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भारतीय रेल: 12 मई से पटरी पर दौड़ेंगी ट्रेन, लेकिन नए नियम और शर्तें लागू
- Author, सरोज सिंह
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
भारत में पहली बार एक दिन में कोरोना के 4200 से ज़्यादा नए मामले आए हैं.
और ऐसे समय पर सरकार ने एक अहम फ़ैसला किया है. भारतीय रेल मंत्रालय 12 मई से ट्रेनों को चलाने जा रहा है. शुरुआती चरण में सिर्फ़ 15 ट्रेनें चलाई जाएंगी.
25 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लागू होने के पहले ही पैसेंजर ट्रेनें बंद कर दी गईं थी. लेकिन लॉकडाउन-3 ख़त्म होने के पहले सरकार ने ये फ़ैसला कैसे कर लिया, इस पर लोगों को हैरानी ज़रूर हो रही है.
रेल मंत्रालय के इस फ़ैसले का देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी स्वागत किया है.
पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदम्बरम ने ट्वीट कर कहा है कि इसी तरह से सरकार को आगे रोड ट्रांसपोर्ट और विमान सेवा खोलने पर भी विचार करना चाहिए.
लेकिन कुछ लोग इस पर सवाल भी खड़े कर रहे हैं.
नेता और समाजशास्त्री योगेंद्र यादव ने ट्विटर पर बीबीसी की ही एक खब़र को शेयर करते हुए कई सवाल उठाए हैं.
ज़ाहिर है उनकी आपत्ति सबसे पहले एसी ट्रेन चलाने को लेकर है.
रेलवे के मुताबिक़ सबसे पहले चलाई जाने वाली सभी 15 ट्रेनें राजधानी जैसी एसी कोच होंगी.
ये रेलगाड़ियां नई दिल्ली से पटना, रांची, हावड़ा, डिब्रूगढ़, अगरतला, बिलासपुर, भुवनेश्वर, सिकंदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, तिरुअनंतपुरम, मडगांव, मुंबई सेंट्रल, अहमदाबाद और जम्मू तवी का सफ़र तय करेंगी.
इन ट्रेनों के लिए टिकट की बुकिंग 11 मई को शाम चार बजे से शुरू होनी थी लेकिन रेलवे ने कहा है कि डेटा अपलोड होने में कुछ और वक़्त लगेगा इसलिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बुकिंग थोड़ी देर से शुरू होगी. आईआरसीटीसी की वेबसाइट के अनुसार शाम छह बजे से बुकिंग शुरू होगी.
ट्रेनों में किराया
मंगलवार से शुरू होने वाली ट्रेन यात्रा के लिए रेलवे की तरफ़ से अब ट्रेन चलने, किराए और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम पर एक नया सर्कुलर भी जारी किया गया है.
आईआरसीटीसी के सीएमडी एमपी मल ने इस सर्कुलर की मुख्य बातें बीबीसी से साझा की है. उनके मुताबिक़, ये 15 जोड़ी ट्रेनें राजधानी होंगी, और जो किराया इस रूट पर पहले लगता था, वही इस बार भी लागू होगा. लेकिन केटरिंग के चार्ज नहीं लगेंगे. आपको बता दें, लॉकडाउन के पहले तक राजधानी ट्रेनों में 'डायनेमिक प्राइसिंग' लागू होता था यानी जैसे-जैसे सीटें भरती जाएंगी, किराया बढ़ता जाएगा.
केटरिंग के लिए पानी और कुछ पैकेज्ड फूड ट्रेन में पैसे देकर यात्री ख़रीद सकेंगे. इन ट्रेनों में रास्ते में बेड रोल नहीं दिया जाएगा.
एक ट्रेन में राजधानी की ही तरह 1 AC, 2AC, 3AC के कोच होंगे. 1 AC और 2AC में सोशल डिस्टेंसिंग की दिक्कत नहीं आएगी, लेकिन 3AC पर फ़िलहाल स्पष्ट नहीं कहा जा सकता कि वो 72 सीटों वाली होगी या नहीं.
ऐसा इसलिए क्योंकि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में भी 1200 की जगह अब 1700 यात्री ले जाने की बात हो रही है.
नए नियमों के मुताबिक:
- ट्रेनों में सीट बुकिंग 7 दिन पहले ही हो पाएगी
- तत्काल बुकिंग नहीं होगी
- RAC टिकट भी नहीं मिलेगा
- एजेंट टिकट बुक नहीं करा पाएंगे
- यात्रियों को स्टेशन 90 मिनट पहले पहुंचना होगा
- ट्रेन चलने के 24 घंटे के पहले तक टिकट कैंसिल की अनुमति होगी.
सप्ताह में कितने दिन चलेंगी ट्रेनें
हालांकि पूरा टाइमटेबल अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन रेलवे के मुताबिक़ इन 15 जोड़ी ट्रेनों में से कुछ ट्रेनें रोज़ चलेंगी, जो छोटी दूरियों की होंगी या फिर रात भर के सफर वाली होंगी.
लंबी दूरी की ट्रेनों को हफ्ते में दो या तीन दिन के लिए चलाया जाएगा. ट्रेन के स्टॉपेज, नॉर्मल ट्रेन के मुक़ाबले कम होंगे. लॉकडाउन के पहले जिस रूट पर ट्रेनें जितने दिन सप्ताह में चलती थी, उतनी ही दिन ये ट्रेंने चलेंगी.
स्टेशन आने और जाने की सुविधा कैसे मिलेगी?
ट्रेन चलाने के लेकर, फ़ैसले के बाद हर तरफ सवाल यही था कि लोग घर से स्टेशन और स्टेशन से घर तक कैसे पहुंचेंगे. इसको लेकर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है. ट्रेन की कंफ़र्म टिकट दिखाने के बाद लोगों और ड्राइवर को स्टेशन से घर और घर से स्टेशन जाने के लिए सुविधा दी जाएगी.
हॉटस्पॉट इलाक़ों के लिए ट्रेन
ये ट्रेनें दिल्ली से पटना, रांची, हावड़ा, डिब्रूगढ़, अगरतला, बिलासपुर, भुवनेश्वर, सिकंदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, तिरुअनंतपुरम, मडगांव, मुंबई सेंट्रल, अहमदाबाद और जम्मू तवी और फिर वापसी का सफ़र तय करेंगी.
लेकिन बात अगर मुंबई सेंट्रल और अहमदाबाद की करें, तो वहां कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. मुबंई इस वक़्त कोरोना का हॉटस्पॉट बना हुआ है.
वहां ये सुनिश्चित करना कि ट्रेनों से आए मुसाफिर अपने अपने घरों तक ठीक से पहुँचे और फिर उनका रेगुलर चेक अप किया जाए, ये राज्य सरकारों की मुश्किलें और बढ़ा सकता है.
उसी तरह से बंगाल से भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को लेकर भी पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र के बीच काफ़ी अनबन देखने को मिली. ऐसे में वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का रवैया पैसेंजर ट्रेनों को लेकर कैसा रहता है, ये भी देखने वाली बात होगी.
सोशल डिस्टेंसिंग कैसे करेगी सरकार?
स्टेशन पर यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी. यात्रा करने वालों को स्टेशन पर सैनिटाइजर दिया जाएगा. और यात्रा से पहले और यात्रा के दौरान पैसेंजर को मास्क पहनना अनिवार्य होगा.
स्टेशन पर उतरने के बाद, जिस राज्य में ट्रेन पहुंचेगी, वहां की राज्य सरकारों ने जो नियम बनाएं हैं, यात्रियों को उन सभी नियमों का पालन करना होगा.
मसलन अगर राज्य सरकार क्वारंटीन में यात्रियों को भेजना चाहे या फिर होम आइसोलेशन की बात कहे, तो यात्रियों को वो दिशा निर्देश पालन करने ही होंगे.
AC पर सरकार की गाइडलाइन
रेलवे की तरफ से साफ कहा गया है कि जो भी 15 ट्रेनें चलेंगी वो एसी होंगी. इसके पहले सरकार ने सेंट्रलाइज्ड एसी को लेकर एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि सेन्ट्रलाइज्ड एसी से ख़तरा हो सकता है.
ऐसे में हमने बात की पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के श्रीनाथ रेड्डी से. उनके मुताबिक़ सरकार जिन लोगों को विमान से ला रही है, वहां भी एसी चल ही रहा है. ऐसे में सरकार अगर एक 'एम्बिएंट टेम्परेचर' यानी आसपास के परिवेश के मुताबिक़ एक तापमान फ़िक्स करती है, तो ये अनुकूल होगा.
डॉ. रेड्डी के मुताबिक़ यात्रा से पहले पैसेंजर की प्री-स्क्रीनिंग, यात्रा के दौरान यात्री मास्क पहने रखें और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करेंगे, तो कोरोना फैलने के ख़तरे को कम ज़रूर किया जा सकता है.
डॉ. रेड्डी के मुताबिक़ अब कोरोना के साथ जब हमें जीने की आदत डालनी होगी, हमेशा के लिए ट्रेन और फ्लाइट बंद रखा भी नहीं जा सकता. शुरुआत कहीं से तो करनी ही होगी.
मज़दूरों के लिए अलग ट्रेन
रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि दूसरे राज्यों में फँसे मज़दूरों के लिए आगे भी श्रमिक ट्रेंने चलती रहेंगी. रेलवे प्रशासन के मुताबिक़ सोमवार सुबह तक 468 श्रमिक ट्रेनें चलाई जा चुकी है. तकरीबन 4 लाख मज़दूरों को सरकार अपने घर पहुँचा चुकी है.
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को ट्वीट पर जानकारी दी थी कि 300 और श्रमिक स्पेशल चलाने की योजना है. राज्य सरकारों की मांग पर ऐसा किया जा रहा है.
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सोमवार सुबह ही सभी राज्यों के गृह सचिवों को चिट्टठी लिख कर श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने में राज्य सरकारों को रेल मंत्रालय से सहयोग करने की बात की है.
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