कोरोना वायरस: दिल्ली में 31 मार्च तक पूरी तरह से बंदी- प्रेस रिव्यू

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कोरोना वायरस के बढ़ते डर को देखते हुए दिल्ली में सोमवार की सुबह 6 बजे से लॉकडाउन का ऐलान कर दिया गया है. इस ख़बर को हिन्दुस्तान टाइम्स ने प्रमुखता से पहले पन्ने पर छापा है. 23 मार्च को सुबह 6 बजे से 31 मार्च रात 12 बजे तक लॉकडाउन रहेगा. इस दौरान ज़रूरतों की चीज़ों को छोड़ सभी बाज़ार, दुकानें और इंडस्ट्री बंद रहेंगी.
दिल्ली के बॉर्डर सील रहेंगे, ट्रेनों की आवाजाही बंद रहेगी और मेट्रो भी नहीं चलेगी. दिल्ली में डीटीसी की 25 फ़ीसदी बसों को छोड़कर कोई भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विस नहीं चलेगी. सभी निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा दी गई है. हालांकि इस दौरान ज़रूरी सुविधाओं से जुड़ी दुकानें खुली रहेंगी.
मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली में लॉकडाउन का ऐलान करते हुए कहा कि इस वक़्त कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में डर बना हुआ है.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा "अगर कोरोना से निपटने के लिए सख़्त क़दम नहीं उठाए और अगर हालात बिगड़ गए तो उस समय लॉकडाउन का भी फ़ायदा नहीं होगा."
केजरीवाल ने कहा कि इटली इसका उदाहरण है.ज्यादा केसों से हमारा हेल्थ सिस्टम डील नहीं कर पाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई भी दूध, सब्जी, दवाई लेने जाता है और उससे पूछा जाता है कि वह कहां जा रहा है तो जनता की बात पर विश्वास किया जाएगा और जनता से कोई सर्टिफिकेट नहीं मांगा जाएगा. अगर कोई अस्पताल जा रहा है तो उसकी बात पर भरोसा किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने दिल्ली वालों से अपील करते हुए कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा घर में रहें.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पाँच से ज़्यादा लोग कहीं पर भी जमा नहीं होंगे. दिल्ली में जो प्राइवेट दफ्तर हैं, वो बंद रहेंगे लेकिन उनके कर्मचारी ऑन ड्यूटी माने जाएंगे. प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों को लॉकडाउन की पूरी सैलरी देनी होगी. स्थायी और कान्ट्रैक्ट कर्मचारी दोनों तरह के कर्मचारी इसमें शामिल हैं. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में केंद्र के भी दफ्तर है और केंद्र से संबंधित आदेश केंद्र सरकार निकालेगी.
दिल्ली से लगे हुए यूपी, हरियाणा के बॉर्डर सील कर दिए जाएंगे. हालांकि इन राज्यों से ज़रूरी चीज़ों को लाए जाने की इजाज़त होगी, जैसे दूध, सब्जी और खाने- पीने का सामान.

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दिल्ली मेट्रो बंद
दिल्ली मेट्रो का संचालन अब 31 मार्च तक पूरी तरह बंद रखने की घोषणा की गई है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करने वाले लोगों की वजह से संक्रमण के और ज़्यादा फैलने के ख़तरे को देखते हुए रविवार को यह निर्णय लिया गया है.
इससे पहले सोमवार को मेट्रो सेवाएं सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रखने और उसके बाद रात को भी 8 बजे से ही मेट्रो सर्विस बंद कर देने का निर्णय शुक्रवार को लिया गया था जबकि जनता कर्फ्यू की वजह से रविवार को दिन भर मेट्रो का ऑपरेशन बंद रखने का ऐलान भी पहले से ही किया जा चुका था, लेकिन अब सोमवार से मेट्रो की सेवाएं 31 मार्च तक पूरी तरह बंद रहेंगी.
डीएमआरसी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल ने रविवार को इस बारे में बताया कि कोरोना वायरस के ख़तरे को कम करने के मक़सद से अब मेट्रो सेवाओं को सोमवार से 31 मार्च तक पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया गया है.

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क्या टोक्यो में इस साल होने वाला ओलंपिक टलेगा?
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ (आइओसी) आयोजनकर्ताओं पर टोक्यो ओलंपिक 2020 को टालने का दबाव अब बढ़ने लगा है. द हिन्दू ने इस ख़बर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है. अब अमरीका ट्रैक एंड फ़ील्ड फ़ेडरेशन ने भी कोरोना वायरस की वजह से ओलंपिक खेलों को स्थगित करने की मांग कर दी है.
फ़ेडरेशन के अध्यक्ष हेड मैक्स ने अमरीका ओलंपिक और पैरालंपिक कमिटी (यूएसओपीसी) को पत्र लिखकर ओलंपिक को स्थगित करने की मांग करने को कहा है. वहीं अब अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ ने भी अपने सदस्य देशों से खिलाड़ियों की तैयारियों और कोरोना से हुए नुकसान की जानकारियां मांगी हैं.
शुक्रवार को अमरीकी तैराकी संघ के ओलंपिक को स्थगित करने की वकालत करने के बाद से ही आइओसी पूरी तरह से दबाव में बना हुआ है. आइओसी ने अपने सदस्य देशों से पूछा है कि इमरजेंसी की वजह से किस तरह से आपके एथलीटों की ओलंपिक तैयारियों में रुकावट आ रही है.
इससे पहले यूएसओपीसी ने कहा था कि 24 जुलाई से नौ अगस्त तक होने वाले ओलंपिक को स्थगित करने का फैसला जल्दबाजी भरा होगा. वहीं अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ (आइओसी) ने कहा था कि इतनी जल्दी ओलंपिक को स्थगित करने का फैसला नहीं लिया जा सकता है।
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छत्तीसगढ़ 17 जवानों की मौत
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा ज़िले में नक्सलियों से मुठभेड़ में शनिवार को 17 जवानों की मौत हो गई. इस ख़बर को नवभारत टाइम्स ने पहले पन्ने पर छापा है. इनमें से 14 शव रविवार को मिले. मारे गए जवानों में 12 डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड (DRG) और 5 STF के जवान थे. छत्तीसगढ़ पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ बस्तर जिले के चिंतागुफा थाना इलाके में हुई.
कई नक्सली बुलेटप्रूफ जैकेट पहने थे. वे 12 एके 47 समेत 15 हथियार ले गए. एनकाउंटर में कई नक्सली भी मारे गए. पुलिस को कसालपाड़ इलाके में बड़ी तादाद में नक्सलियों के जुटे होने की ख़बर मिली थी. करीब 550 जवान उन्हें घेरने पहुंचे, लेकिन नक्सलियों तक ख़बर पहले ही पहुंच गई. नक्सलियों ने रणनीति के तहत जवानों को जंगल के अंदर घेर लिया. घायल 14 जवानों का रायपुर में इलाज जारी है.

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