मुझे स्वतंत्र मीडिया और संस्थाएं दें, मोदी सरकार टिक नहीं पाएगी: राहुल गांधी- आज की बड़ी ख़बरें

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि अगर इस देश की मीडिया और संस्थाएं स्वतंत्र हो जाएं तो नरेंद्र मोदी की सरकार टिक नहीं पाएगी.

केंद्र सरकार के कृषि बिल के विरोध में पंजाब में ट्रैक्टर कैंपेन कर रहे राहुल गांधी मंगलवार को पटियाला में प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर रहे थे.

इसी दौरान उनसे एक पत्रकार ने सवाल पूछा कि आम धारणा है कि इस समय विपक्ष बहुत कमज़ोर और बिखरा हुआ है, इसलिए मोदी सरकार हर वो चीज़ कर ले रही है जो वह चाहती है.

इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा, ''किसी भी देश में विपक्ष एक फ़्रेमवर्क के तहत काम करता है. ये फ़्रेमवर्क होते हैं- प्रेस, न्यायिक प्रणाली, संस्थाएं ताकि वह लोगों की आवाज़ों की रक्षा कर सकें. लेकिन इस पूरे फ़्रेमवर्क पर क़ब्ज़ा कर लिया गया है.''

''उस पूरी संरचना को ही बीजेपी ने कैप्चर कर लिया है जो लोगों को आवाज़ देने का का काम करती हैं. सभी को पता है. सभी संस्थाओं को ही क़ाबू में कर लिया गया है और कहा जा रहा है कि विपक्ष कमज़ोर है. ये एक सही बयान नहीं है. आप मुझे स्वतंत्र प्रेस दें, मुझे ऐसी संस्थाएं दें जो स्वतंत्र हों और ये सरकार टिक नहीं पाएगी. लेकिन मेरे पास ये नहीं हैं.''

''हम सबूत लाएंगे और संस्थाएं उसे तरजीह नहीं देंगी. आपने देखा रफ़ाल पर क्या हुआ. एक स्तर पर आप लोग भी (मीडिया) अपना काम ईमानदारी के साथ नहीं कर रहे हैं, ये कह देना आसान है कि विपक्ष कमज़ोर है लेकिन मेरे दोस्त! आप भी इस तरह ग़ुलामी की ओर बढ़ रहे हैं. ''

कुशन लगे ट्रैक्टर पर बैठने से जुड़े सवाल पर उन्होंने जवाब दिया, ''ये सवाल कभी नहीं पूछा जाएगा कि नरेंद्र मोदी ने आठ हज़ार करोड़ के दो हवाई जहाज़ क्यों ख़रीदे. उसमें कुशन छोड़िए, पलंग है पूरा और एक नहीं 50 पलंग होंगे. ये नहीं कहते कि हमारे प्रधानमंत्री ने आठ हज़ार करोड़ का जहाज़ ख़रीदा क्यों? क्योंकि उसके दोस्त ट्रंप के पास जहाज़ है आठ हज़ार करोड़ का तो उसे भी चाहिए, ये नहीं कहते बल्कि ये कहते हैं कि राहुल गांधी और अमरेंदर जी गए और ट्रैक्टर पर बैठे थे किसी ने कुशन लगा दिया. ''

केन्द्र के कृषि क़ानूनों के खिलाफ़ अभियान चला रहे राहुल गांधी की ट्रैक्टर रैली मंगलवार को हरियाणा पहुँची है. तीन दिन से जारी राहुल गांधी की ट्रैक्टर यात्रा पंजाब से शुरू हुई थी.

अनलॉक 5.0: 50% क्षमता के साथ खोले जाएंगे सिनेमा हॉल

अनलॉक 5.0 में सरकार ने सिनेमा हॉल खोलने की इजाजत दे दी है. केंद्र सरकार ने इसे लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं.

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर के बताया कि 15 अक्टूबर से सिनेमा हॉल, थियेटर और मल्टीप्लेक्स खोले जाएंगे. इसके लिए सरकार ने कुछ नियम जारी किए हैं-

  • सिनेमा हॉल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोले जाएंगे.
  • हॉल के भीतर लोगों को पर्याप्त शारीरिक दूरी रखनी होगी.
  • सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करने के लिए जिन सीटों को खाली छोड़ना हैं उन पर ये चिन्हित करना होगा कि वो बैठने के लिए नहीं हैं.
  • सभी को आरोग्य सेतु ऐप के इस्तेमाल की सलाह दी गई है.
  • हॉल में प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी. सिर्फ़ एसिम्पटोमैटिक लोगों को ही हॉल में जाने की इजाज़त होगी.
  • पैसों के भुगतान के लिए डिजिटल माध्यम को प्रोत्साहन दिया जाएगा.
  • बॉक्स ऑफ़िस और आसपास की जगहों की नियमित सफाई और डिसइंफेक्शन करना होगा.
  • बॉक्स ऑफ़िस पर पर्याप्त संख्या में काउंटर्स खोले जाएं.
  • दर्शक इंटरवल के दौरान इधर-उधर घूमने से बचें.
  • टिकट बुकिंग पूरे दिन खुली रहेगी और एडवांस बुकिंग की अनुमति होगी.
  • हॉल के आसपास थूकना पूरी तरह प्रतिबंधित है.
  • सिर्फ़ पैक किये हुए खाने-पीने के सामान की अनुमति होगी. हॉल के अंदर कोई डिलिवरी नहीं की जाएगी.
  • खाने-पीने के लिए सामान के लिए कई काउंटर्स रखे जाएंगे.
  • कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए कॉन्टेक्ट नंबर लिया जाएगा.
  • सभी एयर कंडिशनर का तापमान 24-30 डिग्री सेल्सियस के बीच होगा.
  • इसके अलावा फ़िल्म शुरू होने से पहले और इंटरवेल से पहले व बाद में कोविड-19 को लेकर जागरुकता के लिए एक मिनट लंबी फिल्म/घोषणा दिखाना अनिवार्य होगी.
  • सिनेमा हॉल और थियेटर्स के लए सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए कोविड-19 से जुड़े दिशानिर्देश और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल्स (एसओपी) को पालन करना ज़रूरी है.

नए रफ़ाल विमान ख़रीदने पर फ़ैसला नहीं: वायुसेना प्रमुख

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ़ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कहा है कि रफ़ाल कि नई खेप खरीदी जाएगी या नहीं इस पर अभी फ़ैसला नहीं किया गया है.

सोमवार को मीडिया से बात करते हुए विमानों की ख़रीद के बारे में उन्होंने कहा कि ये एक जटिल मसला है और वायुसेना के पास कई विकल्प मौजूद हैं.

उन्होंने कहा कि, "हमें और रफ़ाल खरीदने चाहिए या एमआरएफ़ए (मल्टी रोल फ़ाइटर एयरक्राफ़्ट), ये एक ओपन कंपटीशन है. अभी कि स्थिति ये है कि हमें आरएफ़आई मिल गए हैं, इन सभी मसलों पर बात हो रही है."

भारत सरकार ने फ्रांस के साथ 36 रफ़ाल लड़ाकू विमानों का सौदा किया है. इस सौदे के तहत इसी साल जुलाई में पांच रफ़ाल विमानों की पहली खेप भारत पहुंची थी.

हिंद महासागर में अमरीकी सेना की तैनाती की ख़बरों को लेकर किए गए सवाल के जवाब में भदौरिया ने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर अमरीका के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं की गई है.

उन्होंने कहा, "अमरीका की ओर से की गई तैनाती, उनके नज़रिए के मुताबिक़ है. हम किसी और से मदद लेने के बारे में नहीं सोच रहे. उनकी तैनाती हमसे बातचीत कर नहीं हुई है. हमें अपनी लड़ाई खुद लड़नी है. कोई हमारे लिए जंग नहीं लड़ेगा."

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