यस बैंक संकट: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल अंबानी तलब

यस बैंक संकट: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल अंबानी तलब

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ प्रवर्तन निदेशालय ने यस बैंक संकट मामले में एडीएजी ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को तलब किया है.

प्रवर्तन निदेशालय बैंक के प्रमोटर राणा कपूर के हवाला मामलों की जाँच कर रहा है. ख़बर है कि इस मामले में अनिल अंबानी समेत कई और उद्योगपतियों से पूछताछ हो सकती है.

पिछले दिनों मीडिया में ख़बर आई थी कि अनिल अंबानी यस बैंक सबसे बड़े डिफॉल्टर्स में से एक है. बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने भी ट्वीट कर बताया था कि अनिल अंबानी ग्रुप ने यस बैंक से लिए क़र्ज़ में से 12800 करोड़ रुपए नहीं चुकाया. इसके अलावा उन्होंने राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा के स्वामित्व वाले एस्सेल ग्रुप को 8400 करोड़ रुपए का डिफॉल्टर बताया.

अन्य डिफॉल्टर्स में दीवान हाउसिंग 4,735 करोड़ रुपए, आईएलएंडएफ़एस 2500 करोड़ रुपए और जेट एयरवेज़ 1100 करोड़ रुपए शामिल हैं.

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छह मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री सीतारमण ने भी माना था कि यस बैंक से कॉर्पोरेट लोन लेने वालों में अनिल अंबानी ग्रुप, एस्सेल, डीएचएफएल, आईएलएंडएफएस और वोडाफ़ोन शामिल हैं.

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राहुल गांधी ने भी घेरा

इस बीच, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूछा कि भारतीय बैकों के वो 50 सबसे बड़े कर्ज़ ग़बन करने वाले कौन हैं? उनके क्या नाम है?

राहुल ने कहा, "भारतीय इकॉनमी बुरे दौर से गुज़र रही है. हमारी बैंकिंग व्यवस्था काम नहीं कर रही है. बैंक नाकाम हो रहे हैं. इसका असल कारण है, बैंकों से पैसों की चोरी. मैंने पूछा था कि टॉप 50 विलफुल डिफॉल्टर्स हिंदुस्तान में कौन हैं? मुझे कोई जवाब नहीं दिया गया. प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि जिन लोगों ने हिन्दुस्तान के बैंकों से चोरी की है उनको पकड़कर लाऊंगा, मैंने प्रधानमंत्री जी से पूछा कि वे 50 लोग कौन हैं? और मुझे इसका जवाब नहीं मिला."

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तीन साल तक नहीं बेच सकेंगे शेयर

उधर, सरकार ने यस बैंक के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी कर दी है. इसके मुताबिक़, यस बैंक के शेयरधारक तीन साल तक अपने शेयर नहीं बेच सकेंगे.

पुनर्गठन में ये शर्त रखी गई है कि अगर आपने यस बैंक के 100 से अधिक शेयर ख़रीदे तो इनमें से 75 फ़ीसदी हिस्‍सेदारी को तीन साल के लिए लॉक इन कर दिया जाएगा. यानी तीन साल तक आप ये शेयर नहीं बेच सकेंगे. लेकिन जिनके पास 100 से कम शेयर हैं तो वो अपने पूरे शेयर बेच सकता है.

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