पंजाब पटाखा फैक्ट्री हादसे में 23 की मौत, जांच के आदेश

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पंजाब के गुरदासपुर के बटाला ज़िले में बुधवार को एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फ़ोट हुआ. इस हादसे में पूरी इमारत ढह गई और 23 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हैं.

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं. एडिशनल डिप्टी कमिश्नर जनरल तेजिंदर पाल सिंह संधू इस मामले की जांच करेंगे.

इस हादसे पर दुख जताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ट्विटर पर लिखा कि बचाव कार्य जारी है.

साथ ही मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मृतकों के परिजन को 2 लाख रुपये, अमृतसर मेडिकल कॉलेज रेफ़र किए गए गंभीर रूप से घायल सात लोगों को 50 हज़ार रुपये और अन्य घायलों को 25 हज़ार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है.

ज़िला अस्पताल में चल रहा घायलों का इलाज

बटाला के एसडीएम दीपक भाटिया ने इस घटना के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि घायलों का इलाज ज़िले के सिविल अस्पताल में चल रहा है.

बटाला सिविल अस्पताल के डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि इनमें से सात लोग गंभीर रूप से घायल हैं.

इस विस्फोट के कारण आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है जबकि हादसा स्थल के पास खड़ी कई गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं.

जिन चार लोगों को गंभीर रूप से चोटिल बताया गया था उन्हें तुरंत अमृतसर रेफर कर दिया गया.

गुरदासपुर से लोकसभा सांसद सनी देओल ने ट्वीट किया कि एनडीआरएफ़ और स्थानीय प्रशासन की टीम राहत कार्य के लिए पहुंच रही है.

पंजाब के कैबिनेट मंत्री गुरप्रीत सिंह ने मीडिया को बताया कि जो लोग अवैध कारखाना चला रहे हैं उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

पहले भी हुए हैं हादसे

यह पहली बार नहीं है जब किसी पटाखा फैक्ट्री में लोगों के मरने की घटना हुई हो.

2012 में इसी तरह के एक हादसे में तमिलनाडु के शिवकाशी की एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था. तब 34 लोगों की मौत हो गई थी जबकि उस हादसे में 30 लोग घायल हुए थे.

साल 2008 में राजस्थान के भरतपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका हुआ था और कम से कम 26 लोग मारे गए थे.

2008 में ही ओडिशा में भी पटाखा बनाने वाले एक कारखाने में धमाका हुआ था जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी.

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