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इमरान से फिर बोले ट्रंप- कश्मीर पर पाकिस्तान की मदद को तैयारः पांच बड़ी ख़बरें
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की मुलाक़ात हुई है.
इमरान ख़ान से मुलाक़ात के पहले मीडिया से रूबरू हुए ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को 'बहुत अच्छा दोस्त' बताया.
ट्रंप ने कहा, "हम कश्मीर के बारे में और भारत-पाकिस्तान के बारे में क्या चल रहा है, इस बारे में बात कर रहे हैं... यदि हम मदद कर सके तो निश्चित रूप से मदद करेंगे. हम नज़र बनाए हुए हैं."
वहीं इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान को हमेशा ये उम्मीद रही है कि अमरीका मामले को सुलझाने में अपनी भूमिका अदा करेगा.
उन्होंने कहा,"पाकिस्तान में हमारे लिए भारत एक बड़ा मुद्दा है और हम हमेशा ये उम्मीद करते हैं कि अमरीका इस मुद्दे के समाधान में अपनी भूमिका अदा करेगा, क्योंकि कोई दूसरा देश ऐसा नहीं कर सकता."
हालांकि भारत हमेशा ये कहता रहा है कि कश्मीर का मुद्दा उसका आंतरिक मामला है.
नागरिकता संशोधन क़ानून पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के ख़िलाफ़ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा.
सीएए के ख़िलाफ़ कुल 143 याचिकाओं में केरल सरकार की याचिका भी शामिल है जिसमें इस क़ानून को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है.
चीफ़ जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच केंद्र की उस याचिका पर भी सुनवाई करेगी जिसमें सीएए के ख़िलाफ़ अलग-अलग कोर्ट में दायर की गई याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की गई है.
पिछले साल दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हिंसा के बाद 18 दिसंबर को विवादित क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाख़िल की गई थीं.
तब सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं पर फ़ौरन सुनवाई करने से मना कर दिया था और इसके लिए 22 जनवरी की तारीख़ तय की थी.
नागरिकता संशोधन क़ानून में पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसियों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है.
इस क़ानून का विरोध करने वालों का कहना है कि मुसलमानों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है जो भारतीय संविधान का उल्लंघन है.
संविधान की प्रस्तावना हर दिन पढ़ेंगे स्कूली बच्चे
महाराष्ट्र सरकार ने तय किया है कि राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के छात्र हर सुबह प्रार्थना के बाद भारतीय संविधान की प्रस्तावना भी पढ़ेंगे.
राज्य में ये पहल, 'संविधान की संप्रभुता सबके हित में' नामक कार्यक्रम के तहत 26 जनवरी से शुरू की जा रही है.
महाराष्ट्र सरकार ने ये क़दम ऐसे समय उठाया है जब राज्य के कई ज़िलों में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं.
राज्य सरकार का कहना है कि साल 2013 में भी यही तय किया गया था, लेकिन तब इसे लागू नहीं किया गया था.
कोरोना वायरस पर चीन की चेतावनी
चीन के शीर्ष नेताओं ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि नए कोरोना वायरस के मामलों पर लीपापोती नहीं करें जिसकी चपेट में आकर लगभग 440 लोग संक्रमित हो चुके हैं.
ये चेतावनी तब दी गई है जब सरकारी मीडिया में कहा गया है कि इस वायरस की वजह से नौ लोग मारे जा चुके हैं.
अब इस बात की पुष्टि भी हो चुकी है कि ये वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जा सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन बुधवार को इस बारे में विचार करेगा कि चीन में इस वायरस की वजह से क्या इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित की जा सकती है.
ये ठीक उसी तरह होगा जैसा स्वाइन फ्लू और इबोला वायरस के मामले में संबंधित देशों में हुआ था.
चीन से बाहर कोरोना वायरस के फैलने की आशंकाओं के बीच अमरीका ने अपने यहां इसका एक मामला सामने आने की पुष्टि की है.
अमरीका का कहना है कि मरीज 15 जनवरी को चीन के वुहान से लौटा था.
ईरान ने बताया किस मिसाइल ने बनाया था विमान को निशाना
ईरान ने इस बात की पुष्टि की है कि सतह से हवा में मार करने वाली दो टोर-एम1 मिसाइलों ने यूक्रेन के यात्री विमान को अपना निशाना बनाया था.
ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने कहा है कि रूस में बनी टोर-एम1 मिसाइलों को उत्तर से दागा गया था जिसकी वजह से तेहरान के नज़दीक यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था.
8 जनवरी की इस घटना में यूक्रेन के विमान में सवार सभी 176 लोग मारे गए थे. तब पहले तीन दिन ईरान इस बात से इंकार करता रहा था कि विमान उसकी मिसाइलों की वजह से गिरा है.
टोर-एम1 मिसाइलों की बात स्वीकार करते हुए ईरान ने ये भी कहा है कि इन मिसाइलों से विमान पर कितना असर पड़ा, इसकी अभी पड़ताल की जा रही है.
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