अब आगरा टोल पर BJP सांसद के गार्ड्स ने की मारपीट: प्रेस रिव्यू

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हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार उत्तर प्रदेश के आगरा में बीजेपी सांसद रामशंकर कठेरिया के सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों पर उनके सामने ही टोल कर्मचारियों की पिटाई का आरोप लगा है.

जानकारी के मुताबिक़ कठेरिया आगरा इनर रिंग रोड रहन कला टोल प्लाज़ा से अपने काफ़िले के साथ गुजर रहे थे. टोल स्टाफ़ के मुताबिक कठेरिया के काफ़िले में कुछ गाड़ियां और एक बस भी थी.

टोल कर्मियों ने बस को वीआईपी लेन की जगह आम लेन से निकालने को कहा. इसी पर हंगामा हुआ और सुरक्षाकर्मियों ने टोल कर्मियों के साथ कथित तौर पर मारपीट की.

कठेरिया राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष भी हैं. कठेरिया और उनके सहयोगियों के ख़िलाफ़ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

'बजट आलोचक निराशावादी'

बिज़नेस टुडे के मुताबिक़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वाराणसी दौरे में बजट के आलोचकों पर निशाना साधा और उन्हें निराशावादी बताया.

बजट के आलोचकों को जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "हम विकासशील से विकसित देश बन सकते हैं लेकिन पेशेवर निराशावादी समाधान देने की जगह संकट में डाल सकते हैं."

उन्होंने कहा कि सरकार ने 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य तय किया है और सरकार के इरादे पर शक करना निराशावादियों का काम है.

ईवीएम पर 5000 करोड़ से अधिक ख़र्च

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक केंद्र सरकार ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में खर्च हुए 9000 करोड़ रुपये में से 60 फ़ीसदी राशि ईवीएम मशीनों और वीवीपैट की खरीद पर खर्च की. लगातार तीन वित्तीय वर्षों में लोकसभा चुनावों पर 2019 करोड़ रुपये खर्च हुआ.

अख़बार के मुताबिक ईवीएम की ख़रीद पर 2017-18 के दौरान 1,478 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि 2018-19 में 3,927 करोड़ रुपये की रकम इस मद में खर्च की गई. 2019-20 के लिए इस मद में 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया.

वोटर आईडी कार्ड पर पिछले तीन वित्तीय वर्षों में क्रमश: 50 करोड़, 60 करोड़ और 90 करोड़ रुपये ख़र्च किए गए.

'युवा को मिले कांग्रेस की कमान'

हिंदुस्तान के मुताबिक राहुल गांधी के इस्तीफ़े के औपचारिक ऐलान के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसी युवा नेता को पार्टी की कमान सौंपने की पैरवी की है.

अमरिंदर ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, "राहुल गांधी के इस्तीफ़े के दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय के बाद पार्टी को इस समय एक युवा नेता की ही ज़रूरत है."

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति से मेरा आग्रह है कि किसी ऐसे युवा नेता को ही पार्टी अध्यक्ष की कमान सौंपने के बारे में सोचे, जो अपनी देशव्यापी पहचान और ज़मीन से जुड़ाव के ज़रिये लोगों को उत्साहित कर सके.

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