'चीन लद्दाख में ऑप्टिकल फाइबर केबल का जाल बिछा रहा है' - प्रेस रिव्यू

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द टेलीग्राफ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ भारतीय अधिकारियों ने बताया है कि भारत और चीन के बीच गतिरोध को दूर करने के लिए जब दोनों पक्षों के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता चल रही थी तब चीनी फ़ौज लद्दाख में ऑप्टिकल फाइबर केबल का नेटवर्क बिछाने के मक़सद से लंबी दूरी तक खुदाई कर रहे थे.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि ये ऑप्टिकल फ़ाइबर उनकी फ़ौज को सुरक्षित संवाद के लिए लाइन मुहैया कराएँगी. पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी हिस्से में इसे हाल ही में देखा गया है.

चीन के विदेश मंत्री ने इस मसले पर समाचार एजेंसी रॉयटर्स के सवालों का जवाब नहीं दिया है तो वहीं सुरक्षा अधिकारियों की इस पर प्रतिक्रिया के लिए संपर्क नहीं साधा जा सका है.

भारत और चीन के बीच पिछले कुछ महीनों में गतिरोध पैदा होने की वजह से हज़ारों भारतीय और चीनी फ़ौजी टैंकों और एयरक्राफ्ट के साथ पैंगोंग सो झील के दक्षिण में 70 किलोमीटर के क्षेत्र में फंसे हुए हैं.

एक अन्य भारतीय अधिकारी ने सोमवार को बताया है कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच पिछले हफ्ते हुई मुलाकात के बाद भी कोई अहम बदलाव नहीं हुआ है और पहले की तरह ही तनाव बरकरार है.

द इकोनॉमिक्स टाइम्स की ख़बर के मुताबिक बिहार विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के बीच 4-5 दौर की बातचीत के बाद आपसी सहमति बन गई है.

बिहार में जहाँ राजद 150-155 सीटों पर चुनाव लड़ने की उम्मीद में है तो वहीं कांग्रेस अपने लिए 60-65 सीट चाहती है. महागठबंधन के दूसरे छोटे दलों को 30-40 सीटें लड़ने के लिए मिल सकती हैं. महागठबंधन के दूसरे दलों में लोक समता पार्टी और विकासशील इंसान पार्टी शामिल हैं.

वहीं इस बीच राजद के दफ्तर पहुँचने वाले पार्टी समर्थकों को यह देखकर हैरानी हो रही है कि चुनाव प्रचार के पोस्टरों पर पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की तस्वीर नदारद है.

उनकी जगह उनके बेटे तेजस्वी यादव की अकेली तस्वीर लगी हुई है और पोस्टर पर नारा दिया गया है नई सोच, नया बिहार. नारे की दूसरी लाइन है युवा सरकार, अबकी बार.

इस बीच एनडीए में दरार पड़ता दिख रहा है. एनडीए के घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर बिहार की राजनीतिक हालात के बारे में अवगत कराया है.

सूत्रों के मुताबिक चिट्ठी में चिराग पासवान ने लिखा है कि जनता बिहार सरकार के काम करने के तरीके से नाखुश है जिसका असर विधानसभा चुनाव के नतीजों पर पड़ सकता है. आगे चिट्ठी में लिखा हुआ है कि बिहार सरकार कैसे ज़मीनी स्तर पर कोविड-19 से पैदा हुए हालात का सामना कर रही है.

सरकार के पास प्रवासी मज़दूरों के मरने का कोई आंकड़ा नहीं

संसद में एक सवाल के जवाब में सरकार ने कहा है कि उसके पास लॉकडाउन के दौरान कितने प्रवासी मज़दूर मारे गए हैं, इसे लेकर कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है.

द टेलीग्राफ की इस ख़बर के मुताबिक जब सरकार से यह पूछा गया कि क्या लॉकडाउन के दौरान मारे गए प्रवासी मज़दूर के परिवारों को किसी भी तरह का मुआवजा दिया गया है तो सरकार का जवाब था कि यह सवाल ही नहीं उठता है जब मरने वाले लोगों का कोई आंकड़ा ही नहीं उपलब्ध है.

इस बार संसद का मॉनसून सत्र कोरोना की वजह से देर से शुरू हुआ है और इसमें कई तरह की तब्दीलियाँ की गई हैं. संसद के इस सत्र में प्रश्न काल की कार्यवाही नहीं हो रही है.

जैसा की उम्मीद थी कि सरकार ने सोमवार को लोकसभा में मौजूदा सत्र में कोविड-19 से पैदा हुए असामान्य परिस्थिति में प्रश्नकाल और प्राइवेट मेम्बर बिजनेस नहीं रखने को लेकर प्रस्ताव रखा.

मौखिक वोट के आधार पर इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई और विपक्ष की वोटिंग कराने की मांग को खारिज कर दिया गया. सरकार से कुछ सवाल पूछे गए जिसका सरकार ने लिखित जवाब मुहैया कराया है.

सरकार से इस बाबत पूछा गया कि क्या सरकार कोविड-19 की वजह से लगाए गए लॉकडाउन से प्रवासी मज़ूदरों के सामने पैदा हुई समस्याओं के मूल्यांकन में नाकाम रही है.

इस पर सरकार का जवाब था कि भारत ने एक राष्ट्र के तौर पर केंद्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी समूहों, स्वास्थ्य क्षेत्र के पेशेवरों, सैनिटाइजेशन वर्कर्स, गैर-सरकारी संगठनों की मदद से कोविड0-19 और देशभर में लगे लॉकडाउन से पैदा हुए अप्रत्याशित मानवीय संकट का सामना किया है.

चीन भारतीय अर्थव्यवस्था और उद्यमियों पर रख रहा है नज़र

द इंडियन एक्सप्रेस की एक पड़ताल में पता चला है कि चीन की सरकार और चाइनीज़ कॉम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी 'जुनख्वा डेटा इंफोर्मेशन टेक्नॉलॉजी को लिमिटेड' नाम की कंपनी भारत में शुरू हो रही नई व्यापारिक योजनाओं पर नज़र रखे हुई हैं.

इसमें भारतीय रेलवे के साथ इंटर्न कर रहे इंजीनियरिंग के छात्र से लेकर अज़ीम प्रेमजी की वेंचर कैपिटल कंपनी के चीफ़ इंवेस्टमेंट ऑफिसर तक कम से कम 1400 लोग शामिल हैं जिन पर नज़र रखी जा रही है.

मुख्य तौर पर जिन पर यह चीनी कंपनी नज़र रख रही है, उनमें वेंचर कैपिटलिस्ट, एंजेल इंवेस्टर, फाउंडर्स और स्टार्ट अप और भारत स्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के चीफ़ टेक्नॉलॉजी अफसर शामिल हैं. ये उन 10 हज़ार भारतीय लोगों और संस्थाओं में शामिल हैं जिन पर चीन की इस कंपनी ने नज़र रखा हुआ है.

जिन लोगों पर चीनी कंपनी ने नज़र रखा हुआ है उनमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके परिवार, ममता बनर्जी, अशोक गहलोत, नवीन पटनायक, उद्धव ठाकरे से लेकर कैबिनट मंत्री राजनाथ सिंह, रवि शंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमण, स्मृति इरानी शामिल हैं.

इसके अलावा चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ बिपिन रावत, आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के 15 प्रमुखों से लेकर मुख्य न्यायाधीश शरद बोबडे, लोकपाल पीसी घोष, कैग प्रमुख जीसी मुर्मु, 'भारत पे' के संस्थापक निपुण मेहरा, उद्योगपति रतन टाटा और गौतम अडानी को भी ये कंपनी मॉनिटर कर रही है.

ये कंपनी खुद दावा करती है कि ये चीन की खुफ़िया एजेंसी, सेना और सुरक्षा एजेंसियों के साथ काम करती है.

रिकॉर्ड बार सीजफायर का उल्लंघन

टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक पिछले नौ महीनों में पाकिस्तान की फ़ौज ने 17 सालों में सबसे अधिक बार सीजफायर का उल्लंघन किया है. संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी से लेकर 7 सितंबर तक पाकिस्तान की फ़ौज ने 3,186 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है.

सीजफायर के उल्लंघन के अलावा जनवरी से लेकर अगस्त के बीच जम्मू-कश्मीर से लगे 198 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 242 बार क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग हुई है.

आर्मी के रिकॉर्ड के मुताबिक 2017 में 971, साल 2018 में 1629 और 2019 में 3168 बार सीजफायर का उल्लंघन हुआ था. साल 2019 में बालाकोट की घटना और जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अचानक से सीजफायर के उल्लंघन के मामले में इजाफा देखा गया है.

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