अयोध्या ज़मीन विवादः मध्यस्थता पैनल ने SC को सौंपी स्टेटस रिपोर्टः पांच बड़ी ख़बरें

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अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में गठित मध्यस्थता पैनल ने सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंप दी है.

अब चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ शुक्रवार को इस पर सुनवाई करेगी.

फ़ाइनल रिपोर्ट देखने के बाद शीर्ष अदालत यह तय करेगी कि मामले का हल मध्यस्थता से होगा या अदालती सुनवाई से.

ट्रेड यूनियन की देशव्यापी हड़ताल

श्रम क़ानूनों में संशोधन को लेकर शुक्रवार को पूरे भारत में ट्रेड यूनियन ने हड़ताल बुलाई है.

सरकार ने चार श्रम क़ानूनों को बदलने का फ़ैसला लिया है और यह हड़ताल इसी के विरोध में है.

ये क़ानून मज़दूरी और कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े हैं.

देश भर की ट्रेड यूनियन का कहना है कि ये बदलाव मज़दूर विरोधी हैं और इससे सिर्फ़ चुनिंदा कंपनियों और कॉरपोरेट घरानों को फ़ायदा पहुंचेगा.

जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

शुक्रवार को जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. इसे लेकर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने याचिका दायर की हुई है.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने जस्टिस कुरैशी का नाम मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के लिए भेजा था, लेकिन केंद्र ने कॉलेजियम की सिफारिश की फ़ाइल को रोके रखा.

अब कॉलिजियम की सिफारिश पर फ़ैसला लेने के लिए केंद्र ने 2 हफ़्ते का समय मांगा है. कोर्ट में इसी को लेकर सुनवाई होनी है. वरिष्ठ जज जस्टिस एए कुरैशी फिलहाल मुंबई हाईकोर्ट में कार्यरत हैं.

कर्नाटक के बागी नेता पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

कर्नाटक विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए गए कांग्रेस-जेडीएस के बागी नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष के फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के विश्वास मत प्रस्ताव से पहले कुल 17 बागी विधायकों को सदन से अयोग्य ठहराया गया था.

हालांकि येदियुरप्पा ने इन विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बावजूद ध्वनिमत से विश्वास मत जीत लिया था.

ट्रंप ने की चीन के उत्पादों पर आयात शुल्क लगाने की घोषणा

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने चीनी उत्पादों पर 300 बिलियन डॉलर का आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया है.

ये शुल्क सितंबर से लागू होगा. अमरीका ने चीनी सामानों पर पहले ही 250 बिलियन डॉलर की क़ीमत का आयात शुल्क लगा रखा है.

अमरीका-चीन के बीच चल रहे इस ट्रेड वॉर की वजह से चीन की विकास दर में गिरावट आ रही है. आयात शुल्क की दरें ज़्यादा होने से चीन के निर्यात में गिरावट आई है.

इस ट्रेड वॉर की वजह से दुनिया भर में मंदी का ख़तरा मंडराने लगा है.

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