टाइफ़ून हगिबिस : जापान में भीषण तूफ़ान से बचाव के लिए सेना तैनात

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जापान ने आए भीषण तूफ़ान के बाद बचाव के लिए कई हज़ार जवानों और बचावकर्मियों को तैनात किया है. यह तूफ़ान कई सालों में आए शक्तिशाली तूफ़ानों में से एक है. तूफ़ान के कारण कम से कम 23 लोग मारे गए हैं.

टाइफ़ून हगिबिस शनिवार को राजधानी टोक्यो के दक्षिण-पश्चिम में इज़ु प्रायद्वीप की मुख्य भूमि पर स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजे के आसपास टकराया.

सरकारी समाचार प्रसारक एनएचके ने बताया कि तूफ़ान के कारण 13 लोग लापता हैं.

मध्य नगानो प्रांत में जापान के मशहूर बुलेट ट्रेनों के आसपास पानी जमा हो गया है जबकि हेलीकॉप्टरों से छतों पर फंसे हुए लोगों को निकाला जा रहा है.

अधिकारियों ने बताया कि सेना के कुल 27,000 जवानों और अन्य बचाव कर्मियों को राहत अभियानों के लिए तैनात किया गया है.

प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने ज़रूरत पड़ने पर और अधिक जवानों को तैनात करने का वादा करते हुए कहा है कि "सरकार पूरी कोशिश करेगी."

हालांकि रविवार को तूफ़ान कमजोर हो गया था.

बुजुर्ग महिला हेलीकॉप्टर से नीचे गिरी

टोक्यो के उत्तर में कावागोई शहर में एक नर्सिंग होम में फंसे निवासियों की मदद के लिए आपात दल के सदस्यों ने नौकाओं का इस्तेमाल ​किया.

टोक्यो के वृहद इलाके में करीब 150,000 घरों में बिजली नहीं है और बारिश भी हो रही है. हगिबिस के फिर से सक्रिय होने की आशंका के कारण ट्रेन और विमान सेवाओं को रद्द कर दिया गया है.

कई लोगों की जान भूस्खलन में दब जाने या बाढ़ के पानी में बह जाने के कारण हुई है.

अधिकारियों के हवाले से समाचार एजेंसी एपी ने ख़बर दी है कि एक हेलीकॉप्टर द्वारा बचाई गई 70 वर्षीय एक महिला के दुर्घटनावश नीचे गिर जाने के कारण मौत हो गई.

जापान के कुछ क्षेत्रों में कुछ ही दिनों में औसत वर्षा 40% तक हुई.

माउंट फुजी के नजदीक होकेने शहर में शुक्रवार और शनिवार को एक मीटर (3 फुट) बारिश हुई और 48 घंटे के दौरान जापान में सबसे अधिक बारिश हुई है.

बारिश के कारण खेतों और गोदामों में भी पानी जमा हो गया है.

टोक्यो के उत्तर-पश्चिम हिगाशी मतसूयामा शहर में एक अधिकार ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "हमने इससे पहले इस तरह का बाढ़ कभी नहीं देखा था."

खेल बाधित

इस तूफ़ान के कारण रग्बी विश्व कप के कुछ मैचों को रद्द कर दिया गया. हालांकि जापान और स्कॉटलैंड के बीच एक प्रमुख मैच रविवार को खेला जाएगा.

फॉर्मूला वन ग्रां प्री के लिए क्वालीफाई करने में भी जापान को व्यवधान का सामना करना पड़ा था, लेकिन रेस हुआ और वाल्टेरी बोटास ने जीत हासिल की.

भयंकर तूफ़ान आने के साथ ही, 70 लाख से अधिक लोगों को अपना घर छोड़ने का अनुरोध किया गया. हालांकि माना जा रहा है कि करीब 50 लाख लोग ही आश्रय गृहों में रूके हुए हैं.

पिछले महीने आए टाइफ़ून फाक्साई ने कारण जापान के कुछ हिस्सों में काफी तबाही मची थी जिसमें 30,000 घरों को नुकसान पहुंचा था. इन मकानों में से ज़्यादातर का अभी तक मरम्मत नहीं हो पाया है.

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