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राजस्थानः 15 राम भक्तों की मौत का कसूरवार कौन
- Author, नारायण बारेठ
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
राजस्थान के बाड़मेर ज़िले में आए रेगिस्तानी बंवडर में पंद्रह लोगों की जान चली गई.
घटना रविवार की है. जोधपुर में कथावाचक मुरलीधर रामचरितमानस के अध्याय से सभा को प्रवचन दे रहे थे.
उसी दौरान रेगिस्तानी इलाक़े में एक बंवडर उठा जिसके कारण पूरा पंडाल कथावाचक और श्रद्धालुओं के ऊपर आ गिरा. पंडाल इतनी तेज़ी से गिरा की उसने किसी को संभलने का मौक़ा नहीं दिया.
जिस वक़्त ये हादसा हुआ उस समय लोग राम कथा सुन रहे थे लेकिन अब वो इस हादसे को लेकर आयोजन की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं.
बताया जा रहा है कि इस आयोजन के लिए न तो बिजली महकमे से अनुमति ली गई थी और न ही दमकल विभाग से.
पिछले कुछ सालों से ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों का चलन बढ़ा है लेकिन ऐसे आयोजनों में सुरक्षा के पहलू को नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है.
कौन है कसूरवार
ये कार्यक्रम एस ऐन वोहरा स्कूल के प्रांगण में किया जा रहा था. कार्यक्रम के एक आयोजक रावल किशन सिंह ने कहा कि ये हादसा प्राकृतिक आपदा का नतीजा है.
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए स्कूल प्रशासन से अनुमति ले ली गई थी जबकि बालतोरा में क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी दयाराम पटेल ने बीबीसी को बताया, "शिक्षा विभाग से इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी."
स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा, "शिक्षा विभाग ने इसकी इजाज़त दी थी इसीलिए हमने स्कूल प्रांगण में कथा आयोजन की अनुमति दी."
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाक़ात की. अशोक गहलोत ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं.
गहलोत ने मीडिया से कहा, "जाँच से ही पता लगेगा कि घटना कैसे हुई और इसके लिए कौन कसूरवार हैं."
पंडाल में करंट फ़ैल गया था
जोधपुर के पुलिस महानिरीक्षक सचिन मित्तल ने बताया, "अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी. इस मामले में कथावाचक मुरलीधर से बात नहीं हो सकी है. क्योंकि इस हादसे के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई है. लेकिन कथावाचक ने लोगों को तूफ़ान के प्रति सचेत किया था और जल्द बाहर निकलने को कहा था. मगर लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला."
बाड़मेर में बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता सोनाराम ने बीबीसी से कहा कि 'इस आयोजन के लिए हमसे कोई बिजली कनेक्शन नहीं लिया गया. आयोजकों ने जरनेटर से बिजली की व्यस्था की थी. ऐसे कार्यक्रमों में बिजली विभाग अस्थायी कनेक्शन देता है.
चश्मदीदों के अनुसार इस हादसे में जब भारी भरकम पंडाल गिरा तो पंडाल में करंट फैल गया जिसने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया.
राजस्थान के जोधपुर में वर्ष 2008 में एक मंदिर में भगदड़ मची थी जिसमें 200 से अधिक लोगों की जान चली गई थी. राजस्थान की इस घटना के बाद सरकार ने संकेत दिया है कि जल्द ही एक एडवाइजरी जारी की जाएगी ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके.
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