राहुल गांधी बोले, मोदी सरकार का लॉकडाउन असंगठित वर्ग के लिए मृत्युदंड साबित हुआ -आज की बड़ी ख़बरें

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना महामारी को देखते हुए अचानक लागू किया गया लॉकडाउन असंगठित क्षेत्र के लिए मृत्युदंड जैसा साबित हुआ.

एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, "अचानक किया गया लॉकडाउन असंगठित वर्ग के लिए मृत्युदंड जैसा साबित हुआ. वादा था 21 दिन में कोरोना ख़त्म करने का, लेकिन ख़त्म किए करोड़ों रोज़गार और छोटे उद्योग. मोदी जी का जनविरोधी 'डिज़ास्टर प्लान' जानने के लिए ये वीडियो देखें."

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लॉकडाउन योजना को बर्बाद करने वाली योजना कहा.

उन्होंने इस ट्वीट के साथ एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो लॉकडाउन से हुई समस्याओं के बारे में बात कर रहे हैं.

ये वीडियो उनकी मोदी सरकार की ग़लत आर्थिक नीतियों पर चलाई जा रही सीरीज़ की चौथी कड़ी है.

राहुल गांधी ने इस वीडियो में न्याय योजना जैसी योजना लागू करने की बात सरकार से कही है.

24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 89,706 नए मामले

कोरोना महामारी ने पिछले 24 घंटे में भारत में 1115 लोगों की जानें ली हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के 89,706 नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं.

इसके साथ ही देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 43 लाख के आंकड़ें को पार कर गई है.

मंत्रालय ने कहा, "देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 43,70,129 हो गई है. इसमें 897,394 मामले सक्रिय हैं. 33,98,845 लोग संक्रमण के बाद ठीक भी हुए हैं."

देश में कोरोना संक्रमण के 70 फीसदी मामले महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में हैं.

सक्रिय मामलों का 27 फीसदी महाराष्ट्र में और 11 फीसदी आंध्र प्रदेश में है.

'कंगना को सुरक्षा देना मोदी सरकार का ग़लत फ़ैसला'

शिवसेना पार्टी ने अपने मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित एक संपादकीय के ज़रिये फिर से कंगना रनौत को निशाने पर लिया है.

बुधवार को प्रकाशित हुए इस लेख में कंगना को देशद्रोही, बेईमान और मानसिक रूप से विकृत बताया गया है.

'सामना' में लिखा गया है कि "जिसने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर से मुंबई शहर की तुलना कर उसका अपमान किया, उसे सुरक्षा मुहैया कराने का गृह मंत्रालय का निर्णय बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है."

शिवसेना ने अपने मुखपत्र में लिखा है, "मुंबई की तुलना पाक अधिकृत कश्मीर से करना और मुंबई पुलिस को माफ़िया आदि कहकर खाकी वर्दी का अपमान करना बिगड़ी हुई मानसिकता का लक्षण है. महाराष्ट्र की 11 करोड़ मराठी जनता और मुंबई का अपमान, मतलब देशद्रोह जैसा अपराध प्रतीत होता है. लेकिन जब ऐसा अपराध करने वाले लोगों के साथ मोदी सरकार का गृह मंत्रालय सुरक्षा कवच देकर खड़ा होता है, तब हमारे 106 शहीद स्वर्ग में आँसू बहा रहे होंगे."

'सामना' में लिखा गया है कि "अगर कोई शख़्स महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को चुनौती दे तो पूरे प्रदेश को उसके ख़िलाफ़ खड़े होना चाहिए. मगर बीजेपी साफ़ तौर से एक ऐसे शख़्स के साथ खड़ी है जिसने प्रदेश के मुख्यमंत्री का अपमान किया है."

शिवसेना ने यह भी लिखा कि मुंबई शहर का अपमान मुंबई की देवी - मुंम्बा देवी के ख़िलाफ़ बयान करने जैसा है.

शिवसेना ने कहा है कि 'बीजेपी सरकार को चीन के मुद्दे पर ध्यान लगाना चाहिए, नाकि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री और सरकार के ख़िलाफ़ बोलने वालों के साथ खड़े होने पर.'

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