइल फ़्लैशलाइट जलाएं.

तब अपने संदेश में उन्होंने कहा था, "इस संकट से अंधकार और अनिश्चितता जो पैदा हुई है उससे उजाले की ओर बढ़ना है. इसे पराजित करने के लिए प्रकाश के तेज को चारों दिशाओं में फैलाना है इसलिए इस रविवार को 5 अप्रैल को हम सबको मिलकर कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी है."

तब उन्होंने कहा था, "इस दौरान किसी भी हालत में सोशल डिस्टेंसिग की लक्ष्मण रेखा को लांघना नहीं है. सोशल डिस्टेंसिग ही कोरोना की बीमारी का रामबाण इलाज है."

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