कोरोना: 3345 किलोमीटर की दूरी, 84 घंटे का सफ़र, चेन्नई से आइज़ॉल पहुंचा एक युवक का शव

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- Author, दिलीप कुमार शर्मा
- पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
मिज़ोरम की राजधानी आइज़ॉल में मंगलवार को लगातार बारिश हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद लोग उन दो एम्बुलेंस चालकों का आभार व्यक्त करने घर से बाहर निकले जिन्होंने 3300 किलोमीटर से अधिक ड्राइव कर एक मिज़ो युवक का शव चेन्नई से आइज़ॉल पहुंचाया.
दरअसल इस पूरे सफ़र में मृत युवक के एक दोस्त राफ़ेल एवीएल मलचानहिमा भी चेन्नई से शव के साथ आइज़ॉल पहुंचे थे जिन्हें फ़िलहाल मिज़ोरम सरकार के क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है.
मिज़ोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा ने मृत युवक के दोस्त राफ़ेल और दोनों तमिल एम्बुलेंस चालकों जेयन्द्रन और चिन्नाथांबी का आभार व्यक्त करते हुए ट्वीट कर कहा, "तहे दिल से आपका धन्यवाद! आपने अभी दिखाया है कि हर मिज़ो दिल की धड़कन का मतलब क्या होता है जब यह शब्द "त्लावमंगईहना" आता है! मिज़ोरम आपको सलाम करता है."
मिज़ोरम की स्थानीय पत्रकार जरी रेबेका इस मिज़ो शब्द "त्लावमंगईहना" का मतलब समझाते हुए कहती है," त्लावमंगईहना एक मिज़ो आचार संहिता है जो हर किसी को मेहमाननवाज़, दयालु और सहायक बनने का आग्रह करती है."
दरअसल 23 अप्रैल को, 28 वर्षीय विवियन रेमसांगा का चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था. इसी साल फ़रवरी में चेन्नई स्थित होटल प्रबंधन संस्थान से स्नातक करने वाले विवियन चेन्नई में अकेल रहते थे. लिहाज़ा जब अड्यार पुलिस ने उनका शव बरामद किया तो उनकी शनाख़्त के लिए चेन्नई में मौजूद मिज़ोरम वेलफ़ेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों से संपर्क किया गया.

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लॉकडाउन की वजह से हुई मुश्किल
मिज़ोरम वेलफ़ेयर एसोसिएशन, चेन्नई के महासचिव पी सी माइकल लालरिंकीमा ने बीबीसी से कहा, "23 अप्रैल की शाम को विवियन का शव पुलिस ने चेन्नई के अड्यार इलाक़े से बरामद किया था. उसके बाद पुलिस ने शव की शनाख़्त करने के लिए हमसे संपर्क किया. शव की शनाख़्त करने के बाद हमने विवियन के दादा जी को फ़ोन पर इस घटना की जानकारी दी. क्योंकि विवियन आइज़ॉल में अपने दादा-दादी के साथ रहता था. परिवारवालों से बात करने के बाद हमने दूसरे दिन अस्पताल में पोस्टमार्टम समेत बाक़ी की सारी औपचारिकता पूरी की. हमने पहले कार्गो से विवियन का शव आइज़ॉल भेजने का प्रयास किया था लेकिन लॉकडाउन के कारण यह संभव नहीं हो पाया."
माइकल लालरिंकीमा दावा करते हुए कहा, "विवियन की मौत कोविड 19 या फिर किसी तरह के शारीरिक हमले से नहीं हुई है. उन्हें दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उनकी मौत हो गई. लॉकडाउन की वजह से मृतक का शव इतनी दूर उनके घर आइज़ॉल भेजना बड़ा मुश्किल का काम था. सौभाग्य से हमें अस्पताल में पता चला कि एक प्राइवेट एम्बुलेंस सर्विस इस तरह लॉकडाउन के दौरान लंबी दूरी तक शव पहुंचाने का काम कर रही है. अस्पताल में ही हमारी मुलाक़ात एम्बुलेंस के दोनों ड्राइवरों से हो गई."
वह आगे बताते है, "हमने तुरंत एम्बुलेंस के ड्राइवरों से बात की और वे दोनों जाने के लिए तैयार हो गए लेकिन उन्हें इतनी दूरी का सफ़र तय करने के लिए साथ में मृतक के परिवार के किसी सदस्य की ज़रूरत थी. दरअसल चेन्नई में विवियन का कोई रिश्तेदार नहीं था. लेकिन हमें उनके एक दोस्त राफ़ेल एवीएल मलचानहिमा के बारे में पता चला. हमने तुरंत उन्हें फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी और उनसे साथ जाने के लिए आग्रह किया. राफ़ेल तुरंत मान गए."

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बारिश में भी निकले लोग
कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण देशभर में जारी लॉकडाउन की वजह से खाने-पीने की दिक्क़तों का सामना करते हुए विवियन का शव लेकर आइज़ॉल पहुंचे दोनों ड्राइवरों का स्थानीय लोगों हीरो की तरह सम्मान किया.
फ़िलहाल वापस चेन्नई लौट रहे एम्बुलेंस के एक ड्राइवर चिन्नाथांबी ने फोन पर बीबीसी से कहा, "मिज़ोरम के लोगों ने हमें बहुत इज्ज़त और सम्मान दिया. हम पहली बार चेन्नई से इतनी दूर आए थे. हमारी एम्बुलेंस जब आइज़ॉल शहर में प्रवेश कर थी, उस समय बारिश हो रही थी. लेकिन वहां के लोग सड़क के दोनों किनारे खड़े होकर हमारा स्वागत कर रहे थे. कई लोग हमारे लिए तालियां बजा रहे थे. हमें इंग्लिश बिल्कुल नहीं आती लेकिन उनके द्वारा दिखाया जा रहा प्यार हमारे दिल को छू गया. किसी ने हमें फूलों का गुलदस्ता दिया तो कई लोगों ने हमें उस प्रदेश की पारंपरिक पोशाक गिफ्ट की."

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जबकि दूसरे एम्बुलेंस चालक ने बताया, "लॉकडाउन के कारण यह सफ़र काफ़ी कठिन था. क्योंकि सब कुछ बंद पड़ा था. हम आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय होते हुए 3345 किलोमीटर का सफ़र पूरा करते हुए मिज़ोरम पहुंचे थे. हमें यह सफ़र पूरा करने में क़रीब 84 घंटे लग गए. लेकिन मिज़ोरम के लोगों का प्यार देखकर सारी थकावट ख़त्म हो गई. यह सफ़र हमेशा याद रहेगा."
विवियन के चाचा ने बताया, "विवियन की मौत को लेकर कुछ लोग अफ़वाह फैला रहे हैं लेकिन अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया गया है और उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है. विवियन के दोस्त राफ़ेल और एम्बुलेंस के दोनों ड्राइवरों का हम जीवन भर आभारी रहेंगे. मिज़ोरम के लोगों ने भी सोशल डिस्टेंशिग का पालन करते हुए घर से निकलकर एम्बुलेंस के ड्राइवरों का सम्मान किया. हम सबको दिल से धन्यवाद देते हैं."
इस बीच विवियन के दोस्त और उनके साथ चेन्नई के एक कैफ़े में साथ काम करने वाले राफ़ेल ने स्थानीय मीडिया के समक्ष कहा, "विवियन का शव उसके घर पहुंच गया और उसे यहां की क़ब्र में दफ़नाया गया. इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है."
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