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राम रहीम की सहयोगी हनीप्रीत ज़मानत पर रिहा
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम की सहयोगी हनीप्रीत इंसा को पंचकूला की एक कोर्ट ने बुधवार को ज़मानत दे दी. वो शाम को अंबाला की सेंट्रल जेल से बाहर आ गईं.
हनीप्रीत करीब दो साल से जेल में बंद थीं. उन पर राम रहीम को बलात्कार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पंचकूला में हिंसा की साजिश रचने का आरोप है.
इसके पहले बीते हफ़्ते कोर्ट ने हनीप्रीत पर लगे देशद्रोह के आरोपों को हटा दिया था. इसके बाद से ही माना जा रहा था कि उन्हें ज़मानत मिल सकती है.
दो साल से जेल में हनीप्रीत
पंचकूला हिंसा और राम रहीम के जेल जाने के बाद हनीप्रीत फ़रार हो गईं थीं और बाद में अक्टूबर 2017 में पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार किया था.
हनीप्रीत के वकील एपी सिंह ने बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा को बताया कि कोर्ट ने हनीप्रीत की ज़मानत मंजूर कर ली है.
सिंह ने बताया, " उन्होंने हनीप्रीत की ज़मानत के लिए याचिका दाखिल की थी. जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी है."
डेरे में था दबदबा
डेरा सच्चा सौदा में हनीप्रीत की हैसियत काफ़ी बड़ी थी. डेरे से जुड़े रहे लोगों का दावा है कि राम रहीम के बाद डेरे की ज़िम्मेदारी हनीप्रीत के पास रहती थी.
हनीप्रीत का असल नाम प्रियंका तनेजा है. उनके दादा और पिता डेरा से जुड़े हुए थे. डेरा में आने से पहले ही उनकी शादी विश्वास गुप्ता नाम के शख़्स से हुई थी लेकिन बाद में दोनों का तलाक़ हो गया. विश्वास गुप्ता के परिवार वाले भी डेरा से जुड़े थे.
डेरा से जुड़े लोगों के मुताबिक हनीप्रीत ने न केवल डेरा को संभालने बल्कि राम रहीम की फ़िल्म एमएसजी के निर्देशन में भी मदद की थी.
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