ट्रंप ने क्यों बीच में छोड़ दिया इंटरव्यू, पत्रकार को कहा 'बेईमान और बेवकूफ़'

    • Author, ब्रजेश उपाध्याय और डल्सी ली
  • प्रकाशित
  • पढ़ने का समय: 5 मिनट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एनबीसी के एक इंटरव्यू के दौरान अचानक बातचीत बीच में ही ख़त्म कर दी. कार्यक्रम की होस्ट क्रिस्टन वेल्कर बार-बार उनके (ट्रंप के) कई दावों पर सवाल उठा रहीं थीं.

रविवार को प्रसारित हुए कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' में ट्रंप ने दावा किया कि कैलिफोर्निया में चल रहे प्राइमरी चुनाव और साल 2020 का अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव दोनों ही "धांधलीपूर्ण" थे.

जब वेल्कर ने कैलिफोर्निया चुनावों में धांधली के दावे के समर्थन में सबूत मांगे, तो ट्रंप ने कहा, "मुझे बस देखना और सुनना भर है."

इस पर वेल्कर ने कहा, "यह सबूत नहीं है." इसके बाद ट्रंप ने मीडिया पर "बेईमान" होने का आरोप लगाया और इंटरव्यू समाप्त करते हुए कहा, "माफ़ कीजिए, अब इसे यहीं ख़त्म करते हैं. मेरे लिए बहुत हो गया."

बात कहां से बिगड़ी

पारंपरिक मीडिया संस्थानों के साथ ट्रंप के संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं. वह अक्सर उन पर अपने ख़िलाफ़ पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते रहे हैं.

यह इंटरव्यू विस्कॉन्सिन में किसानों के एक कार्यक्रम के दौरान एक बार्न में रिकॉर्ड किया गया था. तकनीकी समस्याओं और मेटल की छत पर बारिश की तेज आवाज़ के कारण इसकी रिकॉर्डिंग कई बार बाधित हुई.

एनबीसी के अनुसार, ट्रंप ने शुक्रवार को इंटरव्यू शुरू होने के लगभग 50 मिनट बाद इसे बीच में छोड़ दिया.

इंटरव्यू का बड़ा हिस्सा ईरान के साथ जारी तनाव और संघर्ष पर केंद्रित रहा.

वेल्कर के सवालों के जवाब में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए कार्रवाई करनी ज़रूरी थी और यह "अंतहीन युद्ध" नहीं होगा.

उन्होंने कहा, "हम वहां कुछ महीनों के लिए रहेंगे और उसके बाद ख़तरा काफ़ी हद तक समाप्त हो जाएगा."

सेट छोड़कर जाने से क़रीब छह मिनट पहले, ट्रंप और वेल्कर के बीच तथाकथित "एंटी-वेपनाइजेशन फंड" पर चर्चा हुई.

यह अब वापस ले ली गई एक योजना थी, जिसके तहत 1.8 अरब डॉलर (लगभग 1.3 अरब पाउंड) का कोष बनाया जाना था, ताकि उन लोगों को मुआवजा दिया जा सके जो दावा करते हैं कि सरकार ने उनके ख़िलाफ़ अनुचित तरीके से जांच या कार्रवाई की.

इस प्रस्ताव की डेमोक्रेट्स के साथ-साथ कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने भी कड़ी आलोचना की थी. उनका तर्क था कि इससे उन लोगों को भी भुगतान मिल सकता है, जिन पर 6 जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद भवन (कैपिटल) में हुए दंगे के संबंध में मुक़दमे चलाए गए थे.

'वे बेईमान हैं, बिल्कुल आपकी तरह'

इसके बाद बातचीत उस दंगे पर पहुंची और जब डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2020 के चुनाव में धांधली का अपना पुराना, बिना सबूत वाला दावा दोहराया, तो क्रिस्टन वेल्कर ने उन्हें चुनौती दी.

ट्रंप ने फिर कैलिफोर्निया के प्राथमिक चुनावों का ज़िक्र किया, जहां गवर्नर सहित कई पदों के लिए नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में कौन से दो उम्मीदवार होंगे, यह तय करने के लिए वोटों की गिनती जारी थी.

उन्होंने कहा कि चार दिन बाद भी परिणाम घोषित नहीं हुए हैं और आरोप लगाया, "वे चुनाव में धांधली कर रहे हैं."

इस पर वेल्कर ने पूछा, "क्या आपके पास इसके समर्थन में कोई सबूत है?"

ट्रंप ने जवाब दिया, "मुझे सिर्फ देखना और सुनना है."

वेल्कर ने बीच में टोका, "लेकिन यह कोई सबूत नहीं है."

कैलिफोर्निया में अंतिम परिणाम घोषित होने में अक्सर समय लगता है, क्योंकि वहां मतगणना की प्रक्रिया बेहद विस्तृत होती है और डाक मतपत्रों (मेल-इन बैलेट्स) का व्यापक उपयोग किया जाता है.

मेल-इन वोटिंग लंबे समय से ट्रंप की आलोचना का विषय रही है.

ट्रंप ने आगे कहा, "वे बेईमान हैं, बिल्कुल आपकी तरह."

इस पर वेल्कर ने जवाब दिया, "निष्पक्षता की बात करें तो मैं बेईमान नहीं हूं. लेकिन आइए बातचीत जारी रखें."

इसके बाद ट्रंप ने उनसे कहा, "या तो आप बेईमान हैं या फिर बेवकूफ़."

इंटरव्यू को बीच में छोड़ा

कुछ और तीखी बहस के बाद उन्होंने कहा, "अब इसे यहीं ख़त्म करते हैं. मेरे लिए बहुत हो गया. शुक्रिया डार्लिंग, आपका समय अच्छा बीते."

वेल्कर ने इंटरव्यू जारी रखने की कोशिश की, लेकिन ट्रंप ने उन्हें बीच में रोकते हुए कहा, "मैं आपके साथ एक घंटे तक बारिश में बैठा रहा हूं, रुक-रुक कर बारिश में. मैंने आपको पर्याप्त समय दिया है."

उन्होंने आगे कहा, "आपको अपने प्रेस को सुधारना चाहिए, क्योंकि एक देश कभी महान नहीं बन सकता अगर उसकी प्रेस बेईमान हो."

इसके बाद उन्होंने कैमरे के पीछे मौजूद लोगों की ओर इशारा करते हुए कहा, "चलिए, अब चलते हैं," और खड़े होकर सेट से बाहर चले गए.

इंटरव्यू प्रसारित होने के बाद वेल्कर ने कहा, "शनिवार को मेरी राष्ट्रपति ट्रंप से बात हुई थी और हमने दोनों ने स्वीकार किया कि बारिश की वजह से इंटरव्यू के दौरान कई व्यावहारिक मुश्किलें आई थीं. उन्होंने मुझसे 'मीट द प्रेस' के लिए फिर से बैठकर बातचीत करने पर सहमति जताई है."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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